मंगलवार, 11 अप्रैल 2017

भारत के PM मोदी## हनुमान की तरह काम करे राम से कभी नही पुछते थे हनुमान

पीएम मोदी ने मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में सांसदों से कहा कि वे हनुमान की तरह काम करें. आज हनुमान जयंती के मौके पर हनुमान की भक्ति के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'जिस तरह लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान जड़ी-बूटी लेने चले गए, उसी तरह आप किसी निर्देश का इंतज़ार न करें. खुद से आगे बढ़ कर काम करें. सरकार के कामकाज को जनता तक ले जाएं.' सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा, 'सांसद अपने क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएं. मोदी की जय-जयकार ही क्यों हो, सांसद की जय-जयकार क्यों नहीं हो.' पीएम ने ये भी कहा कि पूरे रामायण में हनुमान ने कभी भी भगवान राम से सवाल नहीं पूछा, हमेशा उनके चरणों में रहे शीश झुकाये रहे. सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी ने मीटिंग में सांसदों से कहा कि हनुमान की भूमिका में सभी आ जाएं. जिस तरह हनुमान ने कभी कुछ लिया नहीं, सिर्फ दिया उसी तरह जनता के बीच जाकर देने का काम करें. बैठक में पीएम मोदी के भाषण के बारे में बीजेपी नेता अनंत कुमार ने कहा, 'पीएम ने हनुमान जयंती पर हम सबको बधाई दी. उन्होंने हनुमान को भक्ति और शक्ति की प्रेरणा बताया. उcmन्होंने बजट सत्र को सार्थक बताया. उन्होंने लोकसभा में 21 और राज्यसभा में 14 बिल पारित होने पर सबको बधाई दी. यूपी की जीत का जिक्र कर पीएम ने कहा कि एनडीए और बीजेपी के प्रति देश में सकारात्मक माहौल है, विकास के लिए स्वर्णिम अवसर है. इस अवसर पर वेंकैया नायडू ने बताया कि पार्टी के तीन साल पूरे होने पर क्या-क्या कार्यक्रम किए जा सकते हैं.

