गुरुवार, 16 मार्च 2017

BSNL:2GB DATA प्रतिदिन और अनलिमिटेड कालिंग @339

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने रिलायंस जियो से मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिये आकषर्क योजना लाई है। कंपनी ने 339 रुपये में 2 जीबी 3 जी डाटा प्रतिदिन और अपने नेटवर्क पर मुफ्त असीमित कॉल की योजना पेश की है। बीएसएनएल ने एक बयान में कहा, ‘‘विशेष शुल्क वाउचर 339 रुपये में ग्राहक बीएसएनएल नेटवर्क पर असीमित कॉल कर सकेंगे और 2 जीबी डाटा प्रतिदिन उपयोग कर सकेंगे। इसकी वैधता 28 दिन के लिये होगी।’’ पेशकश 90 दिन के लिये है।जियो एक अप्रैल से लेगा पैसे रिलायंस जियो 31 मार्च तक एक जीबी 4जी डाटा प्रतिदिन और सभी नेटवर्क पर असीमित कॉल की सुविधा मुफ्त दे रही है। एक अप्रैल से रिलायंस जियो के ग्राहक जियो प्राइम सेवा का विकल्प चुनते हैं तो उन्हें 31 मार्च 2018 तक असीमित डाटा और कॉल की सुविधा मिलेगी। इसके लिये उन्हें एक बार 99 रपये पंजीकरण शुल्क के रूप में और 303 रुपये प्रति महीने देने होंगे। बीएसएनएल ने कहा कि 2जीबी डाटा प्रतिदिन उद्योग में अबतक की सबसे अच्छी पेशकश है। नई योजना के तहत बीएसएन ग्राहकों को अन्य नेटवर्क पर प्रतिदिन 25 मिनट का मुफ्त कॉल की सुविधा मिलेगी। उसके बाद उन्हें 25 पैसे प्रति मिनट का भुगतान करना होगा।" - http://tz.ucweb.com/3_16RMF

IPL 2017 गवास्कर स्टैंड 800 रूपये सचिन स्टैंड 8000,रूपये

"आईपीएल : गावस्कर स्टैंड 800 रु, सचिन स्टैंड 8000 रु Live Aaryaavart 16 Mar. 2017 23:37 मुंबई ,16 मार्च, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम मुंबई इंडियंस ने आगामी 10 वें सत्र के लिये यहां वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले मैचों के लिये गुरुवार को टिकट की बिक्री शुरू कर दी है। स्टेडियम में जहां सुनील गावस्कर स्टैंड की कीमत 800 रुपये है वहीं सचिन तेंदुलकर हास्पिटेलिटी स्टैंड की कीमत 8000 रुपये निर्धारित है। टिकटों का आज शुरू हुयी बिक्री में मुंबई इंडियंस के आधिकारिक साझेदार जियो मनी के उपभोक्ताओं के लिये है जबकि अन्य लोगों के लिये 22 मार्च से टिकट उपलब्ध रहेंगे। राेहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस आईपीएल में अपने अभियान की शुरूआत छह अप्रैल को पुणे के खिलाफ करेगी जबकि वह अपना पहला घरेलू मैच नौ अप्रैल को कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ खेलेगी। कारपोरेट बॉक्स टिकट की कीमत 12 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये के बीच होगी। बाक्स आफिस टिकट की बिक्री की तारीख बाद में घोषित की जायेगी। मुंबई इंडियंस का तीसरा घरेलू मैच 16 अप्रैल को गुजरात लायंस के खिलाफ होगा और यह पूरी तरह रिलायंस फाउंडेशन एजुकेशन फार आल को समर्पित होगा। मुंबई इंडियंस इस मैच के लिये पूरा स्टेडियम अपने एनजीओ पार्टनरों के सुविधाओं से वंचित बच्चों के लिये आरक्षित रखेगा।" - आईपीएल : गावस्कर स्टैंड 800 रु, सचिन स्टैंड 8000 रु http://tz.ucweb.com/3_15tik

