रविवार, 19 मार्च 2017

युपी मे बने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले ही दिन पांच बडे़ एलान

योगी आदित्यनाथ ने रविवार को उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली इसी के साथ यूपी में योगी युग का आगाज हो गया. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी और अमित शाह के अलावा तमाम बड़े नेता शामिल हुए. इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी की नई सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाया और कहा कि हमारी सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने और सबके विकास के लिए सरकार काम करेगी. पहले दिन योगी सरकार की ओर से ये पांच बड़े ऐलान किए गए. 1. 15 दिन में मंत्री देंगे अपनी संपत्ति का ब्यौरा सीएम बनते ही योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने मंत्रियों के साथ अनौपचारिक मीटिंग की. इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान योगी सरकार की ओर से एक बड़ा ऐलान किया गया. यूपी की बीजेपी सरकार ने अपने सभी मंत्रियों को 15 दिन के भीतर प्रॉपर्टी का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने को कहा गया है. इसी के साथ योगी सरकार ने साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार के मामलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 2. युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर फोकस सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीजेपी के संपल्पपत्र में किए गए वादे पूरे किए जाएंगे. 3. मंत्रियों को अनाप-शनाप बयान से दूर रहने को कहा अपने बयानों से अक्सर विवाद में आने वाले योगी आदित्यनाथ ने यूपी का सीएम बनते ही मंत्रियों को अनाप-शनाप बयान से दूर रहने को कहा है. 4. यूपी सरकार के लिए दो प्रवक्ताओं की नियुक्ति सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने दो मंत्रियों श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थ नाथ सिंह को यूपी सरकार का प्रवक्ता नियुक्त किया है. ये दोनों नेता पार्टी के दिल्ली मुख्यालय में मीडिया सेल के प्रभारी रह चुके हैं. 5. ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि खेती को यूपी के विकास का आधार बनाया जाएगा और किसानों की उन्नति सरकार की प्राथमिकता में होगी. साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए अलग से योजना बनाकर काम किया जाएगा. 46 मंत्रियों ने ली शपथ रविवार को लखनऊ के स्मृति उपवन में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ 46 मंत्रियों ने शपथ ली. इसमें 22 कैबिनेट और 13 राज्य मंत्री शामिल किए गए हैं. केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम बनाए गए हैं. टीम योगी में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बिठाने की कोशिश भी की गई है. पूर्वांचल से 17 मंत्रियों को कैबिनेट में जगह मिली है. जबकि 17 ओबीसी चेहरे भी कैबिनेट में शामिल किए गए हैं. शपथ ग्रहण में मौजूद रहे ये दिग्गज योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण में बीजेपी के दिग्गजों का जमावड़ा दिखा. पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ लालकृष्ण आडवाणी और तमाम बीजेपी नेता शामिल हुए. शपथ ग्रहण में बेटे अखिलेश के साथ मुलायम सिंह यादव भी पहुंचे. मुलायम और अखिलेश मंच पर पीएम मोदी से गर्मजोशी से मिले. शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी के करीब पहुंचकर मुलायम ने हाथ पकड़कर उनके कान में कुछ फुसफुसाया. इसपर मोदी मुस्करा दिए. राज्यभर में समर्थकों ने मनाया जश्न योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने पर उनके शहर गोरखपुर में योगी-योगी के नारे लगे और समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया. यूपी के महाराजगंज में योगी के सीएम बनने पर अबीर-गुलाल के साथ लोगों ने जश्न मनाया. उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में योगी के पैतृक गांव पंचूर में भी लोगों ने जश्न मनाया. घर के बाहर होली जैसा माहौल दिखा. बड़ी संख्या में पहुंचकर लोगों ने योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट को बधाई दी.

पुजारा तोडी द्रविड़ के रिकॉर्ड खेलें सबसे जादा गेद

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहे रांची टेस्ट के चौथे दिन भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अपने 150 रन पूरे किये. पुजारा ने तीसरे दिन ही अपना शतक पूरा कर लिया था, अब दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे हैं. इस पारी के साथ ही पुजारा ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया, यह पुजारा की सबसे धीमी बल्लेबाजी थी. पुजारा अभी तक लगभग 500 गेंद खेल चुके हैं. भारत की ओर से भारत में सबसे ज्यादा गेंद खेलने वाले बल्लेबाज- पुजारा - 187 रन, 497 गेंद, बनाम ऑस्ट्रेलिया 2017 राहुल द्रविड़ - 270 रन, 495 गेंदे, पाकिस्तान 2004 नवजोत सिंह सिद्धू - 201 रन, 491 गेंदे, वेस्टइंडीज 1997 रवि शास्त्री - 206 रन, 477 गेंदे, ऑस्ट्रेलिया वीवीएस लक्ष्मण - 281 रन, 452 गेंद, बनाम ऑस्ट्रेलिया 2001 विनोद कांबली - 224 रन, 411 गेंद, बनाम इंग्लैंड, 1993 सुनील गावस्कर - 236 रन, 425 गेंद, बनाम वेस्टइंडीज, 1983 अंशुमान गायकवाड़ - 201 रन, 436 गेंद, बनाम पाकिस्तान, 1983 पुजारा की सबसे लंबी पारी - लंच कर भारत 435/6, पुजारा-साहा क्रीज पर जमे 163 नाबाद, 432 गेंद,ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 2017 206 रन, 389 गेंद, इंग्लैंड के खिलाफ, 2012 135 रन, 350 गेंद, इंग्लैंड के खिलाफ, 2012 204 रन, 341 गेंद, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 2013 159 रन, 306 गेंद, न्यूजीलैंड के खिलाफ, 2012

शनिवार, 18 मार्च 2017

योगी आदित्यनाथ ने 21साल की उम्र मे छोड़ दिया था,घर जाने उनके परिवार के बारे मे

उत्तर प्रदेश में आज से योगी राज की शुरुआत होगी. आज योगी आदित्यनाथ की देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री के तौर पर ताजपोशी होगी. सीएम बनने पर उनके पूरे गांव और परिवार में खुशी का माहौल है. आदित्यनाथ ने 21 साल की उम्र में ही परिवार छोड़ दिया था और वो गोरखपुर आ गए थे. उनके पिता 24 साल पहले उत्तराखंड के एक गांव से संन्यास की दीक्षा लेने वाले बेटे को मनाने आए थे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. मां मायूस हो गई, लेकिन बेटे के लिए लगातार दुआएं मांगती रही. आज वो संन्यासी बेटा सीएम बनने जा रहा है तो घर ही नहीं पूरा गांव जश्न मना रहा है. संन्यास लेने के बाद बेटे का नाम बदल गया और ठिकाना भी बदल गया. उत्तराखंड के पंचुर गांव का अजय सिंह बिष्ट आज सत्ता के शीर्ष पर पहुंच चुका है. बहुत बड़ी जिम्मेदारी संभालने जा रहा है. खुशी इतनी है कि मां संन्यासी बेटे की तस्वीर को गोद में लिए बैठी है और उसकी कामयाबी की खुशी पिता की आंखो में छलक रही है. योगी के बड़े भाई बड़े गौरव से भाई अजय के बारे में बात करते हैं, उनके बारे में बताते हैं. योगी के पिता आनंद सिंह बिष्ट का कहना है कि यूपी में गुंडाराज खत्म होना चाहिए और सबका साथ सबका विकास होना चाहिए. उम्मीद ये भी है कि उनके गांव में मौजूद बाबा गोरखनाथ डिग्री कॉलेज का अब उद्धार हो जाएगा और वो अब सरकारी कॉलेज बन जाएगा. 26 साल की उम्र में बने थे सांसद, जानें योगी आदित्यनाथ की पूरी कहानी उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रहने वाले योगी चार भाई और तीन बहनों में दूसरे नंबर के भाई हैं. उनके दो भाई कॉलेज में नौकरी करते हैं, जबकि एक भाई सेना की गढ़वाल रेजिमेंट में सूबेदार हैं. योगी आदित्यनाथ पौड़ी गढवाल के इस गांव से संन्यास और राजनीति का लंबा सफर तय कर चुके हैं. मुस्लिमों के खिलाफ आग उगलने के लिए जाने जाते हैं आदित्यनाथ, ये हैं उनके विवादित बयान आज जब लखनऊ के स्मृति उपवन में हजारों लोगों की मौजूदगी में भव्य समारोह के बीच योगी आदित्यनाथ जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे होंगे, तब पंचुर में मां सावित्री देवी अपने संन्यासी बेटे के लिए आंचल भर के दुआएं दे रही होंगी. योगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है. योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले एक छोटे से गांव पंचूर में हुआ, उनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट हैं जो गांव में रहते हैं. सीएम बनाने के ऐलान के बाद आजतक ने योगी आदित्यनाथ ऊर्फ अजय सिंह नेगी के भाई महेंद्र सिंह बिष्ट से बात की. उन्होंने कहा कि आदित्यनाथ में बचपन से सेवा भावना थी. हालांकि, उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि वे सीएम पद तक पहुंचेंगे. महेंद्र सिंह ने कहा कि कि वह हमेशा से ही समाजसेवा की भावना थी और उसी दिशा में आगे बढ़े हैं. उनके भाई बोले कि योगी ने 1993 में गोरखपुर चले गए 21 साल में छोड़ दिया था.

गोरखनाथ मंदिर के महंत है योगी आदित्यनाथ जाने कहा है ये मंदिर

गोरखनाथ मंदिर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर नगर में है. बाबा गोरखनाथ के नाम पर इस जिले का नाम गोरखपुर पड़ा है. इस मंदिर के वर्तमान महंत बाबा योगी आदित्यनाथ हैं. मकर संक्रान्ति के मौके पर यहां विशाल मेला लगता है जो 'खिचड़ी मेला' के नाम से प्रसिद्ध है. ऐसे बना गोरखनाथ मंदिर गोरक्षनाथ मंदिर गोरखपुर में लगातार होने वाली योग साधना का क्रम पुराने समय से चलता रहा है. ज्वालादेवी के स्थान से परिभ्रमण करते हुए 'गोरक्षनाथ जी' ने आ कर भगवती राप्ती के तटवर्ती क्षेत्र में तपस्या की थी और उसी स्थान पर अपनी दिव्य समाधि लगाई थी, जहां अभी गोरखनाथ मंदिर बना हुआ है. यह मंदिर गोरक्षनाथ मंदिर के नाम से भी फेमस है. 52 एकड़ में बना है यह मंदिर यह मंदिर करीब 52 एकड़ क्षेत्र में बना हुआ है. इस मंदिर का रूप व आकार-प्रकार परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर बदलता रहा है. गोरक्षनाथ मंदिर की भव्यता और पवित्रता बहुत कीमती है. 15 फरवरी 1994 को मंदिर के महंत बने योगी आदित्यनाथ गुरु गोरखनाथ जी के प्रतिनिधि के रूप में सम्मानित संत को महंत की उपाधि से विभूषित किया जाता है. इस मंदिर के प्रथम महंत श्री वरद्नाथ जी महाराज कहे जाते हैं, जो गुरु गोरखनाथ जी के शिष्य थे. तत्पश्चात परमेश्वर नाथ और गोरखनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करने वालों में प्रमुख बुद्ध नाथ जी (1708-1723 ई) मंदिर के महंत बने. 15 फरवरी 1994 गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्य नाथ जी महाराज द्वारा मांगलिक वैदिक मंत्रोच्चारपूर्वक योगी आदित्यनाथ का दीक्षाभिषेक संपन्न हुआ. मंदिर में जलती है अखंड ज्योति मुस्लिम शासन काल में हिंदुओं और बौद्धों के अन्य सांस्कृतिक केंद्रों की तरह इस पीठ को भी कई बार बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. इसकी प्रसिद्धि की वजह से शत्रुओं का ध्यान इसकी तरफ गया. चौदहवीं सदी में भारत के मुस्लिम सम्राट अलाउद्दीन खिलजी के शासन काल में यह मठ नष्ट किया गया और साधक योगी बलपूर्वक निष्कासित किए गए थे. मठ का पुनर्निर्माण किया गया. सत्रहवीं और अठारहवीं सदी में अपनी धार्मिक कट्टरता के कारण मुगल शासक औरंगजेब ने इसे दो बार नष्ट किया लेकिन शिव गोरक्ष द्वारा त्रेता युग में जलाई गई अखंड ज्योति आज तक अखंड रूप से जल रही है. यह अखंड ज्योति श्री गोरखनाथ मंदिर के अंतरवर्ती भाग में स्थित है. मकर संक्रान्ति के मौके पर लगता है विशाल 'खिचड़ी मेला' हर रोज मंदिर में असंख्य पर्यटकों और यात्री दर्शन के लिए आते हैं. मंगलवार को यहां दर्शनार्थियों की संख्या ज्यादा होती है. मकर संक्रान्ति के मौके पर यहां विशाल मेला लगता है जो खिचड़ी मेला के नाम से प्रसिद्ध है." - गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं योगी आदित्यनाथ, जानें कहां है यह मंदिर http://tz.ucweb.com/3_1gaOg

घर बैठे एेसे बनाएं पिज्जा देखे रेसपी

नई दिल्ली. पिज्जा एक ऐसी डिश है जो बच्चे समेत बड़े भी खाना पसंद करते हैं और इसे खाने का मन अकसर ही करता है पर हम इसलिए इसे ज्यादा नहीं खाते क्योंकि ये जंक फूड है और इसे खरीदने में बहुत पैसे खर्च हो जाते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं उस रेसेपी के बारे में जिससे आप घर पर ही कम कर्च में हेल्दी पिज्जा बना सकते हैं। आवश्यक सामग्री पिज्‍जा बेस बनाने के लिए 2 कप मैदा 1 चम्मच चीनी 1 चम्मच यीस्ट नमक स्वादानुसार 2 टेबल स्पून आलिव ऑयल पिज्‍जा की टापिंग के लिए 1 शिमला मिर्च 3 बेबी कार्न 1 छोटा प्‍याज आधा कप पिज्जा सास आधा कप मोजेरीला चीज छोटी चम्मच इटेलियन मिक्स हर्ब्स बनाने की विधि पहले मैदे को एक बॉउल में छान कर उसमें यीस्ट, नमक, चीनी और आलिव ऑयल डालकर अच्‍छी तरह मिला लें उसके बाद इस मिक्‍सचर में गुनगुना पानी डालकर आटे जैसा गूंथ लें और पिज्‍जा बेस के लिए इस आटे को 5-7 मिनट तक गूंथ कर चिकना कर लें। एक बॉउल में हल्‍का सा तेल लगाकर उसमें इस आटे को ढककर 2 घंटे के लिए अलग रख दें और फिर लगबग 2 घंटे बाद इस आंटे को चेक करें देखें क आटा फूला या नहीं अगर हां तो यह पिज्‍जा बनाने के लिए तैयार है। अब बेबी कार्न को को छोटे गोल टुकड़ों में काट लें और शिमला मिर्च से बीज निकाल कर इसे लंबा और पतला काट लें और प्‍याज को भी लंबा काट लें, कटी हुई सब्‍जियों को तवे पर डाल कर हल्‍का भून लें और आटे को आधा तोड़ लें और इसकी गोल लोई बनाएं और उसे सूखे मैदे में लपेट कर मोटा बेल लें। नानस्टिक पैन या तवे को गरम करें और उस बेले हुए पिज्‍जा बेस को डाल दें। इसपर ढक्कन रख कर 2 मिनट के लिए या फिर पिज्‍जा की निचली सतह को हल्का ब्राउन होने तक धीमी आंच पर सेंक लें। जब पिज्‍जा की निचली सतह हल्की ब्राउन हो जाए तो इसे पलट दें और गैस को बिलकुल धीमा कर दें। अब पिज्‍जा टॉपिंग करने के लिए इस पर पहले पिज्‍जा सॉस की लेयर लगाएं और फिर शिमला मिर्च, बेबी कार्न और प्‍याज को थोड़ी-थोड़ी दूर पर रख दें। इसके बाद इसके ऊपर मोजेरेला चीज डाल दें और पिज्‍जा को धीमी आंच पर ही 5-6 मिनट के लिए सेंक लें। इसे हर 2 मिनट में चेक करते रहें, चीज के मेल्ट होने तक इसे सेंक लें। गरमागर्म यम्‍मी तवा पिज्‍जा तैयार है, इस पर हर्ब्‍स डालकर सर्व करें।" - घर बैठे ऐसे बनाएं टेस्टी पिज्जा, देखें रेसिपी http://tz.ucweb.com/3_1fEf7