सोमवार, 10 अप्रैल 2017

2 लाख लगाकर शुरु करें मोती की खेती, इन्कम 1 लाख रु महीने

अगर आप छोटी सी लागत से लाखों कमाना चाहते हैं, तो आपके लिए मोती की खेती एक बेहतर विकल्‍प हो सकती है। मोती की मांग इन दिनों घरेलू और इंटरनेशनल मार्केट में काफी अधिक है, इसलिए इसके अच्‍छे दाम भी मिल रहे हैं। आप महज 2 लाख रुपए के निवेश से इससे करीब डेढ़ साल में हर महीने 1 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसे करें मोती की खेती से कमाई... 20 हजार रुपए से शुरू हो सकती है खेती - मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है। यहां भी आपको सीप से ही मोती बनाना है। मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है। इसके लिए आपको 500 वर्गफीट का तालाब बनाना होगा। - तालाब में आप 100 सीप पालकर मोती उत्‍पादन शुरू कर सकते हैं। प्रत्‍येक सीप की बाजार में कीमत 15 से 25 रुपए होती है। इसके लिए स्‍ट्रक्‍चर सेट-अप पर खर्च होंगे 10 से 12 हजार रुपए, वाटर ट्रीटमेंट पर 1000 रुपए और 1000 रुपए के आपको इंस्‍ट्रयूमेंट्स खरीदने होंगे। लाखों में हो सकती है कमाई - 15 से 20 महीने बाद एक सीप से एक मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है। बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक इंटरनेशनल मार्केट में मिल जाती है। इस तरह अगर एक मोती की औसत कीमत आप 800 रुपए भी मानते हैं तो इस अवधि में 80,000 रुपए तक कमा सकते हैं। - सीप की संख्‍या आप बढ़ाकर अपने संसाधनों के आधार पर कर सकते हैं। मसलन अगर 2000 सीप पालते हैं तो इस पर खर्च करीब 2 लाख रुपए आएगा। इस हिसाब से आप 15 से 20 महीने की फार्मिंग पर हर महीने आप 1 लाख रुपए से ज्यादा कमा सकते हैं। बशर्ते आपकी मोती बेहतर क्‍वालिटी की हो। बीज डालने के लिए करनी होती है सीप की सर्जरी - सबसे पहले आपको इस खेती के लिए कुशल वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण की आवश्‍यकता होती है जो भारत सरकार के द्वारा कराया जाता है। प्रशिक्षण के बाद आपको सरकारी संस्‍थानों या मछुआरों से सीप खरीदने होंगे। सीपों को खुले पानी में दो दिन के लिए छोड़ा जाता है। इससे उनके उपर का कवच और मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। सीपों को ज्‍यादा देर तक पानी से बाहर नहीं रखना चाहिए। - मांसपेशियां ढीली होने के बाद सीपों की सर्जरी कर उनकी सतह पर 2 से 3 एमएम का छेद करके उसमें रेत का एक छोटा कण डाला जाता है। यह रेत का कण जब सीप को चुभता है तो वह उस पर अपने अंदर से निकलने वाला पदार्थ छोड़ना शुरू कर देता है। सीपों को नायलॉन के बैग में रखकर (एक बैग में 2 से 3) तालाब में बांस या पीवीसी के पाईप के सहारे छोड़ दिया जाता है। 15 से 20 महीने बाद सीप में मोती तैयार हो जाता है आप उसका कवच तोड़कर मोती निकाल सकते हैं। ग्लोबल स्तर पर है डिजाइनर मोती की डिमांड - आमतौर मोती गोल होता है लेकिन, खेती के जरिए आप मोती को डिजाइन में भी बना सकते हैं जिसकी कीमत ज्‍यादा होती है। सीप के अंदर किसी भी आकृति (गणेश, ईसा, क्रॉस, फूल, आदि) का फ्रेम डाल देते हैं, पूरी प्रक्रिया के बाद मोती यही रूप लेता है। देश विदेश में इस प्रकार के मोतियों की बहुत अधिक मांग है और यह साधारण मोती से कई गुना अधिक कीमत पर बिकते हैं। एक मोती की कीमत 2000 रुपए से 15 हजार रुपए तक हो सकती है, बशर्ते उसकी क्‍वालिटी अच्‍छी हो। सरकार कराती है ट्रेनिंग - मोती की खेती देश में बहुत पहले से की जाती रही है, लेकिन करीब 4 दशक पहले यह बिल्‍कुल न के बराबर हो गई थी। इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्‍चर रिसर्च के तहत एक नए विंग सीफा यानि सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्‍वाकल्‍चर इसके लिए निशुल्‍क ट्रेनिंग कराती है। इसका मुख्‍यालय भुवनेश्‍वर में है और यह 15 दिनों की ट्रेनिंग देता है, जिसमें सर्जरी समेत सभी कुछ सिखाया जाता है। मोती की खेती पहले समुद्र तटीय क्षेत्रों में की जाती थी लेकिन सीफा के प्रयोगों के बाद अन्‍य राज्‍य भी इसके लिए मुफीद हैं। मिलता है आसान लोन - मोती की खेती का यदि आपके पास प्रशिक्षण है तो इसे बड़े स्‍तर पर शुरू करने के लिए आप लोन भी ले सकते हैं। इसके लिए नाबार्ड और अन्‍य कमर्शियल बैंक आपको 15 सालों के लिए सिंपल इंटरेस्‍ट पर लोन उपलब्‍ध कराते हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस पर सब्सिडी की योजनाएं भी समय-समय पर चलाई जाती हैं। यदि आप इसमें कामयाब हो जाते हैं तो अपने बिजनेस को बढ़ाकर कंपनी भी बना सकते हैं और कमाई करोड़ों में कर सकते हैं। खुद बेच सकते हैं अपने मोतियों को - खेती के बाद उत्‍पाद को बेचना ही सबसे बड़ी बात होती है, लेकिन मोतियों के बारे में ऐसा बिल्‍कुल नहीं है। हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं। कई बड़ी कं‍पनियों के एजेंट देशभर में फैले होते हैं जो मोती उत्‍पादकों के संपर्क में आ जाते हैं। इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं। - इंडियन पर्ल कंपनी देश की सबसे बड़ी मोती व्‍यापार करने और प्राइवेट तौर पर ट्रेनिंग देने वाली कंपनी है। इस कंपनी या इसके जैसी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं। 20 हजार करोड़ का है मार्केट - पूरी दुनिया में इस तरह के मोतियों का कारोबार करीब 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का है। भारत में बड़ी मात्रा में मोती पैदा किए जाते हैं लेकिन, फिर भी इसे इम्पोर्ट भी किया जाता है। भारत हर साल करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक के मोती इम्पोर्ट करता है। लेकिन, जहां तक एक्‍सपोर्ट की बात है तो मोतियों का एक्‍सपोर्ट भी भारत से 100 करोड़ रुपए से अधिक का है। भारत से डिजाइनर मोतियों का ज्‍यादा एक्‍सपोर्ट होता है इसलिए आप अपने को इस तरफ भी मोड़ सकते हैं।" - http://tz.ucweb.com/4_Q3Xq