आटोबायोग्राफी करेगी लांच एक्ट्रेस आशा पारेख होगें कई खुलासे

"अब सदाबहार एक्ट्रेस आशा पारेख अपनी ऑटोबायोग्राफी करेगी लांच, होंगे कई खुलासे! India.com 16 Mar. 2017 23:31 10 अप्रैल को सबके सामने आएगी ‘द हिट गर्ल’ 13 ऋषि कपूर और करण जौहर के बाद अब बॉलीवुड की एवरग्रीन हिरोइन आशा पारेख भी ऑटोबायोग्राफी लांच करने की तैयारी में जुट गई है। यानि एक बार फिर खबरों का बाजार गर्म होनेवाला है। क्योंकि अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘द हिट गर्ल’ से आशा पारेख अपने जीवन से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठाने की तैयारी में हैं। जी हां, हाल ही में ऋषि कपूर और करण जौहर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी लांच की जिसमे उनकी लाइफ से जुड़ी कई ऐसी अनसुनी घटनाएं सामने आई जिसने बॉलीवुड गलियारों में हल्ला मचा दिया। ऐसे में अब 10 अप्रैल को आशा पारेख भी अपनी ऑटोबायोग्राफी को लांच करने जा रही है। । जागरण डॉट कॉम की खबर के मुताबिक आशा पारेख अभिनेता सलमान खान के साथ मिलकर अपनी इस खिताब का विमोचन करेंगी। लेखक खालिद मोहम्मद के साथ मिलकर लिखी गई आक्षा पारेख की यह ऑटोबायोग्राफी 260 पेज की है। जिसमे उनकी जिन्दगी से जुड़े कई खुलासे किये गए है। टेलीविज़न से लेकर सेंसर बोर्ड तक के बारे में कई बातें इस किताब में लिखी गई हैं। इसके साथ ही आशा पारेख ने ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार के साथ काम ना कर पाने के दुःख को भी इस किताब में बयां किया है। । 60 और 70 के दशक में आशा पारेख ने एक बाद एक कई हिट फिल्में दी। कटी पतंग, जिद्दी, तीसरी मंजिल, प्यार का मौसम और मेरे सनम जैसी कई फिल्मों से इस सदाबहार हिरोइन ने सबका दिल जीता। इसके अलावा आशा पारेख सेंसर बोर्ड की हेड भी रह चुकी है। ऐसे में देखना होगा कि आशा पारेख अपनी इस किताब से अपनी लाइफ और फिल्म इंडस्ट्री से जुडी कौन कौन सी अनसुनी बातें सबके सामने लाती है।" - अब सदाबहार एक्ट्रेस आशा पारेख अपनी ऑटोबायोग्राफी करेगी लांच, होंगे कई खुलासे! http://tz.ucweb.com/3_15noy

बुधवार, 15 मार्च 2017

बाहुबली :द कन्क्लूजन ,का ट्रेलर आज रिलीज कर दिया गया |

बाहुबली: द कन्क्लूजन' का ट्रेलर आज रिलीज कर दिया गया है. फिल्म का ट्रेलर चार भाषाओं तेलुगू, हिंदी, तमिल और मलयालम में रिलीज किया गया है. फिल्म के निर्माता ट्रेलर से पहले ही प्रशंसकों को इसका मोशन पोस्टर्स और टीजर दिखा चुके हैं. करण जौहर ने फिल्म का ट्रेलर ट्वीट किया है. #Baahubali2Trailer https://t.co/53YkDNxqkh @ssrajamouli #Arka #AAFilms @dharmamovies #Prabhas @RanaDaggubati — Karan Johar (@karanjohar) March 16, 2017 ट्रेलर शानदार है. लेकिन ट्रेलर देख दर्शकों को अभी भी इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि 'कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा' ? ट्रेलर में बेहतरीन लोकेशन्स, वार सीन्स और शानदार विजुअल इफेक्ट्स दिखाए गए हैं. फिल्म का ट्रेलर 2 मिनट और 24 सेकेंड लंबा है. ट्रेलर की शुरुआत में अमरेद्र बाहुबली माहिष्मती राज्य की रक्षा की शपथ लेते नजर आते हैं और कहते हैं इसके लिए वो जान भी दे देंगे. फ्लैशबैक में अमरेंद्र बाहुबली और देवसेना यानी प्रभास और अनुष्का की लव स्टोरी दिखाई देती है. ट्रेलर में बाहुबली कटप्पा से कहता भी है कि अगर वह उनके साथ हैं तो कोई नहीं मार सकता. फिल्म के डायरेक्टर एस. एस. राजमौली हैं. इसमें प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे और उनके साथप्रभास, राणा दग्गुबाती, तमन्ना भाटिया, अनुष्का शेट्टी, सत्यराज और राम्या कृष्णन जैसे सितारे हैं. यह फिल्म 28 अप्रैल, 2017 को रिलीज होगी.

