रविवार, 12 मार्च 2017
घंटाघर मिरजापुर की शान
मिर्ज़ापुर के गुलाबी देशी पत्थरों पे की गयी अद्भुत महीन नक्काशियों से बना ये घंटाघर इस जैसा घंटा घर पुरे एशिया में दूसरा नहीं है इस कलात्मक घंटा घर को बनाने में मिर्ज़ापुर के कारीगरों ने अपनी कारीगरी का बखूबी इस्तमाल किया है. गुलाबी पत्थरो पर की गयी जटिल महीन नक्काशी जो वाकई काबिले तारीफ है एसी दुर्लभ नक्काशिया कम ही देखने को मिलती है. इस घंटा घर कि 100 फिट हैं और इसका निर्माण 31 मई 1991 में हुआ था इस के निर्माण की तिथि घंटाघर की आखिर मंजिल की खिडकियों पर अंकित है. उस समय इसके निर्माण में कुल खर्च 18000 रुपये आये थे. सबसे खास इस ईमारत की घडी है जिसे मिर्ज़ापुर की धड़कन बोला जाता है. इस की आवाज़ नगर के चारो ओर सुनाई पड़ती थी और लोगो को समय पता चलता था. लंदन के नियर्स स्टेट बैंक कंपनी द्वारा किया गया था खास बात यह है की घडी गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा चलटी हैं और इसमे कोई भी स्प्रिग आदि नहीं लगी है. काफी जटिल कारीगरी से बनाया गया है. और इस घडी का लगभग एक क्विंटल है
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