शनिवार, 18 मार्च 2017

घर बैठे एेसे बनाएं पिज्जा देखे रेसपी

नई दिल्ली. पिज्जा एक ऐसी डिश है जो बच्चे समेत बड़े भी खाना पसंद करते हैं और इसे खाने का मन अकसर ही करता है पर हम इसलिए इसे ज्यादा नहीं खाते क्योंकि ये जंक फूड है और इसे खरीदने में बहुत पैसे खर्च हो जाते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं उस रेसेपी के बारे में जिससे आप घर पर ही कम कर्च में हेल्दी पिज्जा बना सकते हैं। आवश्यक सामग्री पिज्‍जा बेस बनाने के लिए 2 कप मैदा 1 चम्मच चीनी 1 चम्मच यीस्ट नमक स्वादानुसार 2 टेबल स्पून आलिव ऑयल पिज्‍जा की टापिंग के लिए 1 शिमला मिर्च 3 बेबी कार्न 1 छोटा प्‍याज आधा कप पिज्जा सास आधा कप मोजेरीला चीज छोटी चम्मच इटेलियन मिक्स हर्ब्स बनाने की विधि पहले मैदे को एक बॉउल में छान कर उसमें यीस्ट, नमक, चीनी और आलिव ऑयल डालकर अच्‍छी तरह मिला लें उसके बाद इस मिक्‍सचर में गुनगुना पानी डालकर आटे जैसा गूंथ लें और पिज्‍जा बेस के लिए इस आटे को 5-7 मिनट तक गूंथ कर चिकना कर लें। एक बॉउल में हल्‍का सा तेल लगाकर उसमें इस आटे को ढककर 2 घंटे के लिए अलग रख दें और फिर लगबग 2 घंटे बाद इस आंटे को चेक करें देखें क आटा फूला या नहीं अगर हां तो यह पिज्‍जा बनाने के लिए तैयार है। अब बेबी कार्न को को छोटे गोल टुकड़ों में काट लें और शिमला मिर्च से बीज निकाल कर इसे लंबा और पतला काट लें और प्‍याज को भी लंबा काट लें, कटी हुई सब्‍जियों को तवे पर डाल कर हल्‍का भून लें और आटे को आधा तोड़ लें और इसकी गोल लोई बनाएं और उसे सूखे मैदे में लपेट कर मोटा बेल लें। नानस्टिक पैन या तवे को गरम करें और उस बेले हुए पिज्‍जा बेस को डाल दें। इसपर ढक्कन रख कर 2 मिनट के लिए या फिर पिज्‍जा की निचली सतह को हल्का ब्राउन होने तक धीमी आंच पर सेंक लें। जब पिज्‍जा की निचली सतह हल्की ब्राउन हो जाए तो इसे पलट दें और गैस को बिलकुल धीमा कर दें। अब पिज्‍जा टॉपिंग करने के लिए इस पर पहले पिज्‍जा सॉस की लेयर लगाएं और फिर शिमला मिर्च, बेबी कार्न और प्‍याज को थोड़ी-थोड़ी दूर पर रख दें। इसके बाद इसके ऊपर मोजेरेला चीज डाल दें और पिज्‍जा को धीमी आंच पर ही 5-6 मिनट के लिए सेंक लें। इसे हर 2 मिनट में चेक करते रहें, चीज के मेल्ट होने तक इसे सेंक लें। गरमागर्म यम्‍मी तवा पिज्‍जा तैयार है, इस पर हर्ब्‍स डालकर सर्व करें।" - घर बैठे ऐसे बनाएं टेस्टी पिज्जा, देखें रेसिपी http://tz.ucweb.com/3_1fEf7