एंड्राइड स्मार्टफोन के ये महत्वपूर्ण कोड आपको जरुर पता होना चाहिये |

अकसर हम जब नया फ़ोन लेने जाते है तो फ़ोन के कॉन्फ़िगरेशन को चेक करने के लिए हम घंटो समय लगाते है क्योंकि हर फ़ोन का इन्टरफेस अलग अलग होता है और हर एक फ़ोन का सेटिंग मेन्यु अलग होता है. इस लिए हमको फ़ोन के बारे जानने के लिए सेटिंग में जा कर देखना पड़ता है जिसमें बहुत ज्यदा टाइम लगता है. इस लिए हम आपको कुछ ऐसे कोडस लाए है जो सभी एंड्राइड डिवाइस के लिए कॉमन है, ये कोड सभी डिवाइस में काम करते है. इन कोड्स को फ़ोन के डायलर में सीधे टाइप करने पर ये डिवाइस की सुचना आपको आपके डिस्प्ले पर दिखा देते हैं. इसके साथ साथ कुछ एसे कॉमन कोड्स भी है जिनको आप डेली यूज़ कर सकते है. इन सभी कोड्स की लिस्ट हमने आपके लिए तैयार की है. जो नीचे दी गयी है एंड्रायड सीक्रेट कोड्स *#*#4636#*#* फ़ोन के बारे में इनफार्मेशन, बैटरी, बैटरी स्टेटिस्टिक्स *#*#7780#*#* फैक्ट्री रिसेट *2767*3855# फ़ोन का पूरा वाइप और फ्रिमवेयर का रिइनस्टॉल *#*#34971539#*#* कैमेरा की जानकारी *#*#7594#*#* पॉवर बटन कॉन्फ़िगरेशन *#*#273283*255*663282*#*#* मीडिया फाइल के जल्दी बैकअप के लिए *#*#197328640#*#* सर्विस एक्टिविटी के लिए टेस्ट मोड *#*#232339#*#* OR *#*#526#*#* वायरलेस लेन टेस्ट *#*#232338#*#* वाई फाई मैक एड्रेस *#*#1472365#*#* क्विक GPS test *#*#0*#*#* LCD डिस्प्ले टेस्ट *#*#0673#*#* OR *#*#0289#*#* ऑडियो टेस्ट *#*#0842#*#* वाइब्रेशन और बैकलाइट टेस्ट *#*#2664#*#* टच स्क्रीन टेस्ट *#*#0588#*#* प्रोक्सिमिटी टेस्ट *#*#3264#*#* रैम वर्शन *#*#232337#*# ब्लूटूथ डिवाइस एड्रेस की जानकारी *#*#8255#*#* गूगल टॉक सर्विस मोनिटरिंग *#*#4986*2650468#*#* PDA, फ़ोन, हार्डवेयर , RF कॉल डेट फर्मवेयर की जानकारी *#06# IMEI नंबर " - एंड्रायड स्‍मार्टफोन के ये महत्वपूर्ण सीक्रेट कोड आपको जरूर पता होने चाहिए! http://tz.ucweb.com/3_10R2A

