गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

गैस सिलेंडर में एक फायदे की बात छुपी होती , अक्सर नहीं बताते डिस्ट्रीब्यूटर

रसोई गैस के लिए प्रयोग होने वाले सिलेंडर में एक फायदे की बात छुपी होती है। लेकिन, ये फायदे की बात डिस्ट्रीब्यूटर कंज्यूमर्स को नहीं बताते। दरअसल, सिलेंडर खरीदते वक्त ही उसका बीमा यानी इंश्योरेंस हो जाता है। 50 लाख रुपए तक होने वाले इस इंश्योरेंस की जानकारी लोगों को नहीं होती। सिलेंडर का इंश्योरेंस इसकी एक्सपायरी से जुड़ा होता है। अक्सर लोग सिलेंडर की एक्सपायरी डेट की जांच किए बिना ही इसे खरीद लेते हैं। लेकिन सिलेंडर की एक्सपायरी भी होती है, इस बात जानकारी भी डिस्ट्रीब्यूटर्स नहीं देते। दिलचस्प है कि तकरीबन पांच प्रतिशत सिलेंडर एक्सपायर्ड या एक्सपायरी डेट के करीब होते हैं। टेक्निकल जानकारी कम होने से ये रोटेट होते हैं। एक्सपायरी डेट औसतन छह से आठ महीने एडवांस रखी जाती है।

50 लाख तक का होता है इंश्योरेंस
गैस कनेक्शन लेते ही उपभोक्ता का 10 से 25 लाख रुपए तक का एक्सीडेंट बीमा हो जाता है। इसके तहत गैस सिलेंडर से एक्सीडेंट होने पर पीड़ित इंश्योरेंस का क्लेम कर सकता है। साथ ही, सामूहिक एक्सीडेंट होने पर 50 लाख रुपए तक देने का प्रावधान है।
सिलेंडर पर भी बदल जाती है एक्सपायरी
एक्सपायरी डेट पेंट द्वारा प्रिंट की जाती है, इसलिए इसमें हेर-फेर संभव है, क्योंकि कई बार जर्जर हालत में जंग लगे सिलेंडर पर भी एक्सपायरी डेट डेढ़-दो वर्ष आगे की होती है। एजेंसी वाले तर्क देते हैं कि यहां से वहां लाते ले जाते वक्त उठा-पटक से कुछ सिलेंडर पुराने दिखते हैं।
ऐसे करें एक्सपायरी डेट की पहचान
हो सकता है बड़ा हादसा
ले सकते हैं ऐक्शन
गैस कनेक्शन के साथ लाखों का बीमा
हाल ही में आरटीआई से खुलासा हुआ है कि गैस कनेक्शन लेते ही उपभोक्ता का 10 से 25 लाख रुपए तक का एक्सीडेंट बीमा हो जाता है। इसके तहत गैस सिलेंडर से एक्सीडेंट होने पर पीड़ित बीमे का क्लेम कर सकता है। साथ ही, सामूहिक एक्सीडेंट होने पर 50 लाख रुपए तक देने का प्रावधान है। इसके लिए एक्सीडेंट होने के 24 घंटे के भीतर संबंधित एजेंसी और लोकल थाने को सूचना देनी होगी व एक्सीडेंट में मृत्यु या घायल होने पर महत्वपूर्ण प्रमाण लेटर उपलब्ध कराना होगा।
एजेंसी अपने क्षेत्रीय ऑफिस व फिर क्षेत्रीय ऑफिस बीमा कंपनी को मामला सौंप देता है, लेकिन इस क्लेम के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना महत्वपूर्ण है। जो इस प्रकार

100 मैच खेलकर भी कभी शून्य(0) पर आउट न होने वाले 5 खिलाड़ी, टॉप पर ये 2 भारतीय दिग्गज


क्रिकेट की दुनिया मे कई ऐसे बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया है। इसी के तहत आज क्रिकेट जगत के ऐसे ही 5 खिलाड़ियों के बारे में जानेंगे जो कि लगातार 100 मैच खेलने पर भी जीरो पर कभी आउट नहीं हुए। इसमें दो भारतीय दिग्गजों का नाम भी शामिल है, जिसमें पहला नाम राहुल द्रविड़ का है और दूसरा मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही 5 खिलाड़ियों के बारे में जो कि 100 मैच खेलकर भी शून्य(0) पर आउट नहीं हुए।

