शनिवार, 8 अप्रैल 2017
यु पी योगी सरकार कीनई पहल 3रुपये मे नास्ता 5रुपये मे भोजन
"योगी आदित्यनाथ सरकार की नई पहल : सिर्फ 3 रुपये में नाश्ता, 5 रुपये में भोजन...!
NDTV Khabar 08Apr.2017 10:53
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जिस दिन से सत्ता में आई है, अपने फैसलों की वजह से चर्चा में है... कभी उनकी चर्चा सरकारी कर्मियों में अनुशासन व समयबद्धता बनाए रखने के लिए उठाए कदमों को लेकर हुई, कभी लड़कियों से छेड़खानी करने वालों के खिलाफ 'एन्टी रोमियो स्क्वाड' बनाने को लेकर... हाल ही में उन्होंने किसानों के एक लाख रुपये तक के कर्ज़े माफ किए, और अब वह गरीबों के लिए मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा शुरू की गई दीनदयाल रसोई योजना एवं तमिलनाडु की भूतपूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता द्वारा शुरू की गई 'अम्मा कैन्टीन' की तर्ज पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने जा रही है, जिसमें मात्र तीन रुपये में नाश्ता और पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा.
मीडिया रिपोर्टों में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अन्नपूर्णा भोजनालय का मसविदा प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है, और मुख्य सचिव को उसके बारे में विस्तृत प्रेज़ेंटेशन भी दिया जा चुका है. मीडिया रिपोर्टों पर यकीन करें, तो 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी इस प्रेज़ेंटेशन को देखने वाले हैं.
योजना के तहत सुबह का नाश्ता तथा दिन और रात का भोजन करवाया जाएगा. योजना के अंतर्गत नाश्ते में दलिया, इडली-सांभर, पोहा और चाय-पकौड़ा दिया जाएगा, और भोजन के समय रोटी, मौसमी सब्ज़ियां, अरहर की दाल और चावल मिलेंगे. योजना के तहत अन्नपूर्णा भोजनालय राज्य के सभी नगर निगम क्षेत्रों में खोले जाएंगे.
सूत्रों ने बताया है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ये भोजनालय उन्हीं जगहों पर खोलने की कोशिश करेगी, जहां गरीबों और मेहनतकश लोगों की तादाद ज्यादा हो.
गौरतलब है कि एक अन्य भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित मध्य प्रदेश में 7 अप्रैल, यानी शुक्रवार को ही दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत सिर्फ पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. शिवराज सिंह चौहान सरकार के अनुसार, दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना शुरू करने का मकसद बड़े शहरों में दूरदराज़ के गांवों और अन्य सूबों से आए मज़दूरों के अलावा गरीबों को कम कीमत पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना है." - योगी आदित्यनाथ सरकार की नई पहल : सिर्फ 3 रुपये में नाश्ता, 5 रुपये में भोजन...! http://tz.ucweb.com/4_CUvE
शुक्रवार, 7 अप्रैल 2017
तुलसी की खेती
"घर के आंगन की तुलसी करा सकती है लाखों में इनकम, जानें कैसे करें बिजनेस
MoneyBhaskar.com 07 Apr.2017 15:01
नई दिल्ली. कम समय और कम लागत में कमाई का विकल्प तलाशने वालों के लिए मेडिसिनल प्लांट (औषिधीय पौधों) की खेती और बिजनेस काफी लाभदायक हो सकता है। इन प्लांट की खेती के लिए न तो बड़ुत बड़े फार्म की जरूरत होती है और न ही ज्यादा इन्वेस्टमेंट की। इनकी खेती आप कांट्रेक्ट पर खेत लेकर भी कर सकते हैं। ज्यादातर औषिधीय पौधों की फसल 3 से 6 महीने की होती है। इसके बाद आप इनसे लगातार इनकम कर सकते हैं। मसलन अगर आप तुलसी की खेती करते हैं तो महज 15 से 20 हजार रुपए के इन्वेस्टमेंट से आप केवल 3 महीने में 3 से 4 लाख रुपए तक इनकम कर सकते हैं। आईए आपको बताते हैं और कौनसे ऑषिधीय पौधे हैं जिनकी आधुनिक खेती से आप अच्छी खासी इनकम कर सकते हैं....
