रविवार, 26 मार्च 2017

योगी उठाने जा रहे है अब तक का सबसे कठोर कदम हिल जायेगा यू पी

उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित तेज़ तर्रार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब जल्द ही ऐसा कदम उठा सकते है जिससे पूरा उत्गुअर प्रदेश में खलबली मच जायेगी, बिहार और गुजरात के बाद अब भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में शराब पर पाबंदी लग सकती हैl यूपी के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शराब पर सख्ती बरतना शुरू कर दिया हैl इसी कड़ी में डीआईजी रेंज ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ शराब की दुकानों में सघन चेकिंग अभियान चलाया l डीआईजी रेंज ने एसपी, सीओ और पुलिस बल के साथ लखनऊ के कई इलाकों में शराब के ठेकों और दुकानों में चेकिंग अभियान चलाया. पुलिस ने अभियान के दरम्यान शराब के ठेकों, दुकानों और मॉल के आसपास सड़कों पर खड़े लोगों से पूछताछ की गई. साथ ही करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया गया और दर्जनों गाड़ियों का चालान किया गयाl शराब के ठेका के पास आ वारागर्दी करते मिले किशोरों को पकड़कर उनके परिजनों के सुपुर्द भी किया गया. इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इससे पहले योगी संसद में बयान के दौरान यूपी में शराब पर पाबंदी की दिशा में कदम उठाने के साफ संकेत दे चुके हैं l बुधवार को सूबे के मुख्यमंत्री योगी ने शराब को लेकर आबकारी सचिव के साथ बैठक भी की." - योगी उठाने जा रहे है अब तक का सबसे कठोर कदम, हिल जाएगा यू पी http://tz.ucweb.com/3_1Uux9

वाराणसी की इस मुस्लिम महिला ने दे दिया राम मंदिर पर बडा़ बयान

वाराणसी. मिलजुलकर आपस बातचीत से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा सुलझाने की कोर्ट की सलाह के बाद एक बार फिर देश में इस मसले पर बहस छिड़ चुकी है. इस मसले पर सभी पस्ख अपनी-अपनी राय रख रहे हैं. इस बीच वाराणसी की एक मुस्लिम महिला ने ऐसा बयान दिया है, जिससे हलचल मच गई है. राम मंदिर मुद्दे पर वाराणसी की मुस्लिम महिलाएं काफी उत्साहित हैं. वाराणसी स्थित मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी का मानना है कि सभी धर्म एक सामान है और सभी को सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए. नाजनीन का मानना है कि अयोध्या रामचंद्र जी की जन्मभूमि है इसलिए उनके मंदिर का निर्माण अयोध्या में ही होना चाहिए. नाजनीन के मुताबिक़ साल 2006 में बनारस के संकट मोचन में बम ब्लास्ट के बाद से हिन्दुओं का नजरिया मुस्लिम समुदाय के प्रति बदल चुका है. उन्होंने बतया कि इस बलस्ट के बाद उके साथ वाराणसी की कई मुस्लिम महिलाओं ने संकट मोचन मंदिर पहुंचकर हनुमान जी का दर्शन- पूजन किया था. इस घटना से आहत नाजनीन ने मुस्लिम समुदाय के लोगों का परिचय अन्य धर्मों से कराने के उद्देश्य से तमाम ग्रंथों को उर्दू में अनुवाद किया और लोगों को जागरूक किया. उनका मकसद था कि वे समाज में यह संदेश दे सकें कि कोई भी धर्मग्रंथ किसी भी धर्म का अनादर नहीं करता. नाजनीन का भी मानना है कि अयोध्या में पहले मंदिर था जिसे बाबर कीके संपति मेरे बांकी ने गिरवा दिया था. उनके मुताबिक़ अब अजब स्पुरीम कोर्ट ने भी हिन्दू मुस्लिम एकता की सलाह दी हैं तो इस पर बातचीत होनी चाहिए और मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ़ कर देना" - वाराणसी की इस मुस्लिम महिला ने दे दिया राम मंदिर पर बड़ा बयान http://tz.ucweb.com/3_1UsB4

मोदी से बेहतर योगी आदित्यनाथ आशा करता हु अगले प्रधानमंत्री हों : रामगोपाल वर्मा ने कहा

रामगोपाल वर्मा ने एक ट्वीट किया है जिसमें योगी आदित्यनाथ को फैंटास्ट‍िक बताया है। लखनऊ.फिल्म डाइरेक्टर और प्रोड्यूसररामगोपाल वर्मा ने यूपी के नए सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए उन्हें नरेंद्र मोदी से बेहतर बताया है। वर्मा ने एक ट्वीट में योगी को फैंटास्टिक यानी शानदार कहा। बता दें कि कुछ दिनों पहले वर्मा ने एक ट्वीट में सनी लियोनी पर कमेंट किया था, जिसकी काफी आलोचना हुई थी। क्या है ट्वीट में... - रामगोपाल वर्मा ने रविवार को एक ट्वीट किया। लिखा, ''योगी आदित्यनाथ फैंटास्टिक हैं। मुझे लगता है वो नरेंद्र मोदी से बेहतर हैं। आशा करता हूं वो अगले प्रधानमंत्री हों।'' - मोदी और योगी के अलावा वर्मा ने यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प पर भी तंज कसते हुए ट्वीट किया। इसमें लिखा- “ट्रम्प वह कुछ हासिल कर पाएं या नहीं, लेकिन मीडिया यह जरूर तय करेगा कि उन्हें यूएस पॉलिटिकल हिस्ट्री के सबसे बड़े जोक के तौर पर याद किया जाए।'' मोदी की भगवान राम से कर चुके हैं तुलना - वर्मा ने इससे पहले भी नरेंद्र मोदी की एक फोटो ट्वीटर पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर तंज कसा था। - उन्होंने 11 मार्च को ट्वीट में लिखा, "मुझे नरेंद्र मोदी की सरकार से बेहतर अमिताभ बच्चन की सरकार लगती है, लेकिन आने वाले राम मंदिर की वजह से मुझे नरेंद्र मोदी की सरकारगिरी बेहतर लगती है"। - रामगोपाल यहीं नहीं रुके। उन्होने एक अन्य ट्वीट में मोदी की तुलना भगवान राम से की। - वर्मा ने लिखा- '''मुझे नरेंद्र मोदी श्री राम जी से भी बड़े भगवान लगते हैं, क्योंकि मैं राम के युग में तो नहीं रहा, लेकिन नरेंद्र मोदी की अयोध्या में ज़रूर रह रहा हूं।'' - बता दें, रामगोपाल ने महिला दिवस पर सनी लियोनी को लेकर ट्वीट दिया था। ट्वीट को लेकर रामगोपाल को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।" - http://tz.ucweb.com/3_1UpHn

कुछ गलत दिखे तो मुझे 1 मैसेज करे ,CM योगी के 10 डायलाग्स

गोरखपुर.सीएम बनने के बाद पहली बार अपने क्षेत्र पहुंचे आदित्यनाथ योगी का गोरखपुर की जनता ने जोरदार स्वागत किया। आज योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर में दूसरा दिन है। इसके बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि जीत जितनी बड़ी होती है, जिम्मेदारी उतनी होती है। योगी ने कहा कि हमें हर परिस्थिति में काम करना होगा। अगले 2 साल तक ना गर्मी देखनी है ना सर्दी। कहीं भी अगर कुछ भी गलत दिखे तो बस मुझे एक मैसेज कर दें, और फिर देखें। इस दौरान वो पूरे एक्शन में दिखे।" - गलत देखें तो मुझे 1 मैसेज कर दें और फिर देखें..पढें CM योगी के 10 डायलॉग्स

भोजपुरी फिल्म बाबरी मस्जिद खेशारी लाल यादव क ट्रेलर लांच हुआ देखे

https://youtu.be/6Y07FrdHh7U

पिछले 1300साल से समुद्र पे

"New Delhi : दुनियां में घुमने के लिए खुबसूरत स्थल, धार्मिक स्थल, झील, झरना पहाड, रेगिस्तान के अलावा भी कई ऐसी जगहें हैं, जिसे देख कर हम आश्चर्यचकित हो जाऐं पर ऐसे अजीबोगरीब दुनियां की जानकारी नहीं होने के कारण हम यहां नहीं जा पातें और इस अचंभित कर देने वाली खुबसूरती से वंचित रह जाते हैं। तो आज हम आपको ऐसे जगह के बारें में बताएंगे। जिसे आपने कभी नहीं सुना होगा। सोचिए जिस जगह को सुना तक नहीं उसे देखने में कितना मजा आएगा। क्या आपने कभी ऐसे घर की कल्पना की है जो की पानी के ऊपर हो ? शायद नहीं, पर दुनिया में एक ऐसी बस्ती है जो की पानी के ऊपर बसी है और वो भी पुरे 7000 लोगों की। यह है दुनिया की एक मात्र, समुद्र पर तैरती हुई बस्ती जो की चाइना में स्थित। ये बस्ती समुद्री मछुवारो की है जो टांका कहलाते है। टेन्क कम्यूनीटि चायना [ Tanak community, China ] चीन में कई सदियों पहले टांका कम्युनिटी के लोग वहां के शासकों के उत्पीडऩ से इतने नाराज हुए कि उन्होंने समुद्र पर ही रहना तय किया था। करीब 700 ईस्वी से लेकर आज तक ये लोग न तो धरती पर रहने को तैयार हैं और न ही आधुनिक जीवन अपनाने को तैयार हैं। चीन के दक्षिण पूर्व क्षेत्र में करीब 7000 मछुआरों के परिवार अपने परंपरागत नावों के मकान में रह रहे हैं। ये घर समुद्र पर तैर रहे हैं। इन विचित्र घरों की एक पूरी बस्ती है। समुद्री मछुआरों की यह बस्ती फुजियान राज्य के दक्षिण पूर्व की निंगडे सिटी के पास समुद्र में तैर रही है। ये समुद्री मछुवारे टांका कहलाते हैं। टांका लोग नावों से बनाए घरों में रह रहे हैं इसलिए उन्हें जिप्सीज ऑफ द सी कहा जाता है। चीन में 700 ईस्वी में तांग राजवंश का शासन था। उस समय टांका जनजाति समूह के लोग युद्ध से बचने के लिए समुद्र में अपनी नावों में रहने लगे थे। तभी से इन्हें जिप्सीज ऑन द सी कहा जाने लगा और वह कभी-कभार ही जमीन पर आते हैं। टांका जनजाति के लोगों का पूरा जीवन पानी के घरों और मछलियों के शिकार में ही बीत जाता है। ये जमीन पर जाने से बचने के लिए न केवल फ्लोटिंग घर बल्कि बड़े-बड़े प्लेट फार्म भी लकड़ी से तैयार कर लिए हैं। चीन में कम्युनिस्ट शासन की स्थापना होने तक ये लोग न तो किनारे पर आते थे और न ही समुद्री किनारे बसे लोगों के साथ विवाह के रिश्ते बनाते थे। वे अपनी बोटों पर ही शादियां भी करते हैं। हाल के दिनों में स्थानीय सरकार के प्रोत्साहन मिलने के बाद टांका समूह के कुछ लोग समुद्र किनारे घर जरूर बनाने लगे हैं, लेकिन अधिकांश लोग अपने परंपरागत तैरते हुए घरों में रहना पसंद कर रहे है। ." - पिछले 1300 सालों से समुद्र पर बसा है ये चमत्कारिक गांव http://tz.ucweb.com/3_1Tclz