अभी अभी मोदी सरकार ने उठाया नोटबंदी से भी बडा कदम हिल गया पुरा देश

"अभी अभी: मोदी सरकार ने उठाया नोटबंदी से भी बड़ा कदम, हिल गया पूरा देश Ujjawal Prabhat नरेंद्र मोदी सरकार ने वित्तीय घाटे पर नियंत्रण पाने के लिए तरकीब ढूंढ ली है। शत्रु संपत्ति विधेयक 2016 के पारित होने के बाद सरकार को एक लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा। इस बिल से कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी के ऑफिस को शत्रु संपत्ति बेचने की शक्ति मिलेगी, जिसकी पुराने एनिमी प्रॉपर्टी ऐक्ट, 1968 के तहत अनुमति नहीं थी। बड़ा खुलासा: राजनीतिक पंडित के अनुसार 2019 तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी कांग्रेस 1968 के ऐक्ट के जरिए नियुक्त किए गए इस ऑफिस को 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद बची शत्रु संपत्तियों की रखवाली, प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई थी। गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इस ऑफिस को अब इसके पास मौजूद संपत्तियों के निपटारे की ताकत मिल गई है। संसद के सिलेक्ट कमिटी की रिपोर्ट में उपलब्ध कराए गए डेटा से पता चलता है कि देश में पाकिस्तानी नागरिकों की 11,882 एकड़ में फैली 9,280 अचल संपत्तियां हैं। कस्टोडियन ऑफिस के पास मौजूद इन अचल संपत्तियों की कुल कीमत 1,04,340 करोड़ रुपये हैं। कस्टोडियन ऑफिस के पास मौजूद चल संपत्तियों में 266 लिस्टेड कंपनियों में 2,610 करोड़ रुपये की वैल्यू के शेयर्स, 318 अनलिस्टेड कंपनियों में 24 करोड़ रुपये की वैल्यू के शेयर्स, 0.4 करोड़ रुपये के गोल्ड और ज्वैलरी, 177 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस, गवर्नमेंट सिक्यॉरिटीज में 150 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट और फिक्स्ड डिपॉजिट्स में 160 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इसके अलावा कस्टोडियन ऑफिस के पास चीनी नागरिकों की 149 अचल संपत्तियां भी हैं, जो पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और दिल्ली में मौजूद हैं। ईटी इंटेलिजेंस ग्रुप' की ओर से 2008 में किए गए एक विश्लेषण में पता चला था कि कस्टोडियन ऑफिस के पास मौजूद शेयर्स विप्रो, सिप्ला, एसीसी, टाटा ग्रुप, डीसीएम ग्रुप, बॉम्बे बर्मा ट्रेडिंग कंपनी, बल्लारपुर इंडस्ट्रीज, डीएलएफ, एचयूएल, आईटीसी, बजाज इलेक्ट्रिकल्स, इंडिया सीमेंट और आदित्य बिड़ला जैसी लिस्टेड कंपनियों में हैं। सांसद और सिलेक्ट कमिटी के अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव ने बताया, 'कस्टोडियन ऑफिस के पास शत्रु संपत्ति को बेचने के साथ ही इन पर अवैध कब्जा करने वालों को निकालने की भी शक्ति है।' संदर्भ पढ़ें" - अभी अभी: मोदी सरकार ने उठाया नोटबंदी से भी बड़ा कदम, हिल गया पूरा देश http://tz.ucweb.com/3_1fCxX

