रविवार, 7 जनवरी 2018

द.अफ्रीका के खिलाफ भारतीय वनडे टीम घोषित,देखें मैच कार्यक्रम और लाइव प्रसारण की जानकारी

भारतीय टीम इस समय दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 मैच की टेस्ट सीरीज खेलने में व्यस्त है। टेस्ट सीरीज के बाद दोनों देशों के बीच 6 मैच की वनडे सीरीज खेली जाएगी। वनडे सीरीज के लिए हाल ही में बीसीसीआई की ओर से 17 खिलाड़ियों की टीम घोषित की गई थी।

वनडे टीम

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टीम- रोहित शर्मा(उपकप्तान), शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली(कप्तान), श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक, एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, अक्षर पटेल, युज्वेंद्र चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी

मैच कार्यक्रम और लाइव प्रसारण

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वनडे सीरीज का पहला मैच 1 फरवरी को डरबन में खेला जाएगा। इसके बाद 4, 7, 10, 13 और 16 फरवरी को बाकी मैच खेले जाएंगे। इसके बाद टी-20 सीरीज के मैच 18, 21 और 24 फरवरी को आयोजित होंगे।

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सभी मैचों का लाइव प्रसारण भारतीय समयानुसार शाम 4.30 बजे से सोनी सिक्स, सोनी टेन और डीडी नेशनल चैनल पर लाइव देखा जा सकेगा।

शनिवार, 30 दिसंबर 2017

नये साल की खुशखबरी: 2018 में होंगी ये भर्त‍ियां

नये साल में बेरोजगारों के लिए खुशखबरी
●2018 मे होगी बम्पर भर्ती
●जानिए कैसे करें Apply

इलाहाबाद: नया साल बेरोजगारों के लिए खुशखबरी लेकर आ रहा है। साल 2018 में यूपी सरकार से लेकर केंद्र में काफी भर्त‍ियां होनी हैं। इसके लिए नोट‍िफिकेशन भी जारी कर दिए गए हैं।
UPPSC, यूपी पुलिस, इलाहाबाद रेलवे भर्ती बोर्ड, प्राइमरी, हायर सेकेंडरी स्कूलो और इंटर कॉलेजों में बम्पर भर्ती होने हैं। लोकसेवा आयोग के साथ-साथ SSC एग्जाम भी होंगे।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC भर्ती 2018) कराएगा इन विभागों के एग्जाम
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपनी भर्ती परीक्षाओं का अर्धवार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग ने 2018 में 11 प्रमुख परीक्षाओं को अपने कैलेंडर में शामिल किया है। ये परीक्षाएं फरवरी से जून 2018 महीने के बीच आयोजित होंगी।
PCS 2017 मुख्य परीक्षा 17 मार्च 2018 को होगी। हालांकि अभी PCS प्री का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है, जो दिसंबर महीने में ही जारी होना है।आयोग के सचिव जगदीश ने बताया, कैलेंडर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in पर अपलोड कर दिया गया है।
कब और किस डेट को होगा एग्जाम
अपर निजी सचिव (कंप्यूटर ज्ञान) परीक्षा 2013: 11 फरवरी 2018
प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज (स्क्रीनिंग) परीक्षा 2017: 25 फरवरी 2018
सहायक सांख्यिकीय अधिकारी (स्क्रीनिंग) परीक्षा 2014: 11 मार्च 2018
PCS मुख्य परीक्षा 2017: 17 मार्च 2018
समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी प्री परीक्षा 2017: 8 अप्रैल 2018
संभागीय निरीक्षक परीक्षा 2018: 15 अप्रैल 2018
सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) पुरुष संवर्ग एवं सहायक अध्यापिका (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) महिला संवर्ग 2018 की परीक्षा: 6 मई 2018
PCS J प्रारंभिक परीक्षा 2018 (15 जनवरी 2018 तक अध्ययन अधियाचन प्राप्त होने की स्थिति में): 13 मई 2018
सहायक वन संरक्षक वन क्षेत्राधिकारी मुख्य परीक्षा 2017: 20 मई 2018
अपर निजी सचिव परीक्षा 2018: 10 जून 2018
PCS प्रारंभिक परीक्षा 2018: 24 जून 2018
APO 2018 का नहीं होगा एग्जाम
आयोग में लोअर पीसीएस के नाम से मशहूर सहायक अभियोजन अधिकारी यानी एपीओ की परीक्षा 2018 में भी प्रस्तावित नहीं है।
2015 में 372 पदों के बाद से अब तक का सेशन शून्य है। 2016 व 2017 में कोई भर्ती नहीं हुई है।
इसी तरह का हाल PCS J का भी है। इसका 2017 का सेशन खाली गया है। इसके लिए नए सिरे से शासन से अनुरोध करने की तैयारी है।
IAS पैटर्न पर होगी PCS मुख्य परीक्षा
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) अब पीसीएस की मुख्य परीक्षा को भी संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर कराने की तैयारी में जुट गया है। इसे साल 2018 में लागू किए जाने की योजना है।
प्रस्ताव बनाया गया है कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा में भी सामान्य अध्ययन के 4 पेपर शामिल किए जाएं और सभी की लिखित परीक्षा हो, जैसा कि IAS की मुख्य परीक्षा में होता है।
इसके अलावा 2 वैकल्पिक विषयों की जगह एक विकल्प की व्यवस्था लागू की जाए। वहीं, 150-150 नंबर के सामान्य हिंदी और निबंध के पेपर को पहले की तरह बरकरार रखा जाए।
नए पैटर्न में सामान्य अध्ययन का हर पेपर 200-200 यानी कुल 800 नंबर का होगा। मौजूद व्यवस्था की बात करें तो अभी कुल 400 अंक के सामान्य अध्ययन के 2 पेपर आते हैं।
इसके अलावा नई व्यवस्था में वैकल्पिक विषय के कुल 400 अंक रह जाएंगे, जबकि अभी कुल 800 अंक के 2 वैकल्पिक विषय होते हैं।

शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017

IAS इंटरव्यू में पूछा: GST सबसे पहले किस देश ने लगाई थी ?

IAS इंटरव्यू को सबसे कठिन इंटरव्यू में से एक माना जाता है।रात-दिन पढ़कर भी इस इंटरव्यू में सफल होना बहुत मुश्किल है। आज हम आप लोगों के लिए जरनल नॉलेज से कुछ ऐसे प्रश्न लेकर आए हैं जो भी कभी-कभी आईएएस के इंटरव्यू में भी पूछे जाते है।

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1-शुष्क बर्फ किसे कहते है ?

जवाब- ठोस कार्बनडाइ आॅंक्साइड को शुष्क बर्फ कहते है

2-ऐसा कौनसा देश है जहाँ बिल्लियों की पूजा की जाती है?

जवाब- मिस्र एक ऐसा देश है जहाँ बिल्लियों को पूजा जाता है

3-घोसला बनाने वाले एकमात्र सांप का नाम क्या है?

जवाब- घोसला बनाकर किंग कोबरा नामक सांप रहता है

4-हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह कौनसा है?

जवाब- सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति है

5-GST सबसे पहले किस देश ने लगाई थी ?

जवाब- सबसे पहले GST फ्रांस ने लगाई थी

सुबह खाली पेट गर्म पानी पीने से क्या होता है, क्लिक कर जानें

यदि आप सुबह उठकर गर्म पानी पीते हैं तो यह बहुत अच्छी बात है, लेकिन अधिकतर लोग जागते ही चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं, अगर आपकी भी ऐसा करते है तो आपको जल्द ही अपनी आदत को बदल लेना चाहिए। एक अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमें कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। उसी तरह सुबह उठते ही गर्म पानी पीने के भी कई फायदे होते है।