शनिवार, 25 मार्च 2017

दुर्गा माता चुनार त्रिकोण

 चुनार जंक्शन से दक्षिण दिशा की तरफ लगभग 1 किलोमीटर दूर चुनार सक्तेशगढ़ मार्ग पर पहाड़ो में बसा माता का यह मंदिर अपनी प्राकृतिक सौंदर्य झरने तथा त्रिकोण यात्रा हेतु प्रसिद्ध है। मंदिर के आस पास का नजारा मन को अत्यंत शांति प्रदान करने वाला शुद्ध वातावरणयुक्त है । माता का यह मंदिर धार्मिक मान्यताओ के अनुसार अपनी त्रिकोण यात्रा के लिए प्रसिद्ध है। जैसे विंध्याचल माता के दर्शन को त्रिकोण यात्रा के बाद ही पूर्ण माना जाता है ठीक उसी तरह यहाँ की मान्यता है। दुर्गा माता मंदिर के बगल में त्रिकोण यात्रा के दूसरे चरण में काली माता का मंदिर तथा तत्पश्चात तीसरे चरण में भैरव जी का मंदिर काली माता मंदिर के सामने उपस्थित है। आसपास के जिलो से प्रतिवर्ष हज़ारो की संख्या में श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने के साथ साथ अपनी छुट्टियां मनाते है। आसपास की ग्रामीण जनसंख्या वैवाहिक कार्यक्रमो के लिए भी यहाँ उपस्थित होती है। अनेक भक्तगण यहाँ अपनी मन्नत तथा मान्यताओ को भी पूर्ण करने के लिए भी आते है। बहुत से लोग अपने बच्चों के मुंडन कार्यक्रम को भी यहाँ आयोजित करते है। ऐसी मान्यता है की जो लोग माता विंध्याचल में अपनी त्रिकोण यात्रा पूरी नही कर पाते है वो यही दर्शन कर के अपनी यात्रा को पूर्ण कर सकते है। उन्हें उसी त्रिकोण यात्रा का फल प्राप्त होता है। वर्षा के मौषम में अथवा सावन माह में लगने वाले मेले के समय यहाँ घूमना उचित समय है।तब आप यहाँ के झरनो को लुफ्त अत्यंत प्रफुल्लित मन के साथ उठा सकते है। यहाँ पर आपको उपस्थित कुण्ड में सदैव जल उपस्थिर मिलेगा जहाँ पर श्रद्धालु तथा मंदिर के लोग स्नान करते है। बरसात के दिनों में इन कुंडो में स्नान करने का यहाँ अपना ही अंदाज है।आसपास के क्षेत्रो से बहुत अधिक संख्या में लोग यहाँ कुण्ड में स्नान का आनंद लेने हेतु यहाँ जरूर आते है। दुर्गा खोह:- जब आप मंदिर के अंदर प्रवेश करेंगे तो आपको एक अत्यंत छोटा गुफा की तरह स्थान सीढ़ियों को पास मिलेगा ।यह वही स्थान है जहाँ माता प्रकट हुई थी। दुर्गा माता मंदिर के बाहर आपको महादेव जी ,हनुमान जी,गणेश भगवान् तथा भैरव जी का भी मंदिर मिलेगा जहाँ पर दर्शन को अत्यंत पुण्य माना जाता है। काली खोह:- त्रिकोण यात्रा के अगले भाग में हम यहाँ काली माता के दर्शन करते है। काली माता के दर्शन हेतु जाने का मार्ग अत्यंत सुन्दर तथा प्राकृतिक हरियाली को यहाँ पिरोये हुए है। माता काली के मंदिर के पास एक कूप है जिसमे सदैव जल रहता है।आस पास की ऐसी मान्यता है की लगातार इस कूप का जल पिने से उदर रोग में अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। वटुक भैरों नाथ जी:- त्रिकोण यात्रा के अगले चरण में यहाँ हम श्री वटुक भैरो नाथ जी के दर्शन करते है। यहाँ उपस्थित एक अन्य कुण्ड तथा पीछे उपस्थित पहाड़ो से आता हुआ जल और उसकी ध्वनि लोगो के मन को अपनी तरफ आकर्षित करती है। बकरिया कुण्ड:- यदि चुनार जंक्शन की तरफ से माता दुर्गा मंदिर के दर्शन के लिए जाते वक़्त मंदिर से आधा किलोमीटर पहले यह स्थित है।यह कुण्ड सामान्यतः पहाड़ो से गिरने वाले जल से भरा रहता है लेकिन यदि आप बारिश के मौषम में यहाँ आते है तो आप जलमग्न कुण्ड का आनंद ले पाएंगे। कुछ विशेष बातें :- (1) यहाँ से सिद्धनाथ दरी लगभग 19 किलोमीटर दूर स्थित है । जहाँ आप अत्यंत सुदर जलप्रपात का आनद ले सकते है। (2) मंदिर परिसर से लगभग 16 किलोमीटर की दुरी पे बाबा अड़गड़ानंद जी का भी आश्रम है । (3) ऐसी मान्यता है है की देवकीनन्दन खत्री जी जब यहाँ से एक किलो मीटर की दुरी पर स्थित एक पीपल के निचे अपने उपन्यास चंद्रकांता को लिख रहे थे तब उनकी मुलाक़ात गुरु दत्रात्रेय जी से हुई थी। ध्यान देने योग्य :- यह मंदिर हमेशा से अनेक प्रकार की उपेक्षाओं का शिकार हुआ है ।यहाँ आस पास प्रशासन द्वारा करोड़ो के पेड पौधे लगाये गए लेकिन वनस्पति माफियाओ तथा लोकल लोगो द्वारा यह वन कटान का शिकार हो रहा है। प्रति वर्ष आने वाले श्रद्धालुओं की अपेक्षा यहाँ कूड़ा फेकने का कोई विशेष प्रबंध नही है जिसकी वजह से यहाँ गन्दगी बहुत बढ़ती जा रही है। हमारे इस पोस्ट का एक मात्र उद्देश्य यहाँ पर पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ साथ इसकी सफाई और व्यवस्था पर आपका ध्यान केंद्रित करना है।