सिर्फ 3 महीनों की है तुलसी की फसल
तुलसी को ज्यादातर धार्मिक मामलों से जोड़कर देखा जाता है लेकिन, इसके औषिधीय गुणों के कारण तुलसी की बाजार में भी बेहद डिमांड है। लंबे समय से कई दवा कंपनियां इसके तेल का इस्तेमाल विभिन्न दवाओं में कर रही हैं। तुलसी की फसल को अप्रैल-मई में शुरू किया जा सकता है। इसकी बुआई आप दो तरीकों बीज और पौधों की कलम से कर सकते हैं। एक हेक्टेयर (ढाई एकड़) में इसकी खेती करने के लिए लगभग 10 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। तुलसी का पौधा कठोर होता है लिहाजा उस पर ज्यादा बीमारियां भी असर नहीं करती हैं। इसकी फसल 80 से 90 दिन में तैयार हो जाती है।
15 से 20 हजार रुपए आती है लागत
सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट (सीमैप) लखनऊ के वैज्ञानिक संजय सिंह ने बताया कि इस दिनों संस्थान ने तुलसी की नई किस्म सौम्या इजाद की है। इस किस्म पर बीमारियों का कम असर होता है और इसमें पैदावार भी अच्छी मिलती है। इसके अलावा आरआरएलओपी-14 किस्म की तुलसी भी उत्तर भारत के लिए अच्छी मानी जाती है। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के लिए रितेश कुमार ने बताया कि इसकी खेती पर लगभग हेक्टेयर में लगभग 15 से 20 हजार रुपए का खर्च आता है। इसके अलावा निराई-गुड़ाई और सिंचाई की आवश्यकताओं को देखते हुए विभिन्न जगहों पर इसके खर्च में अंतर हो सकता है।
2 से 3 लाख रुपए हो सकती है कमाई
तुलसी की फसल से दो तरह के प्रॉडक्ट प्राप्त तोते हैं। पहला बीज और दूसरा पत्तियां। इसके बीज को सीधे मंडी में बेचा जाता है जबकि, पत्तियों से तेल निकालकर कमाई की जाती है। एक हेक्टेयर फसल में लगभग 120 से 150 किलोग्राम तक बीज मिल जाता है। जबकि, अच्छी फसल में 170 से 200 किलोग्राम तक पत्तियों से तेल प्राप्त किया जा सकता है। नीमच मंडी मध्य प्रदेश में बीज की कीमत लगभग 200 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास है। वहीं, तेल कीमत वर्तमान में 700 से 800 रुपए प्रति किलोग्राम है। यदि कम से कम प्रोडक्शन और कीमत को आधार बनाएं तो इनसे लगभग 2 से 2.25 लाख रुपए इनकम हो जाती है।
इन पौधों की है भारी डिमांड
चीन के बाद भारत दूसरा ऐसा देश है जहां पर जड़ी-बुटियों पर अधिक रिसर्च होता है। इसका कारण है दोनों ही सभ्यताएं दुनिया में सबसे पुरानी हैं और चिकित्सा पद्धति भी लगभग एक जैसी है। लिहाजा यहां औषिधीय पौधों की भारी डिमांड रहती है। इनमें आर्टिमीशिया एन्नुआ जिससे मलेरिया की दवा बनाई जाती है। इकलौती एक ऐसा मेडिसिनल प्लांट है जो सिर्फ भारत और चीन में ही पाया जाता है। इसके अलावा भात में अच्छी इनकम कराने वाले मेडिसिनल प्लांट अश्वगंधा, मूसली, मुलैठी, एलोवेरा, हल्दी आदि का नाम शामिल हैं।" - घर के आंगन की तुलसी करा सकती है 3 महीने में 2.5 लाख तक इनकम http://tz.ucweb.com/4_CmFn
गुरुवार, 6 अप्रैल 2017
बालीवुड हिरोइन की कडवा सच
"आमिर से श्रीदेवी की ये काली सच्चाई जान कर आपको भी हो जायेगा इन सेलिब्रिटीज से नफरत
Nutty Feed
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बॉलीवुड सेलेब्रिटी कैमरे के सामने हमेशा अपना ब्राइट साइट दिखाते हैं और वहीं सब बताते हैं, जो उनकी इमेज को खराब न करें। ऐसे में बॉलीवुड सेलेब्रिटी के कई डार्क सीक्रेट तो सामने नहीं आ पाते हैं। फिल्म इंडस्ट्री की इस जगमगाती दुनिया के पीछे की काली सच्चाई छुपी होती है। कई स्टार के पास्ट और लाईफ से जुड़ी कॉन्ट्रोवर्सी जानने के बाद आप शॉक्ड हो जाएंगे।
आज हम आपको बॉलीवुड के कुछ डार्क सीक्रेट बताने जा रहे हैं, जो शायद आपको बिलकुल भी पता नहीं होंगे।
करीना कपूर-
कॉफी विद करन के पांचवे सीजन में पहुंची करीना कपूर ने कहा था कि वह रणवीर और कैटरीना की शादी में चिकनी चमेली और शीला की जवानी आयटम नंबर पर डांस करना चाहती हैं। जब शो में पहुंचे रणवीर से करीना के इस बयान के बारे में पूछा गया तो उनका रिएक्शन काफी अजीब था।
गौरी खान-
कहा जाता है कि गौरी खान को ड्रग की लत है और वह काफी ज्यादा शराब भी पीती हैं। शाहरुख और गौरी की जिंदगी बाहर से देखने में काफी खूबसूरत लगती हैं, लेकिन असल जिंदगी में शाहरुख उनकी इस आदत से काफी दुखी हैं।
आमिर खान-
आमिर खान पर आरोप लगा था कि राइटर जेसिका हेन्स से उनका बेटा है। हालांकि आमिर खान ने इस बात से पूरी तरह इंकार कर दिया था। कहा जाता है कि दोनों की मुलाकात महेश भट्ट् की फिल्म गुलाम के सेट पर हुई थी। उसके बाद कुछ दिनों तक जेसिका, आमिर के साथ लीव इन में रही और प्रेग्नेंट हुई, लेकिन आमिर ने शादी करने से साफ़ मना कर दिया और उन्हें बच्चा गिराने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने बच्चे को जन्म दिया.
ऋतिक और सुजैन:
कहा जाता है कि सुजैन से तलाक के बाद ऋतिक काफी डिप्रेस्ड थे और इस दौरान उन्होंने एक पर्सनल लाइफ कोच हायर की थी। ऋतिक की इस कोच का काम उन्हें अप टू बीट रखना, काम पर फोकस रखना और चियर करना था।
रानी मुखर्जी-
आदित्य चोपड़ा और पायल खन्ना की शादी टूटने का कारण रानी को माना जाता है। कहा जाता है कि आदित्य की मां और पायल की बहुत अच्छी बॉन्डिंग थी और जब परिवार को रानी, आदि के अफेयर के बारे में पता चला था, तो पायल को घर से बाहर निकाल दिया गया था।
शिल्पा शेट्टी-
राज कुंद्रा की पहली पत्नी कविता ने शिल्पा पर घर तोड़ने का आरोप लगाया था। कविता जब प्रेगनेंट थीं, तो उन्हें पता चला कि राज उन्हें धोखा दे रहे हैं। कहा जाता है कि कविता ने जिस दिन बेटी को जन्म दिया था, उसी दिन उन्हें राज की तरफ से तलाक का नोटिस मिला था।
कंगना रनौत-
कहा जाता है कि कंगना रनौत जब बॉलीवुड में आई थीं, तो उनके पास रहने का ठिकाना भी नहीं था। इस दौरान उनकी दोस्ती आदित्य पंचौली से हुई और दोनों लिव इन में रहने लगे थे। आदित्य ने एक इंडरव्यू में कहा था कि कंगना ने उन्हें और उनके पैसों का यूज किया था।
धर्मेंद्र-
धर्मेंद्र ने जब उनकी पहली पत्नी को छोड़कर हेमा से दूसरी शादी की थी, उस समय उनकी पहली पत्नी के अलावा बॉबी और सनी काफी नाराज थे। कई सालों तक धर्मेंद्र की परिवार से बात नहीं हुई। सनी, बॉबी और उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर आज भी हेमा और उनकी बेटियों से बात नहीं करते हैं। उनकी बेटियों की शादी में भी सनी, बॉबी और उनकी मां नहीं पहुँचे थे।
श्रीदेवी-
बोनी कपूर ने उनकी पहली पत्नी मोना से श्रीदेवी को ये कहकर मिलवाया था, कि वो उनकी राखी-सिस्टर हैं और घर में साथ में ही रखेंगी। मोना को कुछ समय बाद पता चला कि श्रीदेवी उनके बच्चे की" - आमिर से लेकर श्रीदेवी की ये काली सच्चाई http://tz.ucweb.com/4_xgyC
दिग्विजय सिंह का सच
किसी ने सच कहाँ है काग्रेंस सचिव दिग्विजय सिंह जब भी बोलते है,काग्रेंस के दस लाख वोट कम करते है,अब तो ये भी सक होने लगा है कहीं ये भाजपा के लिए काम नही कर रहे | [त्रिभुवन नाथ चौधरी ]
तो ईस तरह बनेगी राम मंदिर
"नई दिल्ली। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर से उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे यूपी की सियासत में बवाल मच सकता है। स्वामी ने कहा है कि मुस्लिम समाज हमारा प्रस्ताव मान ले नहीं तो 2018 में जब राज्यसभा में बीजेपी का बहुमत होगा तो कानून बनाकर मंदिर बनाया जाएगा। कल ही सुप्रीम कोर्ट ने बातचीत से मसले को सुलझाने की सलाह दी थी।
आज सुबह सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर लिखा, ‘’सरयू नदी के उस पार मस्जिद बनाने का मेरा प्रस्ताव मुस्लिम समाज को मान लेना चाहिए। अगर मुस्लिम समाज हमारा प्रस्ताव नहीं मानता है तो साल 2018 में राज्यसभा में बहुमत होने के बाद मंदिर बनाने के लिए कानून बनाएंगे।’’
हालांकि इस विवाद की अदालती कार्रवाई में लम्बे अरसे से मुसलमानों का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। सुप्रीम कोर्ट अगर मध्यस्थता करने की पहल करता है तो इसके लिए मुस्लिम पक्ष पूरी तरह तैयार है मगर किसी बाहरी व्यक्ति की मध्यस्थता स्वीकार नहीं होगी।" - SC के साथ के बाद संसद से तय हो गई तारीख, नहीं माने मुस्लिम तो इस तरीके से बनेगा राम मंदिर http://tz.ucweb.com/4_tXHp
जम्मू कश्मीर मे Home ministerराजनाथ सिंह का मास्टर स्ट्रोक
"जम्मू कश्मीर में गृहमंत्री राजनाथ सिंह करने जा रहे हैं ऐसा काम कि अब बवाल मचना तय है !
Youngisthan 5 Apr. 2017 18:27
रोहिंग्या मुसलमान जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे हैं – गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू कश्मीर बसे मुसलमानों को लेकर एक ऐसा निर्णय करने जा रहे हैं कि उसके बाद देश की स्वयंभू सेक्युलर बुद्धिजीवी जमात में हाहाकार मचना तय है.
हो सकता है इसको लेकर कश्मीरी मुस्लिम नेता भी आपत्ति करें. क्योंकि ये मामला मुसलमानों से जुड़ा है. लिहाजा इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों ही इसको मोदी सरकार की मुस्लिम विरोधी नीति कहकर प्रचारित करेंगे.
आपको बता दें कि म्यांमार के दस हजार से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकार की मदद से इनकी पहचान करने और इन्हें वहां से निकालने के प्रयास शुरू कर दिए है.
इसी को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह, गृह सचिव राजीव महर्षि, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एस पी वैद और खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक भी है. इसमें जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्या मुसलमानों पर गंभीर चर्चा हुई.
बता दें कि उच्चस्तरीय बैठक में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या मुसलमान को राज्य के बाहर निकालने पर रणनीति बनी है. जम्मू और सांबा जिलों में रह रहे ज्यादातर रोहिंग्या मुसलमान ने देश में भारत-बांग्लादेश सीमा, भारत-म्यांमार सीमा और बंगाल की खाड़ी के रास्ते अवैध रूप से प्रवेश किया है.
लेकिन इनको लेकर खुफिया ब्यूरों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि रोहिंग्या मुसलमान देश के बाकी राज्यों को छोड़कर जम्मू कश्मीर में ही क्यों बसे. जबकि वहां पहले से अनु 370 के चलते भारत के बाकी राज्यों को भी नागरिक अधिकार नहीं मिलते हैं.
आखिर क्या वजह हो सकती है कि ये लोग देश के बाकी राज्यों को छोड़कर इतनी दूर जम्मू कश्मीर में शरण ले रह हैं. कहीं ये किसी विशेष योजना के तहत तो यहां नहीं बस रहे हैं.
कुछ ने तो खुद को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी निकाय से पंजीकृत करवा रखा है, जबकि भारत उन्हें मान्यता नहीं देता. ऐसे में राज्य में इनकी बढ़ती संख्या सही नहीं है.
क्योंकि यदि इनको समय रहते नहीं रोका गया तो बाकी जगहों से भी रोहिंग्या मुसलमान यहां आकर बसने लगेंगे. बता दें कि देश में विभिन्न हिस्सों में करीब 40,000 रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं और वे सभी अवैध तरीके से भारत में घुसे हैं.
यही नहीं आगे चलकर ये स्थानीय लोगों से घुल मिल जाएंगे और उनके यहां वैवाहिक संबंध भी बना लेंगे तो फिर इनको यहां से निकालने में भी कठिनाई आएंगी. लिहाजा समय रहते ही इनको यहां निकालकर कहीं ओर शिफ्ट किया जाए.
यही कारण है कि गृह मंत्रालय ने रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान करने और उन्हें वहां से हटाने के रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं." - जम्मू कश्मीर में गृहमंत्री राजनाथ सिंह करने जा रहे हैं ऐसा काम कि अब बवाल मचना तय है ! http://tz.ucweb.com/4_tVQW
कौन था विश्व का पहला कांवडिया जाने
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कौन था विश्व का पहला कांवड़िया? जानिए कांवड़ यात्रा की रोचक बातें
2015-08-12 14:22:46
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जयपुर। ।
श्रावण मास में भगवान शिव के भक्त कांवड़ लाते हैं और भोलेनाथ को जल चढ़ाते हैं। कांवड़ यात्रा को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और शुभ माना गया है।
ऐसे में यह प्रश्न उत्पन्न होना स्वाभाविक है कि कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई और पहली बार कांवड़ लेकर कौन आया था। जानिए कांवड़ यात्रा से जुड़ी कुछ रोचक बातें।
1- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम ने सबसे पहले शिवजी को कांवड़ से जल चढ़ाया था। उसके बाद यह परंपरा शुरू हो गई। परशुराम ने यूपी के बागपत में पुरा महादेव का गंगाजल से अभिषेक किया था।
2- परशुराम के अलावा कांवड़ के साथ जिस व्यक्ति का नाम आता है वो हैं - श्रवण कुमार। माता-पिता के भक्त श्रवण कुमार उन्हें कांवड़ में बैठाकर तीर्थयात्रा कराने गए थे।
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वे हरिद्वार आए थे और अपने साथ गंगाजल लेकर गए थे।
3- कुछ मान्यताएं रावण को भी कांवड़ यात्रा का श्रेय देती हैं। उनके अनुसार जब शिवजी ने जगत के कल्याण के लिए विष पी लिया था तो रावण उन्हें रोज जल चढ़ाने आता था। वह चाहता था कि जल की शीतलता से महादेव पर विष का प्रभाव कम हो जाए।
4- ऐसा भी माना जाता है कि भगवान श्रीराम सबसे पहले कांवड़ लेकर आए थे। उन्होंने बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लिया और बाबाधाम में शिवजी का अभिषेक किया। इस प्रकार कांवड़ यात्रा को लेकर अनेक मान्यताएं प्रचलित हैं।
पहला कांवड़िया कौन था, इस प्रश्न का उत्तर चाहे न मिले लेकिन भक्तों में कांवड़ यात्रा को लेकर जो भावना और श्रद्धा है, वह हमेशा बरकरार रहेगी।
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