चीन को पछाड़ने के लिए उत्तर प्रदेश को गुजरात बनना जरुरी

दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति चीन सुस्ती के दौर से गुजर रही है. लगातार 30 साल तक 10 फीसदी की विकास दर दर्ज करने वाले चीन को आर्थिक शक्ति बनाने में उसके कुछ प्रोविंसेस की अहम भूमिका रही है. देश की जीडीपी में इन राज्यों का सर्वाधिक योगदान भी है. खास बात यह है कि आर्थिक आंकड़ों को देखकर साफ है कि ये प्रोविंस चीन की सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं और इस घनी आबादी के सहारे ही चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल हुआ है. भारत में जनसंख्या के हिसाब से सर्वाधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश है. लिहाजा चीन जैसी अर्थव्यवस्था को पकड़ने और उसे पछाड़ने के लिए जरूरी है कि भारत में भी आर्थिक विकास के केन्द्र में उत्तर प्रदेश रहे. चीन के आंकड़ों में देखिए क्यों यूपी का गुजरात बनना जरूरी 1. चीन के आर्थिक नक्शे के मुताबिक दो प्रमुख क्षेत्र ईस्ट चीन और साउथ सेंट्रल चीन में देश की कुल जनसंख्या की 61 फीसदी से अधिक आबादी है (38 करोड़ जनसंख्या दोनों क्षेत्र में). इस क्षेत्र में चीन के 6 अहम राज्य है जो आबादी के मुताबिक देश के सबसे बड़े प्रोविंस(राज्य) हैं. 2. बीते 30 साल से (1978-2008) इन प्रोविंसस ने चीन को डबल डिजिट ग्रोथ(10 फीसदी से अधिक) देकर उसे दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाया है. इस क्षेत्र में अहम 6 अहम प्रोविंस ग्वांगदोंग, जियांग्सू, शानदोंग, झेनजियांग, हेनान और सिचुआन है. 3. चीन ने भारी जनसंख्या वाले इन 6 प्रोविंसेस को लगातार 30 साल तक अपनी आर्थिक गतिविधियों के केन्द्र में रखा. इन्हीं राज्यों में लगी फैक्ट्रियों ने चीन को दुनिया का मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाया. चीन की एक्सपोर्ट आधारित अर्थव्यवस्था इन्हीं प्रोविंसेस से संचालित होती रही. 4. 2008 में वैश्विक मंदी के बाद से लगातार चीन के विकास दर में गिरावट दर्ज हो रही है. फिलहाल चीन की आर्थिक विकास दर 6.5 फीसदी पर पहुंच चुकी है और चीन सरकार का दावा है कि उसके द्वारा चलाए जा रहे बड़े आर्थिक सुधारों के चलते अगले 5 साल तक चीन की आर्थिक विकास दर 6 फीसदी से अधिक और 7 फीसदी से कम रहेगी. 5. इसके बाजवूद चीन की घनी आबादी वाले ये 6 प्रोविंस अभी भी 8 फीसदी से अधिक की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहे हैं. गौरतलब है कि चीन अभी भी वैश्विक विकास का सबसे बड़ा खिलाड़ी है. अकेले चीन की अर्थव्यवस्था से दुनिया की अर्थव्यवस्था का 40 फीसदी हिस्सा आता है. 6. वैश्विक अर्थव्यवस्था में चीन को पकड़ने अथवा पिछाड़ने के लिए जरूरी है कि भारत में घनी आवादी वाले राज्यों को आर्थिक विकास की मुख्यधारा में रखा जाए. बीते एक दशक से अधिक समय से यदि गुजरात 10 फीसदी से अधिक गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी है, तो विश्व शक्ति बनने के लिए जरूरी है कि गुजरात जैसी रफ्तार देश के उन राज्यों को मिले जहां आबादी घनी है.