अश्विन और उनकी वाईटफील्ड की कार हादसे मे हुई मौत स्तब्ध हुआ खेल जगत

चेन्नई, 18 मार्च (CNMSPORTS)| फॉर्मरूला-4 रेसिंग विजेता अश्विन सुंदर और उनकी पत्नी निवेदिता की शनिवार को कार दुघर्टना में मौत हो गई। कार ने सड़क किनारे पेड़ से टकराने के बाद आग पकड़ ली जिससे इस दम्पत्ति की मौत हो गई। PHOTOS: लाइव मैच के दौरान वायरल हुए कुछ फोटोज यह भी पढे ► वेलिंगटन टेस्ट : साऊथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हराया सूचना के मुताबिक, दोनों लोग सुबह 3:30 बजे अपने घर को लौट रहे थे तभी उनका बीएमडब्ल्यू कार ने सैंटहोम हाई रोड पर पेड़ से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई। पुलिस अधिकारी ने बताया है कि अश्विन और उनकी पत्नी आग लगने के बाद कार का दरवाजा नहीं खोल सके। भारती मोटर स्पोर्ट्स क्लब महासंघ (एफएमएससीआई) के अध्यक्ष अकबर इब्राहिम ने ट्वीट कर लिखा है, "यह मोटर स्पोर्ट्स के लिए दुखद दिन है। मैं अश्विन को तब से जानता हूं तब वह बच्चे थे। मैंने उन्हें खेल के सभी प्रारुपों में आगे बढ़ते हुए देखा है। भगवान उनकी और उनकी पत्नी की आत्मा को शांती दे।" 31 साल के अश्विन ने रेसिंग में कई खिताब अपने नाम किए हैं। 2006 में उन्हें भारत में 115सीसी 4-स्ट्रोक खिताब जीतने के बाद चैम्पियंस ऑफ चैम्पियंस का खिताब मिला था। 2012 और 2013 में वह बिना किसी विवाद के देश के एफ4 चैम्पियन बने थे। उनकी पत्नी पेशे से डॉक्टर थीं। रास्ते से गुजर रहे लोग वहां एकत्रित हो गए लेकिन वह इस दम्पत्ति को बचाने में असमर्थ थे। वहां मौैजूद लोगों में से एक ने चेन्नई पुलिस को इस बात की खबर दी। दमकल विभाग की टीम ने पहुंच कर आधा घंटे तक आग बुझाने की कोशिश की लेकिन वह अंत में असफल हुए। उनके हिस्से अश्विन और उनकी पत्नी का जला हुआ शव ही आया। बाद में पता चला की अश्विन और उनकी पत्नी एमआरसी नगर में अपने एक दोस्त के यहां से लौट रहे थे। संदर्भ पढ़ें रिपोर्ट 347डिसलाइक" - BREAKING: अश्विन औऱ उनकी वाइफ की कार हादसे में हुई मौत, स्तब्ध हुआ खेल जगत http://tz.ucweb.com/3_1f7X5

शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ ले सकते है ये 5 बडे़ फैसले

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश के सीएम पद के लिए योगी आदित्यनाथ के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी है. योगी आदित्यनाथ ने भी राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद उत्तर प्रदेश को सुशासन के राज पर चलाने की बात कही है. लेकिन सवाल ये है कि योगी आदित्यनाथ सीएम पद की शपथ लेने के बाद किन मुद्दों को प्राथमिकता देंगे. बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र में किसानों की कर्जमाफी, अवैध कत्लखानों को बंद करने और एंटी रोमियो दल जैसे मुद्दों को जगह दी थी. ऐसे में यूपी के नए सीएम इन मुद्दों को प्राथमिकता दे सकते हैं. किसानों की कर्जमाफी बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में ‘सभी लघु और सीमान्त किसानों के फसली कर्जमाफी’ को सबसे खास जगह दी है. ऐसे में सीएम योगी रविवार को शपथ लेने के बाद फसली कर्ज माफ करने का ऐलान कर सकते हैं. इसके साथ ही गन्ना किसानों का पैसा 14 दिन के भीतर दिए जाने की व्यवस्था कर सकते हैं. अवैध कत्लखाने बंद होंगे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी हर चुनावी रैली में अवैध कत्लखाने बंद करवाने का वादा किया. ऐसे में योगी आदित्यनाथ यूपी के 316 बूचड़खानों को बंद कराने का फैसला ले सकते हैं. एंटी रोमियो दल पर काम बीजेपी के एजेंडे में एंटी रोमियो स्क्वायड भी काफी ऊपर है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो दल बनाने पर भी विचार शुरू हो गया है. कट्टर हिंदूवादी नेता की छवि वाले योगी आदित्यनाथ इस फैसले पर जल्द ही काम शुरू कर सकते हैं. राम मंदिर पर भी काम होने की संभावना बीजेपी के मेनीफेस्टों में राम मंदिर निर्माण का जिक्र नहीं है लेकिन योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने और भारी बहुमत की स्थिति में राम मंदिर एक बार फिर बीजेपी के एजेंडे में शामिल हो सकता है." - शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ ले सकते हैं ये 5 बड़े फैसले http://tz.ucweb.com/3_1f7xV