तिसरे युद्ध की तरफ बढ़ रही है दुनिया जाने कौन देश किसके साथ

सीरिया में केमिकल हमले के बाद दुनिया की दो महाशक्तियां फिर आमने-सामने है. सीरिया की असद सरकार के बचाव के लिए रूस ने अपना एक जंगी पोत भी सीरिया भेज दिया है. वहीं अमरीका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने सीरिया में विद्रोही ठिकानों पर हुए रासायनिक हमले के लिए रूस को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि रूस इस बात पर सहमत हुआ था कि वह आश्वस्त करेगा कि सीरिया के रासायनिक हथियारों का ज़ख़ीरा खत्म हो जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ. दुनिया की इन दो बड़ी शक्तियों के आमने-सामने आ जाने के बाद ये कयास लग रहे हैं कि क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के मुहाने पर है. अगर ऐसी स्थिति आती है तो कौन देश किसके साथ होगा ये सवाल भी कौंध रहा है. अमेरिका के साथ कौन-कौन से देश? सीरिया में जब 6 साल पहले अरब स्प्रिंग के प्रभाव में विद्रोह शुरू हुए थे तभी से अमेरिका असद विरोधी समूहों के पक्ष में खड़ा हो गया था. अरब का मामला है तो उसके पक्ष में सबसे पहले खड़ा दिखता है इस्राइल. इसके अलावा नैटो के सहयोदी देश- ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत कई देश अमेरिका के साथ हर अंतरराष्ट्रीय मामले पर साथ दिखते हैं. वहीं सीरिया का पड़ोसी देश तुर्की पहले से ही अमेरिका के साथ है. सीरिया बॉर्डर पर रूसी विमान के मार गिराने के कारण रूस के तुर्की का तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है. अमेरिका के सहयोगी ग्रुप-7 के सदस्य देशों के विदेश मंत्री इटली में मुलाकात कर रहे हैं. इस मीटिंग में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि रूसी सरकार पर सीरियाई राष्ट्रपति बशर-अल-असद से दूरी बनाने का दबाव किस तरह बनाया जाए. ब्रिटेन- ब्रिटेन की सरकार ने अमेरिकी हमले का पूरा समर्थन किया है. ब्रितानी रक्षा मंत्री माइकल फैलन ने अमरीकी कार्रवाई को सही और सीमित बताया. तुर्की तुर्की के राष्ट्रपति तैयप अर्दोआन ने अमरीकी कार्रवाई को सीरिया में हो रहे कथित युद्ध अपराध का सही जवाब बताया है. इस्राइल- इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर अमरीकी कार्रवाई का पूरा समर्थन किया. फ्रांस- फ्रांस वैसे अमेरिका के साथ खड़ा दिखता है लेकिन सीरिया में इसकी स्थिति पशोपेश वाली है. पेरिस में हुए आतंकी हमलों के बाद फ्रांस के युद्धक विमानों ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर बमबारी की थी लेकिन रूस के साथ तनाव की स्थिति में फ्रांस अमेरिका के साथ ही खड़ा होगा. सऊदी अरब- अमेरिका की ही तरह सुन्नी बहुल खाड़ी देश सऊदी अरब भी किसी भी कीमत पर असद को हटाने पर अड़ा है. 2013 में जब असद पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगा था तब सऊदी अरब चाहता था कि अमेरिका हस्तक्षेप करे. अमेरिका द्वारा ऐसा न करने पर सऊदी अरब नाराज था, हालांकि अब ये देश अमेरिका के नेतृत्व में आईएसआईएस के खिलाफ अभियान में शामिल है. रूसी खेमे में कौन-कौन से देश शामिल रूस, ईरान और सीरिया की सरकार अगले अमरीकी हवाई हमले की स्थिति में जवाब देने की मुद्रा में दिख रही है. अमेरिका बीते हफ्ते सीरिया के एयरबेस पर हमला कर चुका है. अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अपने एक भाषण में सीरियाई राष्ट्रपति को तानाशाह तक कह चुके हैं. सीरियाई सरकार के मुख्य सैन्य सहयोगी रूस ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन करने वाली और मनगढ़ंत आधार पर की गई आक्रामक कार्रवाई बताया. रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोफ़ ने अमरीका और रूस के पहले से खस्ताहाल संबंधों के गंभीर रूप से बिगड़ने की चेतावनी दी. हालांकि, रूस की संसद ड्यूमा ने संकेत दिए हैं कि अमरीकी कार्रवाई के बाद रूस अपने हमले तेज़ नहीं करेगा. ईरान- सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थक ईरान ने अमरीकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. इन देशों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं चीन चीनी सरकार ने सीरिया में बिगड़ते हालात पर चिंता जताई है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि किसी देश, संस्था, व्यक्ति की तरफ़ से किसी भी हालत में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का चीन विरोध करता है लेकिन सबसे ज़रूरी है कि सीरिया की हालत को और न बिगड़ने दिया जाए. भारत भारत ने सीरिया मामले पर कोई स्पष्ट रुख तो नहीं दिखाया है क्योंकि अमेरिका के साथ भी भारत के अच्छे रिश्ते हैं और रूस सबसे अहम सहयोगी है. वहीं सीरिया के साथ भी भारत के परंपरागत संबंध रहे हैं. हालांकि, भारत ने सीरिया, लीबिया जैसे देशों में अपने नागरिकों के जाने पर ट्रैवल एजवाइजरी जारी की है. भारत अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध के काल में भी तटस्थता की नीति को अपनाता रहा और किसी भी गुट में शामिल नहीं हुआ था.

