गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

सबसे ज्यादा गेंदे खेलकर 0 पर आउट होने वाले 5 बदनसीब भारतीय बल्लेबाज, चौथा नाम चौकाने वाला

टेस्ट क्रिकेट हो या एक दिवसीय क्रिकेट, क्रीज पर मौजूद हर बल्लेबाज का सबसे पहला मकसद जल्द से जल्द अपना पहला रन पूरा करना होता है। कोई बल्लेबाज अपना पहला रन छक्के, चौके या सिंगल ले कर पूरा करता है, या कोई बल्लेबाज कई गेंदे खेलकर भी पारी का पहला रन बनाने को तरस जाता है और अंत में अपना विकेट बिना कोई रन बनाये गवां देता है। इसका नवीनतम उदाहरण हम भारत और श्रीलंका टेस्ट सीरीज के पहले मैच में देख चुके हैं जब दिनेश कार्तिक काफी देर तक श्रीलंकाई गेंदबाजों के विरूद्ध अपना पहला रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दिये थे। केवल दिनेश कार्तिक ही नहीं अन्य दिग्गज भारतीय बल्लेबाज भी ऐसी परिस्थितियों में फंस चुकें है। आइए एक नजर दौड़ते है उन भारतीय बल्लेबाजों पर जो सबसे ज्यादा गेंदे खेल कर भी बिना रन बनाये शुन्य पर आउट हो गए।

Copyright Holder: RunBhoomi
1. दिनेश कार्तिक- धर्मशाला में 10 दिसम्बर 2017 को खेले गए भारत-श्रीलंका एक दिवसीय सीरीज के पहले मैच में दिनेश कार्तिक अपने पहले रन की खोज में 18 गेंदे खेल गए पर अंत में उन्हें बिना अपना खाता खोले शून्य पर पवेलियन लौटना पड़ा।

2. एकनाथ सोलकर- इंग्लैंड के विरुद्ध 15 जुलाई 1974 को ओवल क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए एक वनडे मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज एकनाथ सोलकर 17 गेंदे खेल कर भी अपनी पारी का पहला रन नहीं पाये और शुन्य पर आउट हो गए।

3. डब्ल्यू वी रमन- जोहेन्सबर्ग,13 दिसंबर 1992, जब दक्षिण अफ्रीका के विरूद्ध बल्लेबाजी करने मैदान में उतरे डब्ल्यू वी रमन ने 16 गेंदे खेली पर अपना पहला रन ढूंढने में वे नाकामयाब रहे और 0 पर अपना विकेट गवां दिया।

4. सौरव गांगुली- सबसे ज्यादा गेंदे खेलकर शुन्य पर आउट होने बल्लेबाजों में दादा का नाम भी शुमार है। सौरव गांगुली श्रीलंका के साथ कोलंबो में एक वनडे मैच के दौरान उस वक्त आउट हो गए जब वे 16 गेंदे खेलने के बाद अपने पहले रन की खोज में थे। अंत में उन्हें बिना कोई रन बनाये मैदान छोड़ना पड़ा।

5. भुवनेश्वर कुमार- भुवनेश्वर कुमार को उनकी स्विंग गेंदबाजी के साथ-साथ अच्छी बल्लेबाजी के लिए भी याद किया जाता है। पर 11 जुलाई 2013 को पोर्ट ऑफ स्पेन में श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए भुवनेश्वर कुमार 15 गेंदे खेलकर भी अपना पहला रन बनाने में असफल रहे और शुन्य पर अपना विकेट खो दिया।

अगर हाल ही के मैच की बात करे तो दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए समय न मिल पाने के कारण दक्षिण अफ्रीका जैसे माहोल का आभास कराने के लिए भारत-श्रीलंका सीरीज में तेज पिच का निर्माण किया गया था। तब पहले वनडे मैच में 4 भारतीय बल्लेबाज शुन्य पर आउट हुए थे, जिसमे 18 गेंदों पर 0 शून्य रन बनाने वाले बल्लेबाज दिनेश कार्तिक भी शामिल थे। अब जब भारत को दक्षिण अफ्रीका की असली पिचों पर बल्लेबाजी करनी है तब क्या कार्तिक का ये रिकॉर्ड बच पाएगा या और कोई और अन्य भारतीय बल्लेबाज इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर ले

वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची

भारत के कई खिलाड़ियों ने वनडे क्रिकेट में बड़ी तेजी से रन बनाए हैं | इसीलिए आज हम उन्हीं भारतीय बल्लेबाजों की बात करेंगे जिन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं |

Third party image reference
भारत के युवा खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने अपने वनडे करियर में 118.73 की स्ट्राइक रेट से 602 रन बनाए हैं और इसी के साथ वह इस सूची में पहले स्थान पर हैं | यूसुफ पठान ने अपने वनडे करियर में 113.60 की स्ट्राइक रेट से 810 रन बनाए हैं और इसी के साथ वह इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं | भारत के खिलाड़ी केदार जाधव इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने अपने वनडे करियर में 109.32 की स्ट्राइक रेट से 797 रन बनाए हैं |

Third party image reference
भारत के खिलाडी वीरेंद्र सहवाग इस सूची में चौथे स्थान पर हैं, जिन्होंने अपने वनडे करियर में 104.44 की स्ट्राइक रेट से 7995 रन बनाए हैं | भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं, जिन्होंने अपने वनडे करियर में 95.07 की स्ट्राइक रेट से 3783 रन बनाए हैं |

इन सब खिलाड़ियों के अलावा इस सूची में सुरेश रैना, शिखर धवन और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी शामिल हैं | इन खिलाड़ियों के बारे में अपनी राय देने के लिए नीचे कमेंट करें और रोजाना क्रिकेट से जुड़ी कोई भी खबर पाने के लिए हमें फॉलो करें |

भारत केन्द्र सरकार की बड़ी जीत तीन तलाक़ पर प्रतिबंध लोकसभा में पास

नई दिल्ली। मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और हक की एक जंग सुप्रीम कोर्ट के बाद अब लोकसभा में भी जीत ली गई है। तीन तलाक को गैरकानूनी ठहराने वाला विधेयक गुरुवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया।
इससे पहले सुबह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की थी। राज्यसभा से पारित होने के बाद यह विधेयक कानून की शक्ल लेगा।
कांग्रेस के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि वहां भी विधेयक पारित कराना बहुत मुश्किल नहीं होगा। सरकार के लिए यह एक बड़ी राजनीतिक जीत भी होगी।
जब कभी मुस्लिम महिलाओं के सशक्तीकरण की चर्चा होगी, उस वक्त राजीव गांधी के समय शाहबानो मामला और मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने का जिक्र जरूर होगा।
गुरुवार सुबह कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक पेश किया। राजनीतिक मजबूरी से ही सही एआइएम, मुस्लिम लीग, राजद, अन्नाद्रमुक जैसे क्षेत्रीय दलों को छोड़कर विधेयक का खास विरोध नहीं हुआ।
जाहिर तौर पर छोटे दल राजनीतिक लिहाज से अल्पसंख्यक मतों पर नजरें जमाए थे। लेकिन, कांग्रेस के लिए यह नामुमकिन था।
यही कारण है कि कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने बाहर भले ही इसका विरोध किया, पार्टी ने सदन के अंदर इसका समर्थन किया। विधेयक पर चर्चा के दौरान संशोधन भी पेश किए गए। इसे स्थायी समिति में भेजने की मांग भी हुई। लेकिन, वह खारिज हो गई।
कांग्रेस की ओर से चर्चा में भाग लेते हुए सुष्मिता देव ने पीड़ित महिलाओं के लिए अलग से फंड बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुस्लिम महिलाओं के साथ खड़ी है।
लेकिन, इस विधेयक पर विस्तृत विचार होना चाहिए। इसीलिए इसे स्थायी समिति को भेजना चाहिए। राजद के जयप्रकाश यादव ने तीन तलाक देने वालों के लिए तीन साल की सजा पर एतराज जताया।
ओवैसी सबसे ज्यादा मुखर विरोध में दिखे। उन्होंने इसे मूलभूत अधिकारों के खिलाफ बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल भी उठाया। बीजद जैसे दलों के साथ-साथ उनका विरोध इस बात पर भी था कि जब तीन तलाक का अस्तित्व ही नहीं है, तो फिर विधेयक क्यों?
सरकार के लिए यह बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। इसका एक संकेत सुबह ही भाजपा संसदीय दल की बैठक में भी दिखा था, जहां राजीव गांधी के काल में शाहबानो को न्याय नहीं मिलने की बात कही गई।
पिछले चुनावों में मुस्लिम महिलाओं का भाजपा की ओर झुकाव की बातें आती रही हैं। सख्त कानून जाहिर तौर पर एक अहम राजनीतिक मुद्दा हो सकता है।
इसलिए पड़ी कानून की जरूरत
विधेयक पर आपत्तियों का जवाब देते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गैर कानूनी करार दिया है। फिर भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सौ मामले सामने आए हैं। उन्होंने एक खबर का जिक्र करते हुए कहा कि एक महिला को इसलिए तलाक दे दिया गया, क्योंकि वह सुबह जल्द नहीं जगी।
ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए सजा का प्रावधान जरूरी है। मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ इस संवेदना को किसी भी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम देशों ने भी कानून बनाए हैं। ऐसे में क्या हमें आखें बंद कर लेनी चाहिए।
ऐसा होगा नया कानून
- मुस्लिम वुमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा।
- यह कानून सिर्फ एक बार में तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत के मामलों में ही लागू होगा।
-कानून लागू होने के बाद एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी होगा। यह संज्ञेय और गैर जमानती अपराध होगा।
-इसमें दोषी पति को तीन साल तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है।
-तीन तलाक का हर रूप चाहे वह लिखित हो, बोला गया हो या इलेक्ट्रॉनिक रूप में हो, गैरकानूनी होगा।
-पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट की अदालत में गुजारा भत्ता और नाबालिग बच्चों की कस्टडी मांग सक