कुर्सी मिलतें ही योगी ने के सामने रखी बडी शर्त ,पीयम ने हंस कर कहा OK

लखनऊ आखिरकार यूपी की सियासत के सबसे बड़े सवाल पर विराम लग गया। 11 मार्च को आए चुनावी परिणाम के बाद से ही यूपी में सीएम के की कुर्सी को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन शनिवार को लोकभवन में हुई विधायकों की बैठक में यूपी के कद्दावर नेता और पांच बार गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ के नाम पर अगले सीएम के लिए मुहर लग गई। बैठक में मौजूद सूत्रों की मानें तो इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सबसे ज्यादा मजा तब आया जब अपने नाम का ऐलान होते ही योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को काफी बड़ा राज्य बताते हुए पीएम मोदी के सामने एक अजब शर्त रख दी। हालांकि, इस शर्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हंसते-हंसते हामी भर दी। योगी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलते ही उन्होने दो उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने की बात कही। जिस पर पीएम मोदी समेत तमाम विधायकों ने हामी भर दी। योगी का कहना था कि चूँकि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और इसे अकेले संभालना कठिन काम है। बता दें, योगी की इस शर्त के बाद उत्तर प्रदेश में एक मुख्यमंत्री होने के साथ साथ दो उपमुख्यमंत्री भी होंगे। जिसके बाद यूूपी का राजनीतिक इतिहास भी बदल जाएगा। क्योंकि इतिहास में पहली बार होगा जब किसी राज्य में दो एक मुख्यमंत्री समेत दो डेप्युटी सीएम होंगे। दो उपमुख्यमंत्री में पहला नाम दिनेश शर्मा और दूसरा नाम यूपी के भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का है।" - कुर्सी मिलते ही योगी ने मोदी के सामने रखी बड़ी शर्त, पीएम ने हंस कर कहा OK http://tz.ucweb.com/3_1f6vL

योगी आदित्यनाथ होगें युपी के मुख्यमंत्री केशव मौर्य और दिनेश शर्मा होगें डिप्टी CM

करीब एक हफ्ते तक माथापच्ची के बाद यूपी के सीएम के नाम पर बीजेपी विधायक दल की बैठक में योगी आदित्यनाथ के नाम पर मुहर लग गई है, यानी योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री होंगे. कल दोपहर सवा दो बजे लखनऊ में योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी होगी, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे. इसके अलावा 50 हजार लोगों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है. कॉनक्लेव अपडेट्स: - जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू को आमंत्रण भेजा गया है. - एनडीए के सभी सहयोगी दलों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है. - सुरेश खन्ना ने योगी आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा: वेंकैया नायडू - शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद रहेंगे. - रविवार को दोपहर 2.15 बजे लखनऊ के स्मृित उपवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. - वेंकैया नायडू ने कहा कि योगी आदित्यनाथ रविवार को यूपी के सीएम पद की शपथ लेंगे. - यूपी के प्रभारी वेंकैया नायडू ने विधायक दल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगी आदित्यनाथ के नाम का ऐलान किया. - केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम होंगे. - मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योगी आदित्यनाथ को बधाई दी. - लखनऊ में चल रही बीजेपी विधायक दल की बैठक खत्म हो गई है. सभी विधायक बैठक से बाहर निकल रहे हैं. - बैठक में योगी आदित्यनाथ को विधायक दल का नेता चुना गया. - योगी आदित्यनाथ के समर्थकों में उत्साह का माहौल. - योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे. विधायक दल की बैठक में मुहर लगी. - विधायक दल की बैठक में विधायकों ने योगी आदित्यनाथ का ताली बजाकर किया स्वागत. - योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा बढ़ाई गई. - लखनऊ में विधायक दलों की बैठक शुरू हो गई है. ...इसलिए CM की रेस में सबसे आगे निकल गए योगी आदित्यनाथ -लखनऊ के VVIP गेस्ट हाउस में योगी आदित्यनाथ और यूपी बीजेपी के प्रभारी वेंकैया नायडू के बीच खत्म हो गई है. दोनों विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए निकले - गेस्ट हाउस में चल रही बैठ में हिस्सा लेने के लिए अनुप्रिया पटेल और केशव प्रसाद मौर्य भी पहुंचे. -विधायक दल की बैठक से पहले लखनऊ के VVIP गेस्ट हाउस में योगी आदित्यनाथ और यूपी बीजेपी के प्रभारी वेंकैया नायडू के बीच इस वक्त एक बैठक चल रही है. -इस बीच अब योगी आदित्यनाथ सीएम की सबसे में सबसे आगे बताये जा रहे हैं. जबकि खबर मिल रही है कि बीजेपी यूपी में दो लोगों को डिप्टी सीएम बना सकती है. PHOTOS: योगी आदित्यनाथ बाघ के बच्चे के साथ, बाकी तस्वीरें भी जबर्दस्त आदित्यनाथ ने की थी अमित शाह से मुलाकात इससे पहले यूपी में सीएम पद को लेकर जारी रस्साकसी के बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सांसद आदित्यनाथ को चार्टर प्लेन से दिल्ली बुलाया. दोनों के बीच दिल्ली में सीएम चेहरे को लेकर बातचीत हुई. इससे पहले शनिवार सुबह केशव प्रसाद मौर्य बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के घर पहुंचे. इस दौरान मौर्य के साथ बीजेपी प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा भी मौजूद थे. इसके अलावा शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के नाम सीएम के तौर पर सामने आ रहे थे.