युपी को कैसे बनायगें मोदी गुजरात ,ईन 6 छ: बातों पर रखनी होगी नीव

उत्तर प्रदेश को गुजरात बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है. केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी को राज्य के वोटरों ने एक बार फिर अप्रत्याशित बहुमत दिया है. इससे पहले प्रदेश के वोटरों 2014 के लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए 80 में से 73 सीटों पर जीत दी थी. अब राज्य की 403 सदस्यों की विधानसभा में बीजेपी के पक्ष में 325 सदस्य हैं. यह बहुमत प्रदेश ने प्रधानमंत्री मोदी के उस वादे पर दिया है जहां वह आर्थिक तौर पर पिछड़े और बिमारू राज्य कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश को देश के सबसे अग्रणी राज्य गुजरात के मॉडल पर विकसित करेंगे. अब प्रदेश में बनने वाली नई सरकार चुनावी वादे को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश को गुजरात बनाएगी. लेकिन आम आदमी को बस ये 6 आंकड़े बताएंगे कि कैसे उत्तर प्रदेश बनेगा गुजारत: 1. जीएसडीपी: आर्थिक आंकड़ों में गुजरात देश का अग्रणी प्रदेश है. देश की कुल जनसंख्या के महज 5 फीसदी जनसंख्या वाला गुजरात देश की जीडीपी में 7.6 फीसदी (11 लाख करोड़ रुपये) से अधिक का योगदान करता है. वहीं उत्तर प्रदेश की जनसंख्या देश की कुल जनसंख्या से 16 फीसदी अधिक है और जीडीपी में उसका योगदान 8 फीसदी (12 लाख करोड़ रुपये) के आसपास है. जहां गुजरात 2004-05 से 2014-15 के दौरान 12 फीसदी विकास दर से साथ आगे बढ़ा वहीं वहीं इस दौरान उत्तर प्रदेश महज 6 फीसदी की ग्रोथ दे पाया है. 2. प्रति व्यक्ति आय: देश के कुल वर्कफोर्स का 10 फीसदी और कुल एक्सपोर्ट का 22 फीसदी गुजरात से होता है. दोनों राज्यों की आर्थिक स्थिति का अंदाजा प्रति व्यक्ति योगदान से लगता है. जहां गुजरात में प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 1,41,405 रुपये है वहीं उत्तर प्रदेश में यह महज 49,450 रुपये है. 3. फैक्ट्री: इंडस्ट्री के मामले में गुजरात केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल, डेयरी, ड्रग्स और फार्मा, सीमेंट और सिरेमिक्स, जेम्स एंड ज्वैलरी, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग में अग्रणी राज्य है. प्रदेश में 800 बड़ी फैक्ट्रियों के साथ 4 लाख 53 हजार से अधिक स्मॉल और मीडियम फैक्ट्रियां है. वहीं उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अभी भी कृषि प्रधान है. मेक इन इंडिआ कार्यक्रम के तहत 25 अहम इंडस्ट्री में गुजरात की उपलब्धि उत्तर प्रदेश से काफी आगे है. 4. रोज़गार: उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी ने 2016 के दौरान 7.4 फीसदी के आंकड़े को पार कर लिया है. जबकि बेरोजगारी का राष्ट्रीय औसत 5 फीसदी है. रोजगार देने के मामले में उत्तर प्रदेश देश के कई राज्यों से पीछे है. गुजरात में बेरोजगारी का आंकड़ा 3.8 फीसदी है और महाराष्ट्र में 2.1 फीसदी है. रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में बिहार 6 फीसदी बेरोजगारी दर और हरियाणा 4.7 फीसदी के आंकड़े के साथ उत्तर प्रदेश से बेहतर स्थिति में हैं. 5. साक्षरता: उत्तर प्रदेश में साक्षरता आंकड़े बेहद खराब हैं. 2011 के आंकड़ों के मुताबिक जहां प्रदेश में महज 68 फीसदी लोग लिख-पढ़ सकते हैं वहीं राष्ट्रीय स्तर पर 74 फीसदी है. वहीं गुजरात में साक्षरता के आंकड़े 78 फीसदी से अधिक है. सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक इस लक्ष्य को प्राप्त करने के पीछे सबसे बड़ी चुनौती राज्य में स्कूल की स्थिति है. जहां सीबीएसई द्वारा प्रति टीचर 10-30 छात्र का प्रावधान है प्रदेश में प्रति टीचर औसत 70 छात्रों का है. 6. स्वास्थ्य सुविधा: स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर उत्तर प्रदेश और बिहार की हालत बेहद खराब है. हेल्थ केयर और हेल्थ सेंटर के मापदंड़ों पर उत्तर प्रदेश के 47 जिले राज्य के औसत से नीचे हैं. राज्य में इंफैन्ट मौर्टेलिटी रेट 50 मृत्यु प्रति 1000 जन्म पर है जबकि राष्ट्रीय औसत 40 मृत्यु प्रति हजार जन्म पर है. प्रदेश में 50 फीसदी से कम जन्म अस्पताल अथवा हेल्थ केयर सेंटर में होता है जबकि पूरे देश में यह आंकड़ा 75 फीसदी से अधिक है