अभी अभी मोदी सरकार ने उठाया नोटबंदी से भी बडा कदम हिल गया पुरा देश

"अभी अभी: मोदी सरकार ने उठाया नोटबंदी से भी बड़ा कदम, हिल गया पूरा देश Ujjawal Prabhat नरेंद्र मोदी सरकार ने वित्तीय घाटे पर नियंत्रण पाने के लिए तरकीब ढूंढ ली है। शत्रु संपत्ति विधेयक 2016 के पारित होने के बाद सरकार को एक लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा। इस बिल से कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी के ऑफिस को शत्रु संपत्ति बेचने की शक्ति मिलेगी, जिसकी पुराने एनिमी प्रॉपर्टी ऐक्ट, 1968 के तहत अनुमति नहीं थी। बड़ा खुलासा: राजनीतिक पंडित के अनुसार 2019 तक पूरी तरह खत्म हो जाएगी कांग्रेस 1968 के ऐक्ट के जरिए नियुक्त किए गए इस ऑफिस को 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद बची शत्रु संपत्तियों की रखवाली, प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई थी। गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इस ऑफिस को अब इसके पास मौजूद संपत्तियों के निपटारे की ताकत मिल गई है। संसद के सिलेक्ट कमिटी की रिपोर्ट में उपलब्ध कराए गए डेटा से पता चलता है कि देश में पाकिस्तानी नागरिकों की 11,882 एकड़ में फैली 9,280 अचल संपत्तियां हैं। कस्टोडियन ऑफिस के पास मौजूद इन अचल संपत्तियों की कुल कीमत 1,04,340 करोड़ रुपये हैं। कस्टोडियन ऑफिस के पास मौजूद चल संपत्तियों में 266 लिस्टेड कंपनियों में 2,610 करोड़ रुपये की वैल्यू के शेयर्स, 318 अनलिस्टेड कंपनियों में 24 करोड़ रुपये की वैल्यू के शेयर्स, 0.4 करोड़ रुपये के गोल्ड और ज्वैलरी, 177 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस, गवर्नमेंट सिक्यॉरिटीज में 150 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट और फिक्स्ड डिपॉजिट्स में 160 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इसके अलावा कस्टोडियन ऑफिस के पास चीनी नागरिकों की 149 अचल संपत्तियां भी हैं, जो पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और दिल्ली में मौजूद हैं। ईटी इंटेलिजेंस ग्रुप' की ओर से 2008 में किए गए एक विश्लेषण में पता चला था कि कस्टोडियन ऑफिस के पास मौजूद शेयर्स विप्रो, सिप्ला, एसीसी, टाटा ग्रुप, डीसीएम ग्रुप, बॉम्बे बर्मा ट्रेडिंग कंपनी, बल्लारपुर इंडस्ट्रीज, डीएलएफ, एचयूएल, आईटीसी, बजाज इलेक्ट्रिकल्स, इंडिया सीमेंट और आदित्य बिड़ला जैसी लिस्टेड कंपनियों में हैं। सांसद और सिलेक्ट कमिटी के अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव ने बताया, 'कस्टोडियन ऑफिस के पास शत्रु संपत्ति को बेचने के साथ ही इन पर अवैध कब्जा करने वालों को निकालने की भी शक्ति है।' संदर्भ पढ़ें" - अभी अभी: मोदी सरकार ने उठाया नोटबंदी से भी बड़ा कदम, हिल गया पूरा देश http://tz.ucweb.com/3_1fCxX