1. राहुल द्रविड़

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भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़़ इस सूची में सबसे ऊपर हैं। अपने समय के भारतीय मध्यक्रम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज राहुल द्रविड़ विश्व के ऐसे एकलौते बल्लेबाज हैं जो कि 10 जनवरी से 2000 से लेकर 6 फरवरी 2004 तक लगातार 173 पारियों में शून्य पर आउट नहीं हुए।

2. सचिन तेंदुलकर

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विश्व क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को कहा जाता है, उन्होंने क्रिकेट के कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हुए हैं। वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक 49 आैर टेस्ट क्रिकेट में 51 शतक लगाने सचिन एकलौते बल्लेबाज हैं। सचिन ने 23 जुलाई 2008 से लेकर 14 नवंबर 2013 तक कुल मिलाकर लगातार 136 पारियों में शून्य(0) आउट न होने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था।

3. एलेक स्टीवर्ट

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इंग्लैंड टीम के पूर्व दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी एलेक स्टीवर्ट, जो कि अपनी टीम के सफलतम विकेटकीपर बल्लेबाज रहे हैं। एलेक ने 17 मार्च 1994 से लेकर 28 नवंबर 1998 तक लगातार 135 पारियों में शून्य पर आउट नहीं होने का रिकॉर्ड बनाया है।

4. कार्ल हूपर

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वेस्टइंडीज टीम के पूर्व दाएं हाथ के बल्लेबाज कार्ल हूपर ने ढेरों रिकॉर्ड बनाए हैं और भारत के खिलाफ अहम मैचों में भी हूपर ने बढ़िया खेल का प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने 06 दिसंबर 1997 से लेकर 23 फरवरी 2003 तक लगातार 122 पारियां खेली हैं, जिसमे से वे एक बार भी शून्य पर आउट नहीं हुए हैं।

5. जेरेमी कूनी

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न्यूजीलैंड टीम के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी जेरेमी कूनी कीवी टीम के सबसे शानदार बल्लेबाजों में से एक रहे हैं। 09 जनवरी 1983 से लेकर 28 मार्च 1987 तक वह लगातार 117 परियों में शून्य पर आउट नहीं हुए थे।

सबसे ज्यादा गेंदे खेलकर 0 पर आउट होने वाले 5 बदनसीब भारतीय बल्लेबाज, चौथा नाम चौकाने वाला

टेस्ट क्रिकेट हो या एक दिवसीय क्रिकेट, क्रीज पर मौजूद हर बल्लेबाज का सबसे पहला मकसद जल्द से जल्द अपना पहला रन पूरा करना होता है। कोई बल्लेबाज अपना पहला रन छक्के, चौके या सिंगल ले कर पूरा करता है, या कोई बल्लेबाज कई गेंदे खेलकर भी पारी का पहला रन बनाने को तरस जाता है और अंत में अपना विकेट बिना कोई रन बनाये गवां देता है। इसका नवीनतम उदाहरण हम भारत और श्रीलंका टेस्ट सीरीज के पहले मैच में देख चुके हैं जब दिनेश कार्तिक काफी देर तक श्रीलंकाई गेंदबाजों के विरूद्ध अपना पहला रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिये थे। केवल दिनेश कार्तिक ही नहीं अन्य दिग्गज भारतीय बल्लेबाज भी ऐसी परिस्थितियों में फंस चुकें है। आइए एक नजर दौड़ते है उन भारतीय बल्लेबाजों पर जो सबसे ज्यादा गेंदे खेल कर भी बिना रन बनाये शुन्य पर आउट हो गए।

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1. दिनेश कार्तिक- धर्मशाला में 10 दिसम्बर 2017 को खेले गए भारत-श्रीलंका एक दिवसीय सीरीज के पहले मैच में दिनेश कार्तिक अपने पहले रन की खोज में 18 गेंदे खेल गए पर अंत में उन्हें बिना अपना खाता खोले शून्य पर पवेलियन लौटना पड़ा।