शुक्रवार, 17 मार्च 2017

क्यों बने सबकी पसंद मनोज सिन्हा जाने उनकी पाँच खुबियाँ

यूपी में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बीजेपी के अंदर माथापच्ची हो रही थी. कई केंद्रीय मंत्री से लेकर राज्य ईकाई के नेताओं के नाम सामने आ रहे थे. इस बीच खबर खबर आ रही है कि मनोज सिन्हा के नाम पर पार्टी के अंदर आम सहमति बन गई है. मनोज सिन्हा के नाम पर PMO से हरी झंडी मिली है. मिल रही जानकारी के मुताबिक मनोज सिन्हा के नाम का औपचारिक ऐलान शनिवार को किया जाएगा. दरअसल शनिवार को लखनऊ में बीजेपी विधायक दल की बैठक होने वाली है. जिसमें मनोज सिन्हा के नाम पर मुहर लगाई जाएगी. जबकि 19 मार्च को पीएम मोदी की मौजूदगी में दोपहर करीब सवा दो बजे उत्तर प्रदेश की नई सरकार शपथ लेगी. 1. छात्र नेता का बैकग्राउंड मनोज सिन्हा संचार मंत्री, रेल राज्य मंत्री के साथ-साथ एक सिविल इंजिनियर भी हैं. सिन्हा आईआईटी बीएचयू के छात्र रहे हैं. बीएचयू में छात्र नेता के तौर पर वे काफी सक्रिय रहे. 2. मोदी से करीबी रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के करीबी माने जाते हैं. पीएम मोदी और मनोज सिन्हा के बीच आरएसएस के दिनों से ही अच्छे संबंध हैं. जब मोदी प्रचारक थे तब मनोज सिन्हा के गांव आते थे. पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब वह मनोज सिन्हा का प्रचार करने गाजीपुर जाया करते थे. 3. साफ सुथरी छवि आईआईटी बीएचयू से पढ़े मनोज सिन्हा की छवि काफी साफ सुथरी है. मनोज सिन्हा राजनीति में सक्रिय रहे और सिन्हा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष भी थे और साल 1996 में सिन्हा पहली बार सांसद बने थे. विवादों से अक्सर दूर रहने वाले मनोज सिन्हा मोदी सरकार में अहम रोल निभा रहे हैं. 4. मनोज सिन्हा के काम से मोदी खुश प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में पिछली मुलाकात में सिन्हा के काम और रेल मंत्री के रूप में काफी सराहना की थी और कहा था कि मनोज सिन्हा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश विशेषकर वाराणसी के विकास के लिए बढ़िया काम किया है. 5. सरल स्वभाव मनोज सिन्हा लोकसभा में तीन बार भाजपा सांसद रहे हैं वह लोअर हाउस में गाजीपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं. मनोज सिन्हा भूमिहार जाति से हैं. मनोज सिन्हा अपने सरल स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं.