रविवार, 13 अगस्त 2017

Joi cricket game

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मंगलवार, 11 जुलाई 2017

योगी सरकार का बजट पास

योगी सरकार का पहला बजट मंगलवार को पेश हुआ. उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा में बजट पेश किया. यूपी सरकार का कुल बजट 3 लाख 84 हजार करोड़ रुपये का है. बजट के अंदर 36 हजार करोड़ रुपये कर्जमाफी के लिए आवंटित किए गए हैं. ये बजट पिछले बजट से 10.9 प्रतिशत अधिक है. बजट के अंदर आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह लक्ष्य 20 हजार 593 करोड़ 23 लाख रुपये तय किया गया है. वहीं अनुमानित राजकोषीय घाटा 2017-18 में 42967,86 करोड़ का अनुमानित है.

अमरनाथ हमले की कड़ी निंदा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सब अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं, हम सभी को इसके खिलाफ एकजुट होना चाहिए. हमारे सुरक्षाबल के जवान इस यात्रा को सुरक्षित करने में लगे हैं, पीएम और गृहमंत्री ने पूरी घटना की सूचना ली है.

उन्होंने कहा कि ये एक कायराना हरकत है, पूरे देश को इसकी निंदा करनी चाहिए. आतंकवाद की लड़ाई किसी राज्य की नहीं है, पूरे देश की लड़ाई है. इस लड़ाई में हम सबको सहयोग करना चाहिए.

योगी ने कहा कि हमने इस घटना के बाद हमने सोमवार रात को ही सुरक्षा पर बैठक बुलाई थी, सावन के महीने में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है. यूपी में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं. हमारी सरकार ने रात को ही अलर्ट जारी कर दिया था और हरसंभव मदद करने की व्यवस्था करने का वादा किया है.

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शरारती तत्वों से सावधानी बरतें. योगी ने कहा कि मैंने इस मुद्दे पर पहले भी बैठक ली थी, प. यूपी में भी इस मुद्दे पर अलग से बैठक हुई थी.

योगी बोले कि हम लोग कांवड़ यात्रा के श्रद्धालुओं के लिए दिशा-निर्देश यात्रा जारी किए हैं, हम किसी श्रद्धालु की भावना को आहत नहीं होने देंगे. कोई भी प्रशासन किसी श्रद्धालु को जबरदस्ती नहीं रोकेगा. योगी ने कहा कि सभी श्रद्धालु अपना आईडी कार्ड अपने साथ रखे, ताकि कोई संकट ना आ पाए.

सोमवार, 10 जुलाई 2017

घर की ये छ: परसानिया ऐसे होंगे दुर

:- भारतीय संस्कृति में गंगाजल का महत्व लोगों के आस्था से जुड़ा हुआ है। गंगा भगवान शंकर की जटाओं से निकलती है, इसलिए यह पवित्र माना जाता है। गंगाजल हर तरह के कामों में काम आता है चाहे वह पूजा हो या फिर घर की शुद्धि आदि के लिए। वैदिक ग्रंथों में शुभ कामों में गंगा जल का प्रयोग के बारे में कई लेख मिलते हैं। आइए जानते है कि गंगाजल के प्रयोग से आपकी परेशानियां कैसे दूर किया जा सकता है।
पुरानी मान्यताओं के अनुसार मां गंगा में नहाने व पूजा आदि करने से कई तरह के पाप कटते हैं। इसका वैज्ञानिक कारण यह भी माना गया है कि गंगा के पानी में कई प्रकार के औषधिय गुण पाए जाते हैं जिसमें नहाने से कई प्रकार के रोग खत्म हो जाते हैं। इतना ही नहीं गंगाजल को वास्तु शास्त्र से भी जोड़ा गया है।

वास्तु दोष खत्म करने के लिए गंगाजल
घर पर यदि वास्तुदोष है और आप उससे परेशान रहते हों तो अपने घर में नियमित गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा नियमित करने से वास्तु दोष का प्रभाव खत्म हो जाता है और घर पर सकारात्मक ऊर्जा आती है। घर में गंगाजल का सदैव छिड़काव करना चाहिए।
यदि डरावने सपने आते हों
यदि रात को डरवाने सपने आते हों तो हमेशा सोने से पहले बिस्तर पर गंगाजल का छिड़काव कर दें। ऐसा करने से डरवाने सपने इंसान को परेशान नहीं करते हैं।