2. एकनाथ सोलकर- इंग्लैंड के विरुद्ध 15 जुलाई 1974 को ओवल क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए एक वनडे मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज एकनाथ सोलकर 17 गेंदे खेल कर भी अपनी पारी का पहला रन नहीं पाये और शुन्य पर आउट हो गए।

3. डब्ल्यू वी रमन- जोहेन्सबर्ग,13 दिसंबर 1992, जब दक्षिण अफ्रीका के विरूद्ध बल्लेबाजी करने मैदान में उतरे डब्ल्यू वी रमन ने 16 गेंदे खेली पर अपना पहला रन ढूंढने में वे नाकामयाब रहे और 0 पर अपना विकेट गवां दिया।

4. सौरव गांगुली- सबसे ज्यादा गेंदे खेलकर शुन्य पर आउट होने बल्लेबाजों में दादा का नाम भी शुमार है। सौरव गांगुली श्रीलंका के साथ कोलंबो में एक वनडे मैच के दौरान उस वक्त आउट हो गए जब वे 16 गेंदे खेलने के बाद अपने पहले रन की खोज में थे। अंत में उन्हें बिना कोई रन बनाये मैदान छोड़ना पड़ा।

5. भुवनेश्वर कुमार- भुवनेश्वर कुमार को उनकी स्विंग गेंदबाजी के साथ-साथ अच्छी बल्लेबाजी के लिए भी याद किया जाता है। पर 11 जुलाई 2013 को पोर्ट ऑफ स्पेन में श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए भुवनेश्वर कुमार 15 गेंदे खेलकर भी अपना पहला रन बनाने में असफल रहे और शुन्य पर अपना विकेट खो दिया।

अगर हाल ही के मैच की बात करे तो दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए समय न मिल पाने के कारण दक्षिण अफ्रीका जैसे माहोल का आभास कराने के लिए भारत-श्रीलंका सीरीज में तेज पिच का निर्माण किया गया था। तब पहले वनडे मैच में 4 भारतीय बल्लेबाज शुन्य पर आउट हुए थे, जिसमे 18 गेंदों पर 0 शून्य रन बनाने वाले बल्लेबाज दिनेश कार्तिक भी शामिल थे। अब जब भारत को दक्षिण अफ्रीका की असली पिचों पर बल्लेबाजी करनी है तब क्या कार्तिक का ये रिकॉर्ड बच पाएगा या और कोई और अन्य भारतीय बल्लेबाज इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर ले

वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची

भारत के कई खिलाड़ियों ने वनडे क्रिकेट में बड़ी तेजी से रन बनाए हैं | इसीलिए आज हम उन्हीं भारतीय बल्लेबाजों की बात करेंगे जिन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं |

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भारत के युवा खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने अपने वनडे करियर में 118.73 की स्ट्राइक रेट से 602 रन बनाए हैं और इसी के साथ वह इस सूची में पहले स्थान पर हैं | यूसुफ पठान ने अपने वनडे करियर में 113.60 की स्ट्राइक रेट से 810 रन बनाए हैं और इसी के साथ वह इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं | भारत के खिलाड़ी केदार जाधव इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने अपने वनडे करियर में 109.32 की स्ट्राइक रेट से 797 रन बनाए हैं |

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भारत के खिलाडी वीरेंद्र सहवाग इस सूची में चौथे स्थान पर हैं, जिन्होंने अपने वनडे करियर में 104.44 की स्ट्राइक रेट से 7995 रन बनाए हैं | भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं, जिन्होंने अपने वनडे करियर में 95.07 की स्ट्राइक रेट से 3783 रन बनाए हैं |

इन सब खिलाड़ियों के अलावा इस सूची में सुरेश रैना, शिखर धवन और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी शामिल हैं | इन खिलाड़ियों के बारे में अपनी राय देने के लिए नीचे कमेंट करें और रोजाना क्रिकेट से जुड़ी कोई भी खबर पाने के लिए हमें फॉलो करें |