सुबह गर्म पानी पीने के लाभ -

खाली पेट गर्म पानी से हमारा वजन नियंत्रित रहता है। जब आप सुबह उठते ही गर्म पानी पीते है तो इससे आपको कम भूख लगती है, जो वजन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वजन कम करने, गर्म पानी में शहद और नींबू का रस मिलकर पियें, इसके सेवन से वजन तेज़ी से कम होने लगता है।
यदि कब्ज की समस्या है तो आपको सुबह-सुबह गर्म पानी पीना चाहिए। इससे पुरानी कब्ज़ आसानी से साफ हो जाती हैं और साथ ही विषाक्त पदार्थ भी शरीर से बाहर निकल जाते हैं।
सुबह-सुबह गर्म पानी पाचन तंत्र में सुधार लाता है। इसके सेवन से हमारे शरीर में रक्त का प्रवाह भी संतुलित रहता है।
अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी तो हमे फॉलो जरूर करें ताकि आप हमारी सभी पोस्ट्स सबसे पहले प्राप्त कर सकें।

शादी के बाद महिलाएं क्यों पहनतीं हैं ‘बिछिया’, जानकर बाग-बाग हो जायेगा आपका दिल

बिछिया हर शादीशुदा महिला पहनती है। बिछिया महिला के शादीशुदा होने की निशानी है। साथ ही यह महिलाओं के सोलह श्रृंगार में से एक है। शादी के सात फेरों के बाद महिला को पैरों की उंगलियों में बिछिया पहनाई जाती है।

शादी के बाद महिला बिछिया तब तक पहनती है, जब तक उसका पति जीवित रहता है। यह उन श्रृंगार में से एक है, जिसे शादी के बाद ही किया जाता है।
यह कहना गलत नहीं होगा कि बिछिया हर शादीशुदा महिला के सुहाग की निशानी है। लेकिन क्या आपको पता है कि महिलाएं श्रृंगार के रूप में बिछिया क्यों पहनती हैं।
क्यों पहनी जाती है बिछिया
शरीर के अंतिम आभूषण के रूप में बिछिया पांव की उंगलियों में पहनी जाती है। महिलाएं इसे पैरों के बीच की तीन उंगलियो में पहनती हैं। बिछिया पहनना सिर्फ यह नहीं बताता कि महिला विवाहित है बल्कि इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी है।
यह है कारण
सेहत के लिहाज से देखा जाए तो दोनों पैरों की उंगलियों में बिछिया पहनने से मासिक चक्र नियमित रहता है। यह बात भारतीय वेदों में भी विदित है।
इसके अलावा बिछिया एक्यूप्रेशर का भी काम करती है। इससे तलवे से लेकर नाभि तक की सभी नाड़ियां और पेशियां सही रहती हैं।
प्रेग्नेंसी के लिए कारगर
बिछिया पहनने का कनेक्शन प्रेग्नेंसी से भी है। पैर की दूसरी अंगुली (अंगूठे के बगल वाली) की तन्त्रिका का सम्बन्ध गर्भाशय से होता है। साथ ही वह तंत्रिका हृदय से होकर गुजरती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से रहता है।
इतना ही नहीं पैरों में बिछिया पहनने से महिलाओं की प्रजनन क्षमता भी बढ़ती है। यह बात आयुर्वेद के मर्म चिकित्सा के अंतर्गत शामिल की गई है।
चांदी की ही बिछिया क्यों
पांव में हमेशा चांदी के ही आभूषण पहने जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि चाँदी एक अच्छी सुचालक है। यह पृथ्वी की ध्रुवीय ऊर्जा को सही करके शरीर तक पहुंचाती है, जिससे पूरा शरीर तरो-ताजा बना रहता है।

786 नंबर का मतलब क्या होता है,जानिए

इस्लाम धर्म में 786 शुंभ अंक माना जाता है, कहा जाता है कि यह अंक सिर्फ इस्लाम ही नहीं बल्कि हिंदू लोग भी मानते हैं|इस्लाम धर्म में 786 का मतलब बिस्मिल्लाह उर रहमान ए रहीम होता है लेकिन कुछ हिंदू यह मानते है कि 786 की संख्या ओम है|