बुधवार, 27 दिसंबर 2017

Bollywood ki movie jinda tigher ne kamayi

Box Office Day 2: टाइगर ज़िंदा है ने इतने कमाए कि यकीन करना मुश्किल है
Jagran 27 Dec 2017, 01:29
  Jagran
Followers 451634
Follow

मुंबई। सलमान खान की सुपर-एक्शन फिल्म 'टाइगर ज़िंदा है' ने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर अपनी रिलीज़ के पहले दो दिन में धमाकेदार कमाई कर ली है। फिल्म का कलेक्शन अब 70 करोड़ के करीब पहुंच गया है।
अली अब्बास ज़फर निर्देशित फिल्म टाइगर ज़िंदा है ने घरेलू बॉक्स ऑफ़िस पर अपने रिलीज़ के दूसरे दिन 35 करोड़ 30 लाख रूपये का कलेक्शन किया। ये पहले दिन के 34 करोड़ 10 लाख रूपये के कलेक्शन से एक करोड़ 20 लाख रूपये ज़्यादा है। दो दिन में फिल्म का कलेक्शन 69 करोड़ 40 लाख रूपये हो गया है। टाइगर ज़िंदा है को क्रिसमस का चार दिनों का एक्सटेंडेड वीकेंड मिला है और तीसरे दिन ही अगर फिल्म 100 करोड़ पार कर ले तो कोई हैरानी वाली बात नहीं लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि टाइगर ज़िंदा है ने इसी साल आई कबीर खान निर्देशित ट्यूबलाइट के वीकेंड कलेक्शन 64 करोड़ 77 लाख रूपये को सिर्फ़ दो दिनों में पीछे छोड़ दिया है।

साल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग लेने वाले सलमान खान के लिए ये एक तरह से अपने चाहने वालों को सॉलिड क्रिसमस गिफ़्ट है। लेकिन सबसे बड़ी बात ये कि सलमान खान को दर्शक जिस जॉनर में पसंद करते हैं, इस बार उनके सुपरस्टार ने वो बाज़ी अपने हाथ में रखी। एक्शन, सलमान की पहली पसंद है। इसी एक्शन के कारण सलमान ने फिल्म वांटेड से बॉलीवुड में अपना 'पुनर्जन्म ' पाया। फिल्म ट्यूबलाइट में उन्होंने इमोशन का दांव खेला, जो उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा था। करीब दो घंटे 41 मिनट की इस फिल्म में डेढ़ सारे मुल्कों की सैर, सीक्रेट मिशन , कटरीना कैफ़ के साथ 'बर्फ़ीला' रोमांस, न्यू-एज सुपर-एसॉल्ट मशीनगन्स और करारे एक्शन हैं। करीब 150 करोड़ (प्रिंट और पब्लिसिटी छोड़ कर ) में बनी और देश भर में साढ़े चार हजार से ज़्यादा स्क्रीन्स में रिलीज़ की गई टाइगर ज़िंदा है, साल 2014 में इराक में आतंकवादी संगठन आई एस आई एस के हाथों बंधक बनाई गई 25 नर्सों को छुड़वाने का मिशन है।
* साल 2012 में रिलीज़ हुई एक था टाइगर ने पहले दिन 32 करोड़ 93 लाख रूपये और दूसरे दिन 14 करोड़ 55 लाख रूपये का कलेक्शन किया था।
* ट्यूबलाइट को पहले दिन 21 करोड़ 15 लाख रूपये और दूसरे दिन 23 करोड़ 50 लाख रूपये मिले थे।
* टाइगर ज़िंदा है को दो दिन में यूके से दो करोड़ 70 लाख, ऑस्ट्रेलिया से एक करोड़ 96 लाख और न्यूज़ीलैंड से 80 लाख 12 हजार रूपये का कलेक्शन हुआ है।

सलमान खान न सिर्फ़ इस साल आई बाहुबली -द कन्क्लूजन (हिंदी डब ) के 41 करोड़ रूपये की ओपनिंग को पार करने से चूक गए बल्कि अपनी ही दो फिल्मों प्रेम रतन धन पायो (40 करोड़ 35 लाख ) और सुल्तान ( 36 करोड़ 54 लाख) के पहले दिन के कलेक्शन को भी नहीं क्रॉस कर सके।

गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

अयोध्या की मोस्ट जानकारी , पढ़ने के बाद whatsapp,सभी सोसल networking पर शेयर करना। न भुले

राम जन्मभूमि vs बाबरी मस्जिद : ऑनलाइन वोटिंग में आखिर जीत कौन रहा है !
Ichowk
जहां एक ओर \'राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद\' मामला सुप्रीम कोर्ट में है, वहीं दूसरी ओर कुछ शरारती तत्व गलत तरीके से इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

यूपी के अयोध्या का 'राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद' मामला कई सालों से विवाद का विषय बना हुआ है. इसका समाधान करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई किया जाना तय हुआ है. लेकिन जहां एक ओर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, वहीं दूसरी ओर कुछ शरारती तत्व गलत तरीके से इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए शरारती तत्वों ने कई फर्जी वेबसाइट भी बना दी हैं. इन वेबसाइट पर सीधे लोगों की राय मांगी जा रही है कि आखिर अयोध्या की विवादित भूमि पर राम मंदिर बनना चाहिए या फिर मस्जिद बनाई जानी चाहिए. अपनी राय के हिसाब से लोगों से वोट की अपील की जा रही है.
क्या कहा जा रहा है वेबसाइट पर?
ये फर्जी वेबसाइट https://jaagoindian.org/ayodhya/ है, जिस पर राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की तस्वीरों को एक साथ जोड़कर दिखाया गया है. तस्वीर पर Ram Mandir V/S Babri Masjid लिखा है और पूछा गया है कि अयोध्या में क्या बनना चाहिए? तस्वीर के नीचे वोट करने के लिए एक टैब भी दिया गया है. वोट के लिए तीन विकल्प दिए हैं- राम मंदिर, बाबरी मस्जिद और दोनों. इतना ही नहीं, वोट करने के बाद इस वेबसाइट के लिंक को फेसबुक और वाट्सऐप पर शेयर करने की अपील की गई है. वेबसाइट में नीचे की तरफ इस मैसेज को शेयर करने के लिए लिंक भी दिए गए हैं.

इसी तस्वीर को jaagoindian वेबसाइट पर डाला गया है और लोगों से वोट करने की अपील की गई है.
अप्रैल में बनी थी सरकारी वेबसाइट जैसी फर्जी साइट
ये फर्जी वेबसाइट www.ayodhya-issue.gov-up.in था. बहुत से लोग इन फर्जी वेबसाइट के झांसे में भी आ रहे थे. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि एक वेबसाइट का डोमेन नेम यूपी की सरकारी वेबसाइट (www.up.gov.in) जैसा था. हालांकि, अब सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट www.ayodhya-issue.gov-up.in को बंद कर दिया गया है. इस वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी लगी थी.

फिलहाल सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली इस फर्जी वेबसाइट को हटा दिया गया है.
किसने बनाई थी ये वेबसाइट
जब पड़ताल की गई तो पता चला कि सरकार बेवसाइट के जैसी दिखने वाली यह फर्जी वेबसाइट तरुण चौधरी नाम के एक शख्स ने बनाई थी, जो दक्षिणी दिल्ली का रहने वाला निवासी पाया गया. वहीं वेबसाइट की जानकारियों में जो मोबाइल नंबर दिया गया था वह कर्नाटक के अख्तर अली का था. अख्तर अली बेंगलुरु में एक आईटी फर्म चलाते हैं. अख्तर अली से जब इस मामले पर बात करने पर उन्होंने बताया था कि कोई उनके नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा है और इस वेबसाइट से उनका कोई लेना-देना नहीं है. इसके बाद उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत भी की थी।

ना करें ऐसे लिंक को शेयर
अगर आपसे भी ऐसी किसी वेबसाइट के लिंक को शेयर करने की अपील की जाती है, तो ऐसा ना करें और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें. दरअसल, अयोध्या की विवादित भूमि का मुद्दा कई साल पुराना है और बेहद संवेदनशील भी है. इस तरह के किसी मैसेज को शेयर करने से धार्मिक भावनाएं भड़क सकती हैं, जो भयानक हिंसा का रूप ले सकती हैं. इतना ही नहीं, अगर आपके किसी मैसेज से ऐसी कोई घटना होती है, तो उसके लिए आप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है

सोमवार, 30 अक्टूबर 2017

,जानिये भारत मशहूर झिलो के बारे में

अगर आप घूमने फिरने का शौक रखते है तो आपको आज हम बताने जा रहे है, भारत की सबसे खूबसूरत झीलों के बारे में जिन्हे देखना आपके लिए सबसे रोमांचक रहेगा, तो चलिए जानते है इन खूबसूरत झीलों के बारे में जो अपनी खूबसूरती से किसी को भी दीवाना बना सकती है.

डल झील



सबसे पहले हम बात करेंगे कश्‍मीर के श्रीनगर में मौजूद डल झील की जो श्रीनगर की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है, इस झील में खूबसूरत रंग बिरंगी नावें नजर आती हैं, हम आपको बताना चाहेंगे कि इन्हें यहां पर शिकारा कहा जाता है. साथ ही ये झील पहाड़ो से घिरी हुई है जिसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है.

गुरुडोंगमार झील



गुरुडोंगमार झील चारो ओर बर्फ के पहाड़ों से ढकी हुई है जो की सिक्‍कम में मौजूद है यह जगह आप को जन्‍नत का एहसास देगी, हिमालय की गोद में बनी इस झील की खूबसूरती आपका मन मोह लेगी, यहां का पानी शीशे की तरह साफ है.

पिछोला झील



राजस्थान के उदयपुर की खूबसूरती में चार चाँद लगाती है यह पिछोला झील जिसे महाराण उदय सिंह द्वतीय ने बनवाया था साथ ही इस झील में दो द्वीप हैं और दोनों पर महल बने हुए हैं, जिसे देखना आपके लिए काफी रोमांचक रहेगा.

 सूरज ताल



हिमाचल प्रदेश स्थित सूरज ताल हरे पानी की खूबसूरत झील है, इस झील में सूरज की रौशनी पड़ते है इस झील की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है. इस झील की खूबसूरती कुछ शब्‍दों में बयां करना मुमकिन नहीं है.

ये भी पढ़े

पेट दर्द से हैं परेशान तो आजमाएं यह नुस्खे

इन 5 तरीकों से बनायें अपनी आँखे खूबसूरत

नई टोल नीति में यात्रियों को मिलेगी राहत



न्यूज़ ट्रैक पर हम लिखते है आपके लिए कुछ मज़ेदार और बातें जो आपको रखेगी स्वस्थ और तंदुरस्त

शनिवार, 21 अक्टूबर 2017

ग्राम पंचायत के कार्य

ग्राम पंचायत के कार्य

ग्राम पंचायतों का मुख्य कार्य ग्रामीण विकास में सहयोग करना तथा ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम सभा में निर्णय की प्रक्रिया में आम आदमी को जोड़ना है। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के अनुसार ग्राम पंचायतों को निम्न कार्य आवंटित किए गए हैं :-
• संसाधनों के प्रबंधन व उत्पादन संबंधी कार्य
• ग्रामीण व्यवस्था व निर्माण संबंधी कार्य
• मानवीय क्षमता वृध्दि संबंधी कार्य
• कृषि तथा कृषि विस्तार
• सामाजिक और फार्म वनोद्योग,लघु वन उत्पाद, र्इंधन और चारा
• पशुपालन, दुग्ध उद्योग व मुर्गी पालन
• मछली पालन
• खादी, ग्राम तथा कुटीर उद्योग
• ग्रामीण स्वच्छता एवं पर्यावरण
• ग्रामीण गृह निर्माण
• पेयजल व्यवस्था
• सड़क, भवन, पुल, पुलिया, जलमार्ग
• विद्युतीकरण एवं वितरण
• गैर परम्परागत ऊर्जा स्रोत
• जनवितरण प्रणाली
• सार्वजनिक संपत्ति का रख-रखाव
• बाजार तथा मेले
• ग्रामीण पुस्तकालय तथा वाचनालय
• खटालों, कांजी हाऊस तथा ठेला स्टैण्ड का निर्माण एवं रख-रखाव
• कसाईखानों का निर्माण एवं रख-रखाव
• सार्वजनिक पार्क, खेलकूद का मैदन आदि का रख-रखाव
• सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ादान की व्यवस्था
• झोपड़ियों एवं शेडों का निर्माण तथा नियंत्रण
• सामान्य कार्य के अधीन योजना बनाना एवं बजट तैयार करना, अतिक्रमण हटाना तथा बाढ़- सुखाड़ आदि प्राकृतिक आपदाओं के समय आम जन को सहायता प्रदान करना, गाँव के अनिवार्य सांख्यिकी ऑंकड़ों को सुरक्षित रखना
• धर्मशालाओं, छात्रावासों एवं अन्य वैसे ही संस्थानों का निर्माण एवं उसका रख-रखाव करना
• शिक्षा, प्राथमिक व माधयमिक स्तर तक
• वयस्क तथा अनौपचारिक शिक्षा
• लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
• महिला व बाल विकास
• गरीबी उन्मूलन (गरीबी हटाना)
• कमजोर वर्गो विशेष रूप से अनुसूचित जाति तथा जनजाति का कल्याण
• सामाजिक, सांस्कृतिक तथा खेलकूद को बढ़ावा देना
• शारीरिक एवं मानसिक रूप से नि:शक्त व्यक्तियों के लिए सामाजिक कल्याण
उपरोक्त कार्यों के अतिरिक्त समय-समय पर सरकार द्वारा जो कार्य पंचायत को सौंपे जायेंगे, वह उन्हें कार्यान्वित करेगी।