रविवार, 9 अप्रैल 2017

जाने भारत के युपी राज्य के CM योगी आदित्यनाथ के 20 दिन के एक्शन

यूपी में योगी राज के 20 दिन पूरे हो गए हैं. इन 20 दिनों में सीएम योगी आदित्यनाथ पूरे एक्शन में दिखे और ताबड़तोड़ फैसलों से यूपी के सुस्त पड़े सिस्टम को दुरुस्त करने की ओर से कदम बढ़ाए हैं. सीएम योगी ने अधिकारियों से सीधे रिपोर्ट मांगी तो स्कूलों से लेकर अस्पतालों में कामकाज पर सख्ती दिखाई. योगी आदित्यनाथ 3 अप्रैल से लगातार सभी विभागों की प्रेजेंटेशन ले रहे हैं, इसमें वह बीजेपी के घोषणापत्र के मुताबिक सभी अधिकारियों से उनका एक्शन प्लॉन मांग रहे हैं. ये हैं 20 दिन में योगी के 20 बड़े फैसले जो अगर कामयाब रहे तो यूपी की तस्वीर बदल सकते हैं. 1. बिना रेन वाटर हार्वेस्टिंग के घर का नक्शा नहीं पास होगा योगी सरकार ने जल संरक्षण की दिशा में बड़ा फैसला किया है. अब बिना रेन वाटर हार्वेस्टिंग के यूपी में घर नहीं बना पाएंगे लोग. यूपी सीएम योगी अदित्यनाथ ने साफ आदेश दिया है कि बिना रेन वाटर हार्वेस्टिंग के घर का कोई नक्शा पास न किया जाए. अब घर बनाने से पहले नक्शा तभी पास होगा जब उसमे रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगा हो. 2. सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती योगी सरकार ने सरकारी डॉक्टरों को लेकर एक बड़ा फरमान जारी किया है. सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे. यूपी में ऐसा कर रहे 200 से अधिक डॉक्टरों की लिस्ट बनाई गई है. योगी सरकार ने 20 दिन में सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस छोड़ने को कहा है. इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में लोगों के इलाज की सुविधाएं बढ़ाने पर भी योगी सरकार ने जोर दिया है. 3. एसिड बेचने वालों पर डीएम देंगे रिपोर्ट योगी सरकार यूपी में एसिड बेचने पर भी कड़े कदम उठाने जा रही है. राज्य सरकार ने सभी डीएम को आदेश दिया है कि एसिड रखने और बेचने की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाए. उत्तर प्रदेश सरकार ने UP poison & sales rule के तहत 15 दिनों के भीतर सभी डीएम से रिपोर्ट तलब की है कि स्टॉक कितना है और कहां कहां बिना अनुमति के बेचा जा रहा है. सभी डीएम को निरीक्षण कर बेचने वालों की लिस्ट सौंपने को भी कहा गया है. 4. प्राइवेट स्कूलों की फीस पर चलेगी कैंची उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों में लगातार बढ़ती फीस पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार, कानून में नए प्रावधान लाने की तैयारी में है. इसके अलावा स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति पर भी लगाम लगाने की तैयारी है. इसके लिए योगी सरकार स्कूलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम भी लागने के बारे में सोच रही है. 5. न सोऊंगा, न सोने दूंगा से अधिकारियों में हड़कंप प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद नरेंद्र मोदी का यह नारा बहुत मशहूर हुआ था- न खाऊंगा, न खाने दूंगा. अब यूपी के सीएम का पद संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ की इस हुंकार की काफी चर्चा है- न सोऊंगा, न सोने दूंगा. अधिकारियों को जनता के बीच जाकर काम करने, पैदल चलकर लोगों की समस्याएं जानने और 18 घंटे तक काम करने का फरमान यूपी के प्रशासन में हड़कंप का विषय बना हुआ है. 6. बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए बड़ा प्लान पूर्वांचल से आने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को दिल्ली में अंतरराज्यीय विकास परिषद की बैठक में राज्य के पिछड़े क्षेत्रों बुंदेलखंड और पूर्वांचल में विकास के लिए केंद्र सरकार से धन की मांग की. ये मोदी के यूपी से किए गए वादे की ओर बढ़ने का संकेत है. पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि आप बीजेपी को सत्ता में लाएं हम यूपी को देश के विकास का इंजन बनाएंगे. 7. 15 जून तक गड्ढा मुक्त होंगी सड़कें सत्ता संभालते ही सीएम योगी ने अधिकारियों को सबसे पहले टारगेट दिया यूपी को 15 जून तक गड्ढा मुक्त करने का. इसके लिए CM योगी ने PWD विभाग को आदेश दिया कि सड़कों की मरम्मत के लिए दूसरे राज्यों के मॉडल से सीख ली जाए और हर हाल में ये टारगेट पूरा हो. 8. वाई-फाई से लैस होंगे यूपी के बस स्टैंड्स डिजिटल यूपी की ओर कदम बढ़ाते हुए यूपी सरकार ने यूपी के सभी बस स्टैंड्स को वाई-फाई सुविधाओं से लैस करने का आदेश दिया. परिवहन विभाग के प्रेजेंटेशन के दौरान सीएम योगी ने आम लोगों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू करने का निर्देश दिया. बसों की टाइमिंग पता लगाने के लिए जल्द ही ट्रैक माई बस ऐप भी शुरू किया जाएगा. 9. ठेको में गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके साथ चेतावनी भी दी कि अगर कोई अधिकारी या ठेकेदार गबन करेंगे, तो उनके ऊपर केस भी दर्ज होगा. गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सभी विभागों की प्रेजेंटेशन ले रहे हैं. 11 अप्रैल को यूपी सरकार की अगली कैबिनेट बैठक होनी है. 10. 3 रुपये में नाश्ता, 5 रुपये में मिलेगा खाना तमिलनाडु में अम्मा कैंटीन की तर्ज पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जल्द ही अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने जा रही है. इस भोजनालय में मात्र तीन रुपये में नाश्ता और पांच रुपये में खाना उपलब्ध कराया जाएगा. 12 अप्रैल को खुद सीएम योगी आदित्यनाथ इसका प्रेजेंटेशन देखने वाले हैं. 11. गन्ना किसानों के जल्द अच्छे दिन आएंगे उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का बकाया भुगतान जल्द कराने का फैसला लिया गया है. पिछली सरकार ने चीनी मिलों को जो अवैध तरीके से बेचा है सरकार उसकी सीबीआई जांच करवा सकती है. गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि सरकार के नेतृत्व में 80 प्रतिशत समूहों का भुगतान हो चुका है. यूपी में सभी पशुओं का मुफ्त इलाज होगा और जितने भी महंगी एंटीबायोटिक हैं, वो निशुल्क दी जाएंगी. 12. अखिलेश-माया राज की परियोजनाओं पर नजर सीएम योगी की नजर अखिलेश-माया राज की परियोजनाओं पर भी है. सीएम योगी ने गोमती रिवरफ्रंट परियोजना का खुद जाकर जायजा लिया और रुके हुए काम पर अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की. इस परियोजनाओं में गड़बड़ी के आरोपों के जांच के भी आदेश दिए गए हैं. इस कदम से सीएम योगी ने तमाम परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को संदेश दिया कि कभी भी उनका काम जांच के घेरे में आ सकता है. 