भारत केन्द्र सरकार की बड़ी जीत तीन तलाक़ पर प्रतिबंध लोकसभा में पास

नई दिल्ली। मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और हक की एक जंग सुप्रीम कोर्ट के बाद अब लोकसभा में भी जीत ली गई है। तीन तलाक को गैरकानूनी ठहराने वाला विधेयक गुरुवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया।
इससे पहले सुबह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की थी। राज्यसभा से पारित होने के बाद यह विधेयक कानून की शक्ल लेगा।
कांग्रेस के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि वहां भी विधेयक पारित कराना बहुत मुश्किल नहीं होगा। सरकार के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक जीत भी होगी।
जब कभी मुस्लिम महिलाओं के सशक्तीकरण की चर्चा होगी, उस वक्त राजीव गांधी के समय शाहबानो मामला और मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने का जिक्र जरूर होगा।
गुरुवार सुबह कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक पेश किया। राजनीतिक मजबूरी से ही सही एआइएम, मुस्लिम लीग, राजद, अन्नाद्रमुक जैसे क्षेत्रीय दलों को छोड़कर विधेयक का खास विरोध नहीं हुआ।
जाहिर तौर पर छोटे दल राजनीतिक लिहाज से अल्पसंख्यक मतों पर नजरें जमाए थे। लेकिन, कांग्रेस के लिए यह नामुमकिन था।
यही कारण है कि कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने बाहर भले ही इसका विरोध किया, पार्टी ने सदन के अंदर इसका समर्थन किया। विधेयक पर चर्चा के दौरान संशोधन भी पेश किए गए। इसे स्थायी समिति में भेजने की मांग भी हुई। लेकिन, वह खारिज हो गई।
कांग्रेस की ओर से चर्चा में भाग लेते हुए सुष्मिता देव ने पीड़ित महिलाओं के लिए अलग से फंड बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़ी है।
लेकिन, इस विधेयक पर विस्तृत विचार होना चाहिए। इसीलिए इसे स्थायी समिति को भेजना चाहिए। राजद के जयप्रकाश यादव ने तीन तलाक देने वालों के लिए तीन साल की सजा पर एतराज जताया।
ओवैसी सबसे ज्यादा मुखर विरोध में दिखे। उन्होंने इसे मूलभूत अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल भी उठाया। बीजद जैसे दलों के साथ-साथ उनका विरोध इस बात पर भी था कि जब तीन तलाक का अस्तित्व ही नहीं है, तो फिर विधेयक क्यों?
सरकार के लिए यह बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। इसका एक संकेत सुबह ही भाजपा संसदीय दल की बैठक में भी दिखा था, जहां राजीव गांधी के काल में शाहबानो को न्याय नहीं मिलने की बात कही गई।
पिछले चुनावों में मुस्लिम महिलाओं का भाजपा की ओर झुकाव की बातें आती रही हैं। सख्त कानून जाहिर तौर पर एक अहम राजनीतिक मुद्दा हो सकता है।
इसलिए पड़ी कानून की जरूरत
विधेयक पर आपत्तियों का जवाब देते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गैर कानूनी करार दिया है। फिर भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सौ मामले सामने आए हैं। उन्होंने एक खबर का जिक्र करते हुए कहा कि एक महिला को इसलिए तलाक दे दिया गया, क्योंकि वह सुबह जल्द नहीं जगी।
ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए सजा का प्रावधान जरूरी है। मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ इस संवेदना को किसी भी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम देशों ने भी कानून बनाए हैं। ऐसे में क्या हमें आखें बंद कर लेनी चाहिए।
ऐसा होगा नया कानून
- मुस्लिम वुमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा।
- यह कानून सिर्फ एक बार में तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत के मामलों में ही लागू होगा।
-कानून लागू होने के बाद एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी होगा। यह संज्ञेय और गैर जमानती अपराध होगा।
-इसमें दोषी पति को तीन साल तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है।
-तीन तलाक का हर रूप चाहे वह लिखित हो, बोला गया हो या इलेक्ट्रॉनिक रूप में हो, गैरकानूनी होगा।
-पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट की अदालत में गुजारा भत्ता और नाबालिग बच्चों की कस्टडी मांग सक