अश्विन और उनकी वाईटफील्ड की कार हादसे मे हुई मौत स्तब्ध हुआ खेल जगत

चेन्नई, 18 मार्च (CNMSPORTS)| फॉर्मरूला-4 रेसिंग विजेता अश्विन सुंदर और उनकी पत्नी निवेदिता की शनिवार को कार दुघर्टना में मौत हो गई। कार ने सड़क किनारे पेड़ से टकराने के बाद आग पकड़ ली जिससे इस दम्पत्ति की मौत हो गई। PHOTOS: लाइव मैच के दौरान वायरल हुए कुछ फोटोज यह भी पढे ► वेलिंगटन टेस्ट : साऊथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हराया सूचना के मुताबिक, दोनों लोग सुबह 3:30 बजे अपने घर को लौट रहे थे तभी उनका बीएमडब्ल्यू कार ने सैंटहोम हाई रोड पर पेड़ से टकरा गई। इसके बाद कार में आग लग गई। पुलिस अधिकारी ने बताया है कि अश्विन और उनकी पत्नी आग लगने के बाद कार का दरवाजा नहीं खोल सके। भारती मोटर स्पोर्ट्स क्लब महासंघ (एफएमएससीआई) के अध्यक्ष अकबर इब्राहिम ने ट्वीट कर लिखा है, "यह मोटर स्पोर्ट्स के लिए दुखद दिन है। मैं अश्विन को तब से जानता हूं तब वह बच्चे थे। मैंने उन्हें खेल के सभी प्रारुपों में आगे बढ़ते हुए देखा है। भगवान उनकी और उनकी पत्नी की आत्मा को शांती दे।" 31 साल के अश्विन ने रेसिंग में कई खिताब अपने नाम किए हैं। 2006 में उन्हें भारत में 115सीसी 4-स्ट्रोक खिताब जीतने के बाद चैम्पियंस ऑफ चैम्पियंस का खिताब मिला था। 2012 और 2013 में वह बिना किसी विवाद के देश के एफ4 चैम्पियन बने थे। उनकी पत्नी पेशे से डॉक्टर थीं। रास्ते से गुजर रहे लोग वहां एकत्रित हो गए लेकिन वह इस दम्पत्ति को बचाने में असमर्थ थे। वहां मौैजूद लोगों में से एक ने चेन्नई पुलिस को इस बात की खबर दी। दमकल विभाग की टीम ने पहुंच कर आधा घंटे तक आग बुझाने की कोशिश की लेकिन वह अंत में असफल हुए। उनके हिस्से अश्विन और उनकी पत्नी का जला हुआ शव ही आया। बाद में पता चला की अश्विन और उनकी पत्नी एमआरसी नगर में अपने एक दोस्त के यहां से लौट रहे थे। संदर्भ पढ़ें रिपोर्ट 347डिसलाइक" - BREAKING: अश्विन औऱ उनकी वाइफ की कार हादसे में हुई मौत, स्तब्ध हुआ खेल जगत http://tz.ucweb.com/3_1f7X5