सुख-शांति
गंगाजल को हमेशा घर पर रखने से सुख और संपदा बनी रहती है। इसलिए एक पात्र में हमेशा गंगाजल भरकर रखें।
शुभ लाभ प्राप्ति
भगवान सदा शिव को गंगाजल चढ़ाने से वे अति प्रसन्न होते हैं । इससे इंसान को मोक्ष और शुभ लाभ दोनों ही मिलते हैं।
धन प्राप्ति
धन प्राप्ति के लिए भगवान शिव को बिल्वपत्र कमल और गंगा का जल चढ़ाएं।
काम में सफलता
तरक्की और सफलता पाने के लिए गंगाजल को हमेशा अपने पूजा स्थल और किचन में रखें। यदि आपके ऊपर कर्ज अधिक हो गया है या घर में परेशानियां ही परेशानियां हो तो आप गंगाजल को पीतल की बोतल में भरें और उसे अपने घर के कमरे में उत्तर पूर्व दिशा में रख दें। इससे आपकी समस्या हल हो जाएगी।

अमृततुल्य माना जाता है गंगाजल
सर्वमान्य तथ्य है कि युगों पहले भागीरथ जी गंगा की धारा को पृथ्वी पर लाये थे, भागीरथ जी गंगा की धरा को हिमालय के जिस मार्ग से लेकर मैदान में आए वह मार्ग जीवनदायनी दिव्य औषधियों व वनस्पतियों से भरा हुआ है। इस कारण भी गंगा जल को अमृततुल्य माना जाता है।

रविवार, 9 जुलाई 2017

जाने भारत के सिक्किम का ईतिहास

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद अपने चरम पर है. सिक्किम में सीमा को लेकर दोनों देश आमने-सामने हैं. मगर ये तनाव नया नहीं है. राज्य के रूप में सिक्किम के अस्तित्व में आने के बाद से चीन की मंशा पर सवाल उठते रहे हैं. यहां तक कि चीन ने सिक्किम के भारत में विलय का भी विरोध किया था. सिक्किम को लेकर चीन का भारत से विवाद क्यों हैं, इसे जानने से पहले सिक्किम का इतिहास जानना भी जरूरी है.

सिक्किम सन 1642 में वजूद में आया, जब फुन्त्सोंग नाम्ग्याल को सिक्किम का पहला चोग्याल(राजा) घोषित किया गया. नामग्याल को तीन बौद्ध भिक्षुओं ने राजा घोषित किया था. इस तरीके से सिक्किम में राजतन्त्र का की शुरूआत हुई. जिसके बाद नाम्ग्याल राजवंश ने 333 सालों तक सिक्किम पर राज किया.

1975 में बना राज्य

भारत ने 1947 में स्वाधीनता हासिल की. इसके बाद पूरे देश में सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में अलग-अलग रियासतों का भारत में विलय किया गया. इसी क्रम में 6 अप्रैल, 1975 की सुबह सिक्किम के चोग्याल को अपने राजमहल के गेट के बाहर भारतीय सैनिकों के ट्रकों की आवाज़ सुनाई दी. भारतीय सेना ने राजमहल को चारों तरफ़ से घेर रखा था. सेना ने राजमहल पर मौजूद 243 गार्डों को पर तुरंत काबू पा लिया और सिक्किम की आजादी का खात्मा हो गया. इसके बाद चोग्याल को उनके महल में ही नज़रबंद कर दिया गया.

इसके बाद सिक्किम में जनमत संग्रह कराया गया. जनमत संग्रह में 97.5 फीसदी लोगों ने भारत के साथ जाने की वकालत की. जिसके बाद सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने का संविधान संशोधन विधेयक 23 अप्रैल, 1975 को लोकसभा में पेश किया गया. उसी दिन इसे 299-11 के मत से पास कर दिया गया. वहीं राज्यसभा में यह बिल 26 अप्रैल को पास हुआ और 15 मई, 1975 को जैसे ही राष्ट्रपति फ़ख़रुद्दीन अली अहमद ने इस बिल पर हस्ताक्षर किए, नाम्ग्याल राजवंश का शासन समाप्त हो गया.

भारत में विलय का विरोध

जब सिक्किम के भारत में विलय की मुहिम शुरू हुई तो चीन ने इसकी तुलना 1968 में रूस के चेकोस्लोवाकिया पर किए गए आक्रमण से की. जिसके बाद इंदिरा गांधी ने चीन को तिब्बत पर किए उसके आक्रमण की याद दिलाई. हालांकि, भूटान इस विलय से खुश हुआ. ऐसा इसलिए क्योंकि इसके बाद से उसे सिक्किम के साथ जोड़ कर देखने की संभावना खत्म हो गईं. नेपाल ने भी सिक्किम के विलय का जबरदस्त विरोध किया.

विवाद की जड़ क्या है?

दरअसल, भारत-चीन के बीच कुल 3500 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा है. सीमा विवाद को लेकर दोनों देश 1962 में युद्ध लड़ चुके हैं. मगर सीमा पर तनाव पर आज भी जारी है. यही वजह है कि अलग-अलग हिस्सों में अक्सर भारत-चीन के बीच सीमा विवाद उठता रहा है.

फिलहाल जो सीमा विवाद है, वो भारत-भूटान और चीन सीमा के मिलान बिन्दु से जुड़ा हुआ है. सिक्किम में भारतीय सीमा से सटी डोकलाम पठार है, जहां चीन सड़क निर्माण कराने पर आमादा है. चीन इस इलाके को अपना मानता है. मगर भारतीय सैनिकों ने पिछले दिनों चीन की इस कोशिश का विरोध किया था. डोकलाम पठार का कुछ हिस्सा भूटान में भी पड़ता है. भूटान ने भी चीन की इस कोशिश का विरोध किया.

चीन का तर्क

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने हाल ही में कहा कि सिक्किम में भारत के साथ सीमा का निर्धारण 127 साल पहले क्विंग साम्राज्य और ग्रेट ब्रिटेन के बीच हुई संधि-एंग्लो-चाइनीज कंवेंशन ऑफ 1890, पर आधारित था. लू ने कहा,'चीन और भारत की सभी सरकारें ये स्वीकार करती हैं कि सिक्किम खंड का सीमा-निर्धारण हो चुका है. भारतीय नेता, भारत सरकार के प्रासंगिक दस्तावेज और सीमा के मुद्दे पर चीन के साथ विशिष्ट प्रतिनिधियों की बैठक में भारत के प्रतिनिधिमंडल ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत और चीन सिक्किम खंड के सीमा निर्धारण को लेकर 1890 के समझौते के प्रति एक जैसा विचार रखते हैं. चीन का मानना है कि भारत इस समझौते और दस्तावेज का पालन करने के अंतरराष्ट्रीय दायित्व से मुंह नहीं मोड़ सकता.

मंगलवार, 4 जुलाई 2017

कुछ तथ्य

: *1. जिदंगी मे कभी भी किसी को*
      *बेकार मत समझना,क्योक़ि*
        *बंद पडी घडी भी दिन में*
          *दो बार सही समय है‬: *2. किसी की बुराई तलाश करने*
     *वाले इंसान की मिसाल उस*
       *मक्खी की तरह है जो सारे*
        *खूबसूरत जिस्म को छोडकर*
          *केवल जख्म पर ही बैठती है।*
*3. टूट जाता है गरीबी मे*
      *वो रिश्ता जो खास होता है,*
        *हजारो यार बनते है*
          *जब पैसा पास होता है।*
*4. मुस्करा कर देखो तो*
      *सारा जहाॅ रंगीन है,*
       *वर्ना भीगी पलको*
          *से तो आईना भी*
             *धुधंला नजर आता है।*
‬: *6. बुरे दिनो का एक*
      *अच्छा फायदा*
         *अच्छे-अच्छे दोस्त*
            *परखे जाते है ।*
7‬: *5..जल्द मिलने वाली चीजे*
      *ज्यादा दिन तक नही चलती,*
        *और जो चीजे ज्यादा*
           *दिन तक चलती है*
            *वो जल्दी नही मिलती।*
*8. छोटी छोटी बातो मे*
      *आनंद खोजना चाहिए*
        *क्योकि बङी बङी तो*
          *जीवन मे कुछ ही होती है।*
*7. बीमारी खरगोश की तरह*
      *आती है और कछुए की तरह*
        *जाती है;*
          *जबकि पैसा कछुए की तरह*
             *आता है और.खरगोश की*
             *तरह जाता है । *9. ईश्वर से कुछ मांगने पर*
      *न मिले तो उससे नाराज*
       *ना होना क्योकि ईश्वर*
           *वह नही देता जो आपको*
            *अच्छा लगता है बल्कि*
            *वह देता है जो आपके लिए*
                    *अच्छा होता है*

ब्राह्मण वाद पल रहा है भारत मे

जिस तरह कहीं आतंकवाद पलता है ठीक  उसी तरह भारत में ब्राह्मणवाद पल रहा है "आइऐ देखते हैं 

SC"ST"OBC  के  लोगो के  अधिकारो  रोजी-रोटी  नोकरियो के उपर ब्राह्मणो का कहर  "

No 1' राष्ट्रपति सचिवालय मे कुल पद  49' है जिसमे '45 ब्राह्मण "SC'ST 4" OBC 00

" No2 उप राष्ट्रपति सचिवालय मे कुल पद 7' जिसमे 7 ही ब्राह्मण "SC00''ST00" BC 00

"No3 मंत्रियो के कैबिनेट सचिव कुल पद 20 ' जिसमे 19 ब्राह्मण "SC'ST 1 "OBC 00 "

No4  प्रधानमंत्री कार्यालय मे कुल पद 35 जिसमे  33 ब्राह्मण "SC'ST 2 "OBC 00

" No 5 कृषि  एवं सिचंन विभाग मे कुल पद  274 " जिसमे 259 ब्राह्मण "SC'ST 15" OBC 00"

No 6  रक्षा मंत्रालय मे कुल पद है  1379 जिसमे 1331 ब्राह्मण"  SC'ST 48 "OBC 00 है "

No 7 समाज कल्याण  एवं हैल्थ मंत्रालय  कुल पद 209 जिनमे  192 ब्राह्मण "SC'ST  17 "OBC 00 है 

No 8  वित्त मंत्रालय मे कुल पद है  1008 " जिसमे 942  ब्राह्मण "SC'ST  66 " OBC 00 है 

No  9  ग्रह मंत्रालय मे कुल पद है  409  जिसमें  377  ब्राह्मण " SC'ST  19" OBC  13 है 

No 10  श्रम मंत्रालय मे कुल पद है  74  जिसमे 70 ब्राह्मण  "SC'ST  4" OBC  00 है

No 11 रसायन  एवं पेट्रोलियम मंत्रालय मे कुल पद है  121 जिसमे 112 ब्राह्मण " SC'ST 9" OBC  00 है 

No 12 राज्यपाल  एवं उपराज्यपाल  कुल पद है  27 जिसमे  25  ब्राह्मण  SC'ST  00" OBC  2

No 13  विदेश मे   राजदूत  140 जिसमे 140 ही ब्राह्मण है "SC'ST 00 " OBC 00 है

No 14  विश्वविद्यालय के कुलपति  पद  108  जिसमे  108 ही ब्राह्मण है " SC'ST  00"  OBC 00 है 

No 15 प्रधान सचिव के पद है  26   जिसमे  26 ही ब्राह्मण है  " SC'ST 00" OBC 00 है

No 16  हाइकोर्ट के न्यायाधीश  है  330 जिसमे  326   ब्राह्मण " SC'ST  4" OBC 00 है 

No 17  सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश  23  जिसमे  23 ही ब्राह्मण " SC'ST 00" OBC 00 है 

No 18  IAS  अधिकारी  3600 जिसमे  2950 ब्राह्मण " SC'ST 600 " OBC  50 है

No 19  "PTI  कुल पद  2700   जिसमे  2600 ब्राह्मण " SC'ST 00" OBC 00 है

"No 20  शंकराचार्य  कुल  05  जिसमे  05  ही ब्राह्मण  है" SC'ST  00  OBC 00 है ।