13. बूचड़खानों पर लागू होंगे सख्त नियम योगी राज के शुरू होने के साथ ही यूपी में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई शुरू हो गई. मीट कारोबारी हड़ताल पर भी गए. सीएम योगी से भी मिले. इस बीच, योगी सरकार ने साफ किया कि अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. 14. एंटी रोमियो दस्ता महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर मनचलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए योगी राज में हर जिले में एंटी रोमियो दस्ते बनाए गए हैं. मनचलों के खिलाफ कई जिलों में लगातार कार्रवाई हुई. सीएम योगी ने इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि महिला सुरक्षा के साथ कोई भी नरमी नहीं की जाएगी. 15. बिजली पर ये है योगी सरकार का प्लान योगी सरकार राज्य में 24 घंटे बिजली देने के लिए पूरी जान लगा रही है. योगी ने अधिकारियों के साथ बैठक में फैसला लिया कि आने वाली 14 अप्रैल से सभी जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. तो वहीं तहसील और गांव में भी 18 घंटे बिजली दी जाएगी. इसके मद्देनजर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और यूपी के मंत्री श्रीकांत शर्मा में की बैठक भी होगी, जिसमें 2018 तक सभी जगह बिजली और तीर्थ स्थलों पर 24 घंटे बिजली की व्यवस्था की जाएगी. 100 दिनों में पांच लाख नए कनेक्शन के आदेश भी दिए गए हैं. 16. तबादले नहीं काम का मिशन योगी सरकार के सत्ता संभाले 20 दिन से ऊपर हो गए हैं लेकिन पुराने सरकार में तैनात अधिकारियों के तबादले की लिस्ट अभी तक नहीं आई है. इसके उलट सीएम योगी ने तमाम अधिकारियों से रिपोर्ट और योजना का ब्लू प्रिंट हासिल किया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने रोज 18 से 20 घंटे काम करके राज्य सरकार के आला अधिकारियों को कठिन परिश्रम का साफ संदेश दे दिया है. राज्य की नौकरशाही को संभवत: समझ आ चुका है कि उन्हें देर रात भी तलब किया जा सकता है. मुख्यमंत्री बनते ही योगी ने साफ शब्दों में अधिकारियों को संकेत दिया था कि जो हर रोज 18 से 20 घंटे काम करने के लिए तैयार नहीं हैं, वे जाने के लिए स्वतंत्र हैं. 17. किसानों की कर्ज माफी का फैसला 4 अप्रैल को अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ही योगी सरकार ने किसानों का 1 लाख तक का फसल कर्ज माफ करने का फैसला किया. इस फैसले के तहत योगी सरकार ने किसानों का 36,359 करोड़ का कर्जा किया माफ. इसके अलावा सरकारी केंद्रो के जरिए किसानों से सीधे गेंहूं खरीद का भी सरकार ने फैसला लिया है. 18. आलू उत्पादकों को भी बड़ी राहत प्रदेश सरकार ने सूबे के आलू उत्पादकों को भी बड़ा तोहफा दिया है. प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सूबे के किसानों के बचे हुए आलू 487 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एक एजेंसी करेगी. इससे उनके बचे हुए आलू बर्बाद नहीं होंगे. 19. निवेश के लिए 'सिंगल विंडो सिस्टम' यूपी सरकार ने राज्य में उद्योग धंधों को रफ्तार देने के लिए नई निवेश पॉलिसी जल्द लाने का ऐलान किया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इन्वेस्टमेंट का अनुकूल माहौल तैयार करने के मकसद से निवेशकों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. योगी सरकार निवेश को ध्यान में रखते हुए 'सिंगल विंडो सिस्टम' शुरू करेगी. 20. पिछली सरकार ने चीनी मिलों को जो अवैध तरीके से बेचा है सरकार उसकी सीबीआई जांच करवा सकती है.

IPL दिवानो के लिए Time tables

IPL दिवानो के लिऐ
🏆 Vivo IPL 2017 Time-Table 🏆
   Date           Tems           Time
05 April   SRH vs RCB     8pm
06 April   RPS vs MI        8pm
07 April   GL vs KKR        8pm
08 April   KXIP vs RPS    4pm
08 April   RCB vs DD        8pm
09 April   SRH vs GL        4pm
09 April   MI vs KKR         8pm
10 April   KXIP vs RCB    8pm
11 April   RPS vs DD        8pm
12 April   MI vs SRH         8pm
13 April   KKR vs KXIP     8pm
14 April   RCB vs MI         4pm
14 April   GL vs RPS         8pm
15 April   KKR vs SRH      4pm
15 April   DD vs KXIP       8pm
16 April   MI vs GL            4pm
16 April   RCB vs RPS      8pm
17 April   DD vs KKR        4pm
17 April   SRH vs KXIP    8pm
18 April   GL vs RCB        8pm
19 April   SRH vs DD        8pm
20 April   KXIP vs MI        8pm
21 April   KKR vs GL         8pm
22 April   DD vs MI           4pm
22 April   RPS vs SRH      8pm
23 April   GL vs KXIP       4pm
23 April   KKR vs RCB      8pm
24 April   MI vs RPS         8pm
25 April   RCB vs SRH      8pm
26 April   RPS vs KKR      8pm
27 April   RCB vs GL        8pm
28 April   KKR vs DD        4pm
28 April   KXIP vs SRH    8pm
29 April   RPS vs RCB      4pm
29 April   MI vs GL            8pm
30 April   KXIP vs DD       4pm
30 April   SRH vs KKR      8pm
01 May    MI vs RCB        4pm
01 May    RPS vs GL        8pm
02 May    DD vs SRH       8pm
03 MAy    KKR vs RPS     8pm
04 May    DD vs GL          8pm
05 May    RCB vs KXIP    8pm
06 May    SRH vs RPS     4pm
06 May    MI vs DD           8pm
07 May    RCB vs KKR     4pm
07 May    KXIP vs GL       8pm
08 May    SRH vs MI        8pm
09 May    KXIP vs KKR    8pm
10 May    GL vs DD          8pm
11 May    MI vs KXIP       8pm
12 May    DD vs RPS        8pm
13 May    GL vs SRH        4pm
13 May    KKR vs MI        8pm
14 May    RPS vs KXIP    4pm
14 May    DD vs RCB        8pm
16 May    Qualifier 1        8pm
17 May    Eliminator        8pm
19 May    Qualifier 2        8pm
21 May   🏆 Final 🏆     8pm