वहीं ऐशिया के मुस्लिम के लिए यह अंक बहुत ही पवित्र माना जाता है|कुछ लोग इसे भाग्यशाली संख्या के रूप में मानते हैं, आपको बता दें कि यह नंबर 786 अल्लाह का प्रतीकात्मक मना जाता है लेकिन कोई भी इस्लामिक विद्वान इसे अब तक नहीं समझ पाया है क्योंकि इसका कुरान में कोई उल्लेख नहीं है |

इस्लाम में 786 संख्या का कोई सुराग नहीं है, पर फिर भी कई लोग बिस्मिल्लाह की नाम की जगह इस नंबर का उपयोग करते हैं|कहा जाता है कि बिस्मिल्ला अल रहमान अल रहम अरबी उर्दू में लिखा जाता है, लोग 786 को अल्लाह के नाम के स्थान पर इस्तेमाल करते हैं |

हरियाणा: आधार कार्ड की ओरिजिनल कॉपी मांगता रहा अस्‍पताल, तड़प-तड़प कर दम तोड़ गई कारगिल शहीद की विधवा

हरियाणा में एक निजी अस्पताल की संवेदनहीनता सामने आई है। यहां अस्पताल प्रबंधन की जिद के चलते एक शहीद की पत्नी की मौत हो गई, जिन्होंने अपने प्राण कारगिल युद्ध में देश के लिए न्यौछावर कर दिए थे। अस्पताल ने महिला को अपने यहां भर्ती तक नहीं किया। सिर्फ इसलिए, क्योंकि परिजन के पास उसके आधार कार्ड की ओरिजिनल कॉपी नहीं थी। परिजन की तरफ से मोबाइल पर आधार कार्ड की ई-कॉपी और आधार नंबर बताया गया। मगर अस्पताल ने उनका इलाज करने से मना कर दिया। परिवार का आरोप है कि अस्पताल के इस रवैये के कारण महिला ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। दूसरे अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हुई। यह मामला गुरुवार का है। सोनीपत के महलाना गांव में लक्ष्मण दास रहते थे। वह कारगिल युद्ध में देश के लिए शहीद हुए थे। उनकी पत्नी शकुंतला बीते कई दिनों से बीमार चल रही थीं। बेटा पवन उन्हें इलाज के लिए कई जगह ले गया। वह उन्हें सेना कार्यालय में ले गया, जहां उन्हें निजी अस्पताल में जाने की सलाह दी गई।
शकुंतला को इसके बाद यहां के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां अस्पताल ने उन्हें भर्ती करने तक से मना कर दिया। कारण थी आधार कार्ड की ओरिजिनल कॉपी। जी हां, यहां उनसे आधार कार्ड मांगा गया। परिजन ने मोबाइल में आधार की ई-कॉपी दिखाई। आधार नंबर बताया, मगर अस्पताल अपनी बात पर अड़ा रहा। महिला इस दौरान दर्द से तड़प रही थी। मगर अस्पताल ने उनकी हालत पर तरस न खाया। परिजन ने इस बात को लेकर विरोध जताया और महिला को भर्ती करने के लिए कहा तो पुलिस बुला ली गई। पुलिस मदद के बजाय उल्टा बेटे को धमकाने लगी। शकुंतला की हालत और बिगड़ते देख परिजन फौरन उन्हें दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे। मगर रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले को लेकर अपनी सफाई दी है। कहा है कि परिजन के हंगामे के चलते उसे पुलिस बुलानी पड़ी। जबकि, पीड़ित पक्ष ने बताया कि पुलिस ने मदद के बजाय उल्टा धमकाना शुरू किया था। अस्पताल के मुताबिक, वह इलाज के लिए तैयार था। मगर परिजन मरीज को इमरजेंसी वॉर्ड से बाहर ले गए। दूसरे अस्पताल ले जाते वक्त मौत हुई। अस्पताल पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन लोगों को पेपर वर्क पूरा करना पड़ता है। वे गंभीर अवस्था में मरीजों को फौरन भर्ती करते हैं।