बुधवार, 27 दिसंबर 2017

Bollywood ki movie jinda tigher ne kamayi

Box Office Day 2: टाइगर ज़िंदा है ने इतने कमाए कि यकीन करना मुश्किल है
Jagran 27 Dec 2017, 01:29
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मुंबई। सलमान खान की सुपर-एक्शन फिल्म 'टाइगर ज़िंदा है' ने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर अपनी रिलीज़ के पहले दो दिन में धमाकेदार कमाई कर ली है। फिल्म का कलेक्शन अब 70 करोड़ के करीब पहुंच गया है।
अली अब्बास ज़फर निर्देशित फिल्म टाइगर ज़िंदा है ने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर अपने रिलीज़ के दूसरे दिन 35 करोड़ 30 लाख रूपये का कलेक्शन किया। ये पहले दिन के 34 करोड़ 10 लाख रूपये के कलेक्शन से एक करोड़ 20 लाख रूपये ज़्यादा है। दो दिन में फिल्म का कलेक्शन 69 करोड़ 40 लाख रूपये हो गया है। टाइगर ज़िंदा है को क्रिसमस का चार दिनों का एक्सटेंडेड वीकेंड मिला है और तीसरे दिन ही अगर फिल्म 100 करोड़ पार कर ले तो कोई हैरानी वाली बात नहीं लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि टाइगर ज़िंदा है ने इसी साल आई कबीर खान निर्देशित ट्यूबलाइट के वीकेंड कलेक्शन 64 करोड़ 77 लाख रूपये को सिर्फ़ दो दिनों में पीछे छोड़ दिया है।

साल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाले सलमान खान के लिए ये एक तरह से अपने चाहने वालों को सॉलिड क्रिसमस गिफ़्ट है। लेकिन सबसे बड़ी बात ये कि सलमान खान को दर्शक जिस जॉनर में पसंद करते हैं, इस बार उनके सुपरस्टार ने वो बाज़ी अपने हाथ में रखी। एक्शन, सलमान की पहली पसंद है। इसी एक्शन के कारण सलमान ने फिल्म वांटेड से बॉलीवुड में अपना 'पुनर्जन्म ' पाया। फिल्म ट्यूबलाइट में उन्होंने इमोशन का दांव खेला, जो उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा था। करीब दो घंटे 41 मिनट की इस फिल्म में डेढ़ सारे मुल्कों की सैर, सीक्रेट मिशन , कटरीना कैफ़ के साथ 'बर्फ़ीला' रोमांस, न्यू-एज सुपर-एसॉल्ट मशीनगन्स और करारे एक्शन हैं। करीब 150 करोड़ (प्रिंट और पब्लिसिटी छोड़ कर ) में बनी और देश भर में साढ़े चार हजार से ज़्यादा स्क्रीन्स में रिलीज़ की गई टाइगर ज़िंदा है, साल 2014 में इराक में आतंकवादी संगठन आई एस आई एस के हाथों बंधक बनाई गई 25 नर्सों को छुड़वाने का मिशन है।
* साल 2012 में रिलीज़ हुई एक था टाइगर ने पहले दिन 32 करोड़ 93 लाख रूपये और दूसरे दिन 14 करोड़ 55 लाख रूपये का कलेक्शन किया था।
* ट्यूबलाइट को पहले दिन 21 करोड़ 15 लाख रूपये और दूसरे दिन 23 करोड़ 50 लाख रूपये मिले थे।
* टाइगर ज़िंदा है को दो दिन में यूके से दो करोड़ 70 लाख, ऑस्ट्रेलिया से एक करोड़ 96 लाख और न्यूज़ीलैंड से 80 लाख 12 हजार रूपये का कलेक्शन हुआ है।

सलमान खान न सिर्फ़ इस साल आई बाहुबली -द कन्क्लूजन (हिंदी डब ) के 41 करोड़ रूपये की ओपनिंग को पार करने से चूक गए बल्कि अपनी ही दो फिल्मों प्रेम रतन धन पायो (40 करोड़ 35 लाख ) और सुल्तान ( 36 करोड़ 54 लाख) के पहले दिन के कलेक्शन को भी नहीं क्रॉस कर सके।

गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

अयोध्या की मोस्ट जानकारी , पढ़ने के बाद whatsapp,सभी सोसल networking पर शेयर करना। न भुले

राम जन्मभूमि vs बाबरी मस्जिद : ऑनलाइन वोटिंग में आखिर जीत कौन रहा है !
Ichowk
जहां एक ओर \'राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद\' मामला सुप्रीम कोर्ट में है, वहीं दूसरी ओर कुछ शरारती तत्व गलत तरीके से इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

यूपी के अयोध्या का 'राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद' मामला कई सालों से विवाद का विषय बना हुआ है. इसका समाधान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई किया जाना तय हुआ है. लेकिन जहां एक ओर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, वहीं दूसरी ओर कुछ शरारती तत्व गलत तरीके से इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए शरारती तत्वों ने कई फर्जी वेबसाइट भी बना दी हैं. इन वेबसाइट पर सीधे लोगों की राय मांगी जा रही है कि आखिर अयोध्या की विवादित भूमि पर राम मंदिर बनना चाहिए या फिर मस्जिद बनाई जानी चाहिए. अपनी राय के हिसाब से लोगों से वोट की अपील की जा रही है.
क्या कहा जा रहा है वेबसाइट पर?
ये फर्जी वेबसाइट https://jaagoindian.org/ayodhya/ है, जिस पर राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की तस्वीरों को एक साथ जोड़कर दिखाया गया है. तस्वीर पर Ram Mandir V/S Babri Masjid लिखा है और पूछा गया है कि अयोध्या में क्या बनना चाहिए? तस्वीर के नीचे वोट करने के लिए एक टैब भी दिया गया है. वोट के लिए तीन विकल्प दिए हैं- राम मंदिर, बाबरी मस्जिद और दोनों. इतना ही नहीं, वोट करने के बाद इस वेबसाइट के लिंक को फेसबुक और वाट्सऐप पर शेयर करने की अपील की गई है. वेबसाइट में नीचे की तरफ इस मैसेज को शेयर करने के लिए लिंक भी दिए गए हैं.

इसी तस्वीर को jaagoindian वेबसाइट पर डाला गया है और लोगों से वोट करने की अपील की गई है.
अप्रैल में बनी थी सरकारी वेबसाइट जैसी फर्जी साइट
ये फर्जी वेबसाइट www.ayodhya-issue.gov-up.in था. बहुत से लोग इन फर्जी वेबसाइट के झांसे में भी आ रहे थे. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि एक वेबसाइट का डोमेन नेम यूपी की सरकारी वेबसाइट (www.up.gov.in) जैसा था. हालांकि, अब सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट www.ayodhya-issue.gov-up.in को बंद कर दिया गया है. इस वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी लगी थी.

फिलहाल सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली इस फर्जी वेबसाइट को हटा दिया गया है.
किसने बनाई थी ये वेबसाइट
जब पड़ताल की गई तो पता चला कि सरकार बेवसाइट के जैसी दिखने वाली यह फर्जी वेबसाइट तरुण चौधरी नाम के एक शख्स ने बनाई थी, जो दक्षिणी दिल्ली का रहने वाला निवासी पाया गया. वहीं वेबसाइट की जानकारियों में जो मोबाइल नंबर दिया गया था वह कर्नाटक के अख्तर अली का था. अख्तर अली बेंगलुरु में एक आईटी फर्म चलाते हैं. अख्तर अली से जब इस मामले पर बात करने पर उन्होंने बताया था कि कोई उनके नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा है और इस वेबसाइट से उनका कोई लेना-देना नहीं है. इसके बाद उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत भी की थी।

ना करें ऐसे लिंक को शेयर
अगर आपसे भी ऐसी किसी वेबसाइट के लिंक को शेयर करने की अपील की जाती है, तो ऐसा ना करें और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें. दरअसल, अयोध्या की विवादित भूमि का मुद्दा कई साल पुराना है और बेहद संवेदनशील भी है. इस तरह के किसी मैसेज को शेयर करने से धार्मिक भावनाएं भड़क सकती हैं, जो भयानक हिंसा का रूप ले सकती हैं. इतना ही नहीं, अगर आपके किसी मैसेज से ऐसी कोई घटना होती है, तो उसके लिए आप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है