क्रिकेट प्रेमियों के लिए

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शनिवार, 8 अप्रैल 2017

यु पी योगी सरकार कीनई पहल 3रुपये मे नास्ता 5रुपये मे भोजन

"योगी आदित्यनाथ सरकार की नई पहल : सिर्फ 3 रुपये में नाश्ता, 5 रुपये में भोजन...! NDTV Khabar 08Apr.2017 10:53 नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जिस दिन से सत्ता में आई है, अपने फैसलों की वजह से चर्चा में है... कभी उनकी चर्चा सरकारी कर्मियों में अनुशासन व समयबद्धता बनाए रखने के लिए उठाए कदमों को लेकर हुई, कभी लड़कियों से छेड़खानी करने वालों के खिलाफ 'एन्टी रोमियो स्क्वाड' बनाने को लेकर... हाल ही में उन्होंने किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज़े माफ किए, और अब वह गरीबों के लिए मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा शुरू की गई दीनदयाल रसोई योजना एवं तमिलनाडु की भूतपूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा शुरू की गई 'अम्मा कैन्टीन' की तर्ज पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने जा रही है, जिसमें मात्र तीन रुपये में नाश्ता और पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. मीडिया रिपोर्टों में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अन्नपूर्णा भोजनालय का मसविदा प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है, और मुख्य सचिव को उसके बारे में विस्तृत प्रेज़ेंटेशन भी दिया जा चुका है. मीडिया रिपोर्टों पर यकीन करें, तो 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी इस प्रेज़ेंटेशन को देखने वाले हैं. योजना के तहत सुबह का नाश्ता तथा दिन और रात का भोजन करवाया जाएगा. योजना के अंतर्गत नाश्ते में दलिया, इडली-सांभर, पोहा और चाय-पकौड़ा दिया जाएगा, और भोजन के समय रोटी, मौसमी सब्ज़ियां, अरहर की दाल और चावल मिलेंगे. योजना के तहत अन्नपूर्णा भोजनालय राज्य के सभी नगर निगम क्षेत्रों में खोले जाएंगे. सूत्रों ने बताया है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ये भोजनालय उन्हीं जगहों पर खोलने की कोशिश करेगी, जहां गरीबों और मेहनतकश लोगों की तादाद ज्यादा हो. गौरतलब है कि एक अन्य भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित मध्य प्रदेश में 7 अप्रैल, यानी शुक्रवार को ही दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत सिर्फ पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. शिवराज सिंह चौहान सरकार के अनुसार, दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना शुरू करने का मकसद बड़े शहरों में दूरदराज़ के गांवों और अन्य सूबों से आए मज़दूरों के अलावा गरीबों को कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना है." - योगी आदित्यनाथ सरकार की नई पहल : सिर्फ 3 रुपये में नाश्ता, 5 रुपये में भोजन...! http://tz.ucweb